पंजाब विधानसभा: वित्त मंत्री चीमा- गांवों में जाकर लोगों की समस्याएं सुनेंगे डीसी, फीडबैक लिया जाएगा
पंजाब विधानसभा में बजट सत्र चल रहा है। वीरवार को संत सीचेवाल को लेकर नेता प्रतिपक्ष की तरफ की गई टिप्पणी पर खूब हंगामा हुआ था। आप और कांग्रेस विधायकों में तीखी नोक-झोंक हुई थी।
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पंजाब विधानसभा सत्र का शुक्रवार को सेशन शुरू हो गया है। पंजाब कांग्रेस विधायक प्रगट सिंह ने शून्यकाल में कहा कि दिल्ली से आए अफसर चंडीगढ़ पुलिस में पंजाब कैडर के अफसरों की पावर खत्म करने में लगे हैं। चंडीगढ़ का एसएसपी पंजाब कैडर का होता है। मौजूदा दिल्ली से आए अफसर एसएसपी की पावर खत्म करने और इस पोस्ट को अन्य कैडर को देने के बात कर रहे हैं। वही विधायक प्रगट सिंह ने पूछा कि क्या पंजाब सरकार की तरफ से दिल्ली सरकार के साथ हुए नॉलेज शेयरिंग एमओयू जारी रहेगा।
वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने बताया कि पंजाब के सभी जिलों के डीसी को आदेश जारी किया है, जिसमें सरकार ने निर्देश दिए हैं कि प्रदेश के हर गांव में जाकर लोगों की समस्याओं सुननी है। मुख्यमंत्री के आदेशों पर मुख्य सचिव की तरफ से ये निर्देश दिए गए हैं। अधिकतर समस्याएं मौके पर ही हल हो जाती हैं। सप्ताह में चार दिन गांवों में जाकर लोगों कि समस्याएं सुनेंगे। तीन या चार स्पॉट चिन्हित करेंगे, जहां से लोगों का फीडबैक लिया जाएगा।
मंत्री चीमा ने बताया कि लोगों के घर में जाकर मिलने के साथ ही गांवों में लोगों की समस्याएं जानी जाएगी। डीसी की तरफ से सभी डाटा एकत्रित किया जाएगा और जिस विभाग से वह समस्या संबंधित होगी, उस विभाग से इन समस्याओं को हल करवाया जाएगा। इस संबंधित शिकायतकर्ता को भी सूचित किया जाएगा। साथ ही इन रिपोर्ट पर तयसीमा में एक्शन सुनिश्चित लिया जाएगा।
सीचेवाल पर टिप्पणी के खिलाफ सदन में हंगामा, नारेबाजी
इससे पहले वीरवार को पंजाब विधानसभा में संत बलबीर सिंह सीचेवाल के खिलाफ टिप्पणी पर पंजाब विधानसभा में जमकर हंगामा हुआ। शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस बाजवा के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पेश किया गया, जिसे सर्वसम्मति से पास कर दिया गया। शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस ने कहा कि बाजवा के बयान से उनकी भावनाओं को ठेस पहुंची है। संत सीचेवाल ने 160 किलोमीटर लंबी काली बेईं नदी को साफ किया है। पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम भी उनके कार्य को देखने आए थे और उन्होंने इसकी सराहना भी की थी। उन्हें पद्म श्री पुरस्कार से नवाजा गया है। इस तरह की बयानबाजी एक संत के लिए करना गलत है, जिसका वह कड़ा विरोध करते हैं। इसके बाद ही वह बाजवा के बयान के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लेकर आए, जिसे पास कर दिया गया।माफी मांगने की मांग
नकोदर की विधायक इंद्रजीत कौर ने सदन में यह मामला उठाया था। उन्होंने कहा कि प्रताप सिंह बाजवा की उपस्थिति और उनके बयान पर आपत्ति है। उन्होंने कहा कि संत सीचेवाल को लेकर गलत बयान दिया है और उन्हें इसके लिए माफी मांगनी चाहिए। स्पीकर ने कहा कि किसी के बयान पर आपत्ति हो सