विश्व टीबी दिवस: हरियाणा में सात साल में टीबी के मरीज 125 फीसदी बढ़े, इन रोगों से ग्रस्त लोगों को ज्यादा खतरा
हरियाणा में मरीजों की संख्या बीते तीन से चार साल में बढ़ी है। इसके बारे में स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि पहले टीबी की जांच कम थी। अब इसका दायरा बढ़ा है। इस वजह से मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है।
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हरियाणा में टीबी के मरीजों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। बीते सात साल में टीबी के केस 125 फीसदी से ज्यादा बढ़े हैं। स्वास्थ्य विभाग ने टीबी मरीजों की जांच में पाया है कि जो मरीज डायबिटीज व एचआईवी व सिगरेट पीने के आदी है, उनमें टीबी का रोग ज्यादा मिला है। दरअसल ऐसे लोगों में शारीरिक प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है। इसकी वजह से वह टीबी रोग से जल्द ग्रस्त होते हैं।
वहीं, जो मरीज टीबी मरीज के संपर्क में आते हैं, उनमें भी टीबी होने की संभावना ज्यादा होती है। इसीलिए पिछले दिनों में जो 100 दिन टीबी का अभियान शुरू किया गया था, उनमें इन्हीं मरीजों की जांच की गई, ताकि उनकी पहचान कर उनका तुरंत इलाज किया जाए। हरियाणा में 2017 में टीबी के केस 38,444 दर्ज किए थे। 2024 में टीबी के मरीजों की संख्या 86,704 पहुंच गई। मरीजों की संख्या बीते तीन से चार साल में तेजी से बढ़ी है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग का तर्क है कि पहले जांच सीमित थी। बीते तीन-चार साल में जांच का दायरा बढ़ा है। इस वजह से मरीज बढ़े हैं। 2022 में कुल 31,632 मरीजों की जांच हुई थी। इसके अगले साल मरीजों की जांच का दायरा दोगुना किया गया। 2023 में 6,16,000 मरीजों की जांच की गई। अगले साल 7,19,900 मरीजों को जांच हुई।
100 दिन में 22,867 मरीज मिले
हरियाणा समेत कई राज्यों में 100 दिन का टीबी जांच का विशेष अभियान शुरू किया गया था। हरियाणा में 33,85,275 लोगों की जांच का लक्ष्य रखा गया था। ये वे लोग थे, जो डायबिटीज या एचआईवी संक्रमित हैं या टीबी मरीजों के संपर्क में या पड़ोस में रहने वाले थे। हालांकि हरियाणा में 100 दिन में लक्ष्य से 133 फीसदी ज्यादा 45,00,707 लोगों की जांच की गई। इस दौरान हरियाणा में कुल 22,867 टीबी के मरीज मिले। स्वास्थ्य विभाग का कहना था कि इन मरीजों की जांच इसलिए जरूरी थी कि यदि इन मरीजों की समय पर पहचान कर ली जाए तो केसों को आगे बढ़ने से रोका जा सकता है। दरअसल एक टीबी मरीज साल में दस नए लोगों को रोगग्रस्त कर सकता है। इसलिए 100 दिन में उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में ही फोकस किया गया।
एक साल में 30 फीसदी पंचायतों को टीबी मुक्त करने का लक्ष्य
टीबी हेल्थ सर्विसेज के निदेशक डॉ. ब्रह्मदीप सिंह ने बताया, हमारा लक्ष्य टीबी को हरियाणा से पूरी तरह से खत्म करना है। इसके लिए स्वास्थ्य मंत्री आरती राव, प्रधान सचिव सुधीर राजपाल, निदेशक डॉ. मनीष बंसल व डॉ. कुलदीप सिंह के नेतृत्व में नए वित्तीय वर्ष 2025-2026 में 30 फीसदी यानी 1806 ग्राम पंचायत को टीबी मुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है। इस दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है।
टीबी खत्म करने की मजबूत तैयारी
डॉ. ब्रह्मदीप का मानना है कि टीबी को खत्म करने के लिए समय पर जांच जरूरी है। इसके लिए हरियाणा मजबूत तैयारी में जुटा हुआ है। राज्य के गुरुग्राम, झज्जर और सिरसा में केंद्रीय टीबी डिवीजन की ओर से छह पैथोडिटेक्ट मशीनें प्राप्त होंगी, जो 90 मिनट में 16 मरीजों की जांच करने में सक्षम होंगी। हरियाणा एक मात्र ऐसा राज्य है, जिसके प्रत्येक जिले में एक हैंड होल्ड मशीन हैं, जो प्रति शिविर 100 एक्सरे करने में सक्षम है। हरियाणा अगले दो हफ्ते में 22 हैंड होल्ड एक्सरे मशीन खरीदने जा रहा है। हरियाणा ने पिछले 100 दिन में 1,04,311 एक्सरे किए हैं।
वर्ष वार प्रदेश में टीबी मरीजों की संख्या
साल मरीज
2017 38,444
2018 59,519
2019 72,388
2020 62,261
2021 68,463
2022 78,496
2023 79,007
2024 86,704