{"_id":"68bf3e2d59a1e3a20f0b850d","slug":"the-government-will-give-compensation-of-15-thousand-per-acre-for-the-loss-of-crops-and-up-to-130-lakh-for-houses-mapping-will-also-be-done-by-drone-haryana-news-chandigarh-haryana-news-c-16-1-pkl1073-813480-2025-09-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandigarh-Haryana News: फसलों के नुकसान पर प्रति एकड़ 15 हजार व मकानों के लिए 1.30 लाख तक मुआवजा देगी सरकार, ड्रोन से भी होगी मैपिंग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandigarh-Haryana News: फसलों के नुकसान पर प्रति एकड़ 15 हजार व मकानों के लिए 1.30 लाख तक मुआवजा देगी सरकार, ड्रोन से भी होगी मैपिंग
विज्ञापन
-जलभराव से प्रभावित लोगों के लिए सीएम नायब सिंह सैनी ने तय की मुआवजा राशि, जलभराव वाले मकानों का होगा सर्वे
-5,385 गांवों में 15 लाख एकड़ फसल को हुआ है नुकसान, राहत उपायों के लिए तत्काल 3.26 करोड़ रुपये जारी किए
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा में भारी बारिश, जलभराव व नदियों के उफान से 15 लाख एकड़ के करीब फसल व सैकड़ों घरों को नुकसान पहुंचा है। सोमवार को सरकार ने प्रभावित लोगों के लिए मुआवजे की राशि तय की है। सरकार खरीफ की फसल को हुए नुकसान के लिए प्रति एकड़ सात हजार रुपये से 15 हजार रुपये तक मुआवजा देगी। यह राशि जिला प्रशासन द्वारा गिरदावारी करवाए जाने के बाद जारी होगी।
इसके अलावा मैदानी इलाकों में पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए मकान के लिए 1.20 लाख रुपये व पहाड़ी क्षेत्र के लिए 1.30 लाख रुपये देगी। मकानों को अगर 15 फीसदी तक नुकसान पहुंचा है तो पक्के मकान के लिए दस हजार व कच्चे मकान के लिए पांच हजार रुपये मिलेगा।
मुआवजा राशि तय करने के लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार को मंत्रियों के साथ अनौपचारिक बैठक की। इसके बाद सभी उपायुक्तों को निर्देश दिए कि जलभराव वाले क्षेत्रों में गिरे या आंशिक नुकसान वाले मकानों का सर्वे करवाया जाए। जो परिवार 20 वर्षों से पंचायती जमीन या इस प्रकार की अन्य जमीन पर काबिज हैं, उनके मकानों को भी यदि नुकसान हुआ है तो उनकी भी सूची तैयार की जाए। सरकार उनको भी आर्थिक सहायता प्रदान करेगी।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री ने कहा पिछले 2 दिनों में उन्होंने जलभराव वाले गांवों में जाकर स्थिति का जायजा लिया है और लोगों से बात भी की है। सबसे ज्यादा नुकसान नरमा, धान व बाजरा की फसलों को नुकसान हुआ है। उन्होंने अधिकारियों को इसके लिए ड्रोन से भी मैपिंग करवाने की निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्थिति नियंत्रण में है और अधिकारी व कर्मचारी मुस्तैदी से लोगों को आवश्यक सुविधाएं व सहायता पहुंचा रहे हैं।
एक महीने का वेतन राहत कोष में दें विधायक
