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Chandigarh-Haryana News: पांच जिलों में आज से शुरू होगा बेसहारा गोवंश पकड़ने का अभियान
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-सोनीपत, जींद, पानीपत, कैथल और हिसार में गो सेवा आयोग की हो चुकी है बैठक
प्रदेश में 694 गोशालाएं, अभी भी सड़कों पर 30 हजार गोवंश मौजूद
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा में एक बार फिर से सड़क हादसों से निपटने के लिए सड़कों पर घूमने वाले बेसहारा गोवंश को पकड़ने का अभियान चलाया जाएगा। पशु पालन विभाग, सभी निकाय और गो सेवा आयोग संयुक्त रूप से अभियान चलाएंगे। गो सेवा आयोग ने गोवंश पकड़ने के लिए 5 जिलों में निकायों व स्थानीय प्रशासन के साथ वार्ता की है। 1 दिसंबर से पहले इन्हीं 5 जिलों में गोवंश पकड़ने का अभियान शुरू होगा। अगले चरण में शेष जिलों में काम होगा। प्रदेश में 87 निकाय हैं। सभी निकायों में सर्दियों में बेसहारा गोवंश पकड़ने का अभियान चलाया जाएगा। गो सेवा आयोग के चेयरमैन श्रवण गर्ग के मुताबिक, 1 दिसंबर से सोनीपत, जींद, पानीपत, कैथल और हिसार में अभियान चलाया जाएगा। यहां एजेंसी, गोशालाएं सड़कों से गोवंश पकड़ने का अभियान चलाएंगी। जो गोवंश पकड़े जाएंगे उन्हें गोशाला में छोड़ा जाएगा। स्थानीय पशु पालन की टीम टैगिंग करेंगी और टैग में गोशाला, निकाय, शहर और जिले का कोड दर्ज होगा। इसके साथ ही पशु पालन की टीम गोशाला में पहुंचने वाले प्रत्येक बेसहारा गोवंश के मुंह-खुरपका की वैक्सीन लगाएंगे। अभी भी प्रदेश की सड़कों पर करीब 30 से 35 हजार गोवंश हैं। 3 से 4 वर्ष पहले सड़कों पर डेढ़ से दो लाख तक गोवंश थे।
गाय के लिए 600 रुपये, नंदी के लिए 800 और गोवंश के छोटे बच्चों के लिए 300 रुपये तय
चेयरमैन श्रवण गर्ग के मुताबिक जो भी गोवंश पकड़कर गोशाला में छोड़े जाएंगे प्रति नंदी के लिए 800 रुपये, प्रति गाय के लिए 600 रुपये और गोवंश के प्रति बच्चे के लिए 300 रुपये मिलेंगे। प्रदेश में 694 पंजीकृत गोशालाएं हैं और इनमें करीब 4 लाख गोवंश हैं। 31 मार्च 2025 तक गोशाला संचालकों को 88.54 करोड़ रुपये का अनुदान दिया गया है। आगामी छह माह यानी अप्रैल से सितंबर तक के लिए आवेदन मांगे गए हैं और रविवार तक गोशाला संचालकों की तरफ से ब्योरा दर्ज कराया। अब सत्यापन के बाद गोशालाओं को अनुदान भेजा जाएगा।
सुप्रीम कोर्ट के भी आदेश, अब सख्ती से होगा काम
प्रदेश में सड़कों और राष्ट्रीय राजमार्गों पर घूमने वाले बेसहारा पशुओं को पकड़ने के लिए काम होगा। सुप्रीम कोर्ट ने बेसहारा पशुओं को पकड़कर गोशालाओं में छोड़ने के आदेश हैं। इसी तरह से शहरों से लेकर गांवों तक में घूमने वाले बेसहारा कुत्तों को पकड़कर आश्रय स्थल तक पहुंचाने के आदेश दिए गए हैं। यही कारण है कि शहरी स्थानीय निकाय विभाग, पशु पालन विभाग, राज्य परिवहन विभाग, स्वास्थ्य विभाग और हरियाणा गो सेवा आयोग संयुक्त रूप से अभियान चलाएंगे।
