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भविष्य की चुनौतियों के अनुसार बनेगा आज का बजट: 2047 तक किस समस्या से जूझेगा हरियाणा, विभागों को अभी बताना होगा
Fri, 11 Sep 2026 09:44 AM IST
Naveen
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
Published by: Naveen
Updated Fri, 11 Sep 2026 09:44 AM IST
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सीएम नायब सैनी।
- फोटो : ANI
हरियाणा में अब विभागों को सिर्फ यह बताना काफी नहीं होगा कि मौजूदा बजट में पैसा कहां खर्च करना है। उन्हें यह भी बताना होगा कि वर्तमान की योजनाएं 2047 तक प्रदेश की जरूरतों को पूरा करने में कितनी कारगर रहेंगी। सरकार ने सभी विभागों से भविष्य में सामने आने वाली कम से कम एक बड़ी चुनौती चिन्हित कर उसका पूरा खाका तैयार करने के निर्देश जारी किए है।
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इस कवायद में विभागों को ऐसी समस्या चुननी होगी जिसका असर आने वाले वर्षों में सेवा व्यवस्था, बुनियादी ढांचे, तकनीक या संबंधित क्षेत्र पर पड़ सकता है। खास बात यह है कि रोजमर्रा की समस्याओं को इसमें शामिल नहीं किया जाएगा। चुनौती का हरियाणा विजन-2047 के लक्ष्य से जुड़ाव भी दिखाना होगा।
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दावा नहीं, आंकड़ों से होगी पहचान
विभागों को यह साबित करना होगा कि जिस समस्या को वे भविष्य की चुनौती मान रहे हैं, उसके पीछे ठोस आधार है। इसके लिए मौजूदा स्थिति, पिछले वर्षों के आंकड़े, प्रमुख संकेतक और बदलाव के रुझान जुटाने होंगे। जरूरत पड़ने पर दूसरे राज्यों या क्षेत्रों से तुलना भी करनी होगी। इसके बाद यह आकलन करना होगा कि समस्या आगे कितनी गंभीर हो सकती है और उससे कौन से नए जोखिम या अवसर पैदा होंगे।
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दो स्लाइड में देना होगा जवाब
हर विभाग को अपनी चुनी हुई चुनौती पर दो स्लाइड की प्रस्तुति तैयार करनी होगी। इसमें समस्या से लेकर उसके संभावित समाधान तक का संक्षिप्त खाका होगा। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने इस काम के लिए उप निदेशक सुरेंद्र सैनी को नोडल अधिकारी बनाया है। वहीं विभागों में प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण के लिए भी नोडल अधिकारियों की व्यवस्था की जा रही है।