सीएम ने मंत्रियों, पार्टी व समर्थित विधायकों से अनुरोध किया है कि वे अपने एक माह का वेतन मुख्यमंत्री राहत कोष में दें, ताकि बचाव और पुनर्वास कार्यों को गति प्रदान करते हुए परिवारों को त्वरित राहत प्रदान की जा सके। अधिकारियों एवं कर्मचारियों से भी आग्रह किया कि इच्छा अनुसार मुख्यमंत्री राहत कोष में मदद करें।
सरकार ने माना-अब तक 13 की हुई मौत
बारिश के बाद मकान ढहने से अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें फतेहाबाद में चार, भिवानी में तीन, कुरुक्षेत्र-यमुनानगर में दो-दो, हिसार और फरीदाबाद में एक-एक व्यक्ति शामिल है। मृतकों के परिजनों को सरकार 52 लाख की राशि भेजी जा चुकी है। घायलों को भी मदद के लिए दो-दो लाख रुपये दिए गए हैं।
15 तक खुला रहेगा क्षतिपूर्ति पोर्टल
सीएम ने कहा कि क्षतिपूर्ति पोर्टल 15 सितंबर तक खुला रहेगा। अब तक क्षतिपूर्ति पोर्टल पर प्रदेश में 5,385 गांवों के 2,65,533 किसानों ने 15 लाख 65 हजार एकड़ क्षेत्र पर नुकसान का ब्योरा दर्ज करवाया है। उन्होंने बताया कि तत्काल राहत उपायों के लिए सरकार ने जिलों को आरक्षित निधि के रूप में कुल तीन करोड़ 26 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की है। इसका इस्तेमाल प्रभावित लोगों को भोजन, वस्त्र, अस्थायी आश्रय, तंबू, पशुओं के लिए चारा और पेट्रोल, डीजल व अन्य ईंधन समेत अन्य आवश्यक वस्तुओं, राहत सामग्री के परिवहन और ग्रामीण क्षेत्रों में जल निकासी कार्यों के लिए किया जा रहा है।
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -
मुआवजे के रुपये में इतनी मदद करेगी सरकार
आपदा में मृत्यु होने पर चार लाख
अंग हानि (40–60%) 74 हजार
अंग हानि (60% से अधिक) 2.50 लाख रुपये
-- -- -- -- -- --
गांव में दुकान/संस्थान/उद्योग को 100% हानि 1 लाख रुपये या वास्तविक हानि
व्यावसायिक हानि (1-5 लाख तक) 1.75 से 3.05 लाख रुपये (5 लाख से अधिक पर 3.05 लाख +10%)
-- -- -- -- -- --
दूधारू पशु हानि (भैंस, गाय, ऊंटनी) 37,500 रुपये
भेड़/बकरी/सुअर 4000 रुपये
दूध न देने वाले पशु (ऊंट, घोड़ा, बैल) 32 हजार रुपये
मुर्गी पालन 10 हजार रुपये तक
विज्ञापन
-5,385 गांवों में 15 लाख एकड़ फसल को हुआ है नुकसान, राहत उपायों के लिए तत्काल 3.26 करोड़ रुपये जारी किए
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा में भारी बारिश, जलभराव व नदियों के उफान से 15 लाख एकड़ के करीब फसल व सैकड़ों घरों को नुकसान पहुंचा है। सोमवार को सरकार ने प्रभावित लोगों के लिए मुआवजे की राशि तय की है। सरकार खरीफ की फसल को हुए नुकसान के लिए प्रति एकड़ सात हजार रुपये से 15 हजार रुपये तक मुआवजा देगी। यह राशि जिला प्रशासन द्वारा गिरदावारी करवाए जाने के बाद जारी होगी।
इसके अलावा मैदानी इलाकों में पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए मकान के लिए 1.20 लाख रुपये व पहाड़ी क्षेत्र के लिए 1.30 लाख रुपये देगी। मकानों को अगर 15 फीसदी तक नुकसान पहुंचा है तो पक्के मकान के लिए दस हजार व कच्चे मकान के लिए पांच हजार रुपये मिलेगा।
विज्ञापन