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प्रदेश में 694 गोशालाएं, अभी भी सड़कों पर 30 हजार गोवंश मौजूद
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा में एक बार फिर से सड़क हादसों से निपटने के लिए सड़कों पर घूमने वाले बेसहारा गोवंश को पकड़ने का अभियान चलाया जाएगा। पशु पालन विभाग, सभी निकाय और गो सेवा आयोग संयुक्त रूप से अभियान चलाएंगे। गो सेवा आयोग ने गोवंश पकड़ने के लिए 5 जिलों में निकायों व स्थानीय प्रशासन के साथ वार्ता की है। 1 दिसंबर से पहले इन्हीं 5 जिलों में गोवंश पकड़ने का अभियान शुरू होगा। अगले चरण में शेष जिलों में काम होगा। प्रदेश में 87 निकाय हैं। सभी निकायों में सर्दियों में बेसहारा गोवंश पकड़ने का अभियान चलाया जाएगा। गो सेवा आयोग के चेयरमैन श्रवण गर्ग के मुताबिक, 1 दिसंबर से सोनीपत, जींद, पानीपत, कैथल और हिसार में अभियान चलाया जाएगा। यहां एजेंसी, गोशालाएं सड़कों से गोवंश पकड़ने का अभियान चलाएंगी। जो गोवंश पकड़े जाएंगे उन्हें गोशाला में छोड़ा जाएगा। स्थानीय पशु पालन की टीम टैगिंग करेंगी और टैग में गोशाला, निकाय, शहर और जिले का कोड दर्ज होगा। इसके साथ ही पशु पालन की टीम गोशाला में पहुंचने वाले प्रत्येक बेसहारा गोवंश के मुंह-खुरपका की वैक्सीन लगाएंगे। अभी भी प्रदेश की सड़कों पर करीब 30 से 35 हजार गोवंश हैं। 3 से 4 वर्ष पहले सड़कों पर डेढ़ से दो लाख तक गोवंश थे।
गाय के लिए 600 रुपये, नंदी के लिए 800 और गोवंश के छोटे बच्चों के लिए 300 रुपये तय
चेयरमैन श्रवण गर्ग के मुताबिक जो भी गोवंश पकड़कर गोशाला में छोड़े जाएंगे प्रति नंदी के लिए 800 रुपये, प्रति गाय के लिए 600 रुपये और गोवंश के प्रति बच्चे के लिए 300 रुपये मिलेंगे। प्रदेश में 694 पंजीकृत गोशालाएं हैं और इनमें करीब 4 लाख गोवंश हैं। 31 मार्च 2025 तक गोशाला संचालकों को 88.54 करोड़ रुपये का अनुदान दिया गया है। आगामी छह माह यानी अप्रैल से सितंबर तक के लिए आवेदन मांगे गए हैं और रविवार तक गोशाला संचालकों की तरफ से ब्योरा दर्ज कराया। अब सत्यापन के बाद गोशालाओं को अनुदान भेजा जाएगा।
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सुप्रीम कोर्ट के भी आदेश, अब सख्ती से होगा काम
प्रदेश में सड़कों और राष्ट्रीय राजमार्गों पर घूमने वाले बेसहारा पशुओं को पकड़ने के लिए काम होगा। सुप्रीम कोर्ट ने बेसहारा पशुओं को पकड़कर गोशालाओं में छोड़ने के आदेश हैं। इसी तरह से शहरों से लेकर गांवों तक में घूमने वाले बेसहारा कुत्तों को पकड़कर आश्रय स्थल तक पहुंचाने के आदेश दिए गए हैं। यही कारण है कि शहरी स्थानीय निकाय विभाग, पशु पालन विभाग, राज्य परिवहन विभाग, स्वास्थ्य विभाग और हरियाणा गो सेवा आयोग संयुक्त रूप से अभियान चलाएंगे।
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