मुआवजा राशि तय करने के लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार को मंत्रियों के साथ अनौपचारिक बैठक की। इसके बाद सभी उपायुक्तों को निर्देश दिए कि जलभराव वाले क्षेत्रों में गिरे या आंशिक नुकसान वाले मकानों का सर्वे करवाया जाए। जो परिवार 20 वर्षों से पंचायती जमीन या इस प्रकार की अन्य जमीन पर काबिज हैं, उनके मकानों को भी यदि नुकसान हुआ है तो उनकी भी सूची तैयार की जाए। सरकार उनको भी आर्थिक सहायता प्रदान करेगी।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री ने कहा पिछले 2 दिनों में उन्होंने जलभराव वाले गांवों में जाकर स्थिति का जायजा लिया है और लोगों से बात भी की है। सबसे ज्यादा नुकसान नरमा, धान व बाजरा की फसलों को नुकसान हुआ है। उन्होंने अधिकारियों को इसके लिए ड्रोन से भी मैपिंग करवाने की निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्थिति नियंत्रण में है और अधिकारी व कर्मचारी मुस्तैदी से लोगों को आवश्यक सुविधाएं व सहायता पहुंचा रहे हैं।
एक महीने का वेतन राहत कोष में दें विधायक
सीएम ने मंत्रियों, पार्टी व समर्थित विधायकों से अनुरोध किया है कि वे अपने एक माह का वेतन मुख्यमंत्री राहत कोष में दें, ताकि बचाव और पुनर्वास कार्यों को गति प्रदान करते हुए परिवारों को त्वरित राहत प्रदान की जा सके। अधिकारियों एवं कर्मचारियों से भी आग्रह किया कि इच्छा अनुसार मुख्यमंत्री राहत कोष में मदद करें।
सरकार ने माना-अब तक 13 की हुई मौत
बारिश के बाद मकान ढहने से अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें फतेहाबाद में चार, भिवानी में तीन, कुरुक्षेत्र-यमुनानगर में दो-दो, हिसार और फरीदाबाद में एक-एक व्यक्ति शामिल है। मृतकों के परिजनों को सरकार 52 लाख की राशि भेजी जा चुकी है। घायलों को भी मदद के लिए दो-दो लाख रुपये दिए गए हैं।
15 तक खुला रहेगा क्षतिपूर्ति पोर्टल
सीएम ने कहा कि क्षतिपूर्ति पोर्टल 15 सितंबर तक खुला रहेगा। अब तक क्षतिपूर्ति पोर्टल पर प्रदेश में 5,385 गांवों के 2,65,533 किसानों ने 15 लाख 65 हजार एकड़ क्षेत्र पर नुकसान का ब्योरा दर्ज करवाया है। उन्होंने बताया कि तत्काल राहत उपायों के लिए सरकार ने जिलों को आरक्षित निधि के रूप में कुल तीन करोड़ 26 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की है। इसका इस्तेमाल प्रभावित लोगों को भोजन, वस्त्र, अस्थायी आश्रय, तंबू, पशुओं के लिए चारा और पेट्रोल, डीजल व अन्य ईंधन समेत अन्य आवश्यक वस्तुओं, राहत सामग्री के परिवहन और ग्रामीण क्षेत्रों में जल निकासी कार्यों के लिए किया जा रहा है।
मुआवजे के रुपये में इतनी मदद करेगी सरकार
आपदा में मृत्यु होने पर चार लाख
अंग हानि (40–60%) 74 हजार
अंग हानि (60% से अधिक) 2.50 लाख रुपये
गांव में दुकान/संस्थान/उद्योग को 100% हानि 1 लाख रुपये या वास्तविक हानि
व्यावसायिक हानि (1-5 लाख तक) 1.75 से 3.05 लाख रुपये (5 लाख से अधिक पर 3.05 लाख +10%)
दूधारू पशु हानि (भैंस, गाय, ऊंटनी) 37,500 रुपये
भेड़/बकरी/सुअर 4000 रुपये
दूध न देने वाले पशु (ऊंट, घोड़ा, बैल) 32 हजार रुपये
मुर्गी पालन 10 हजार रुपये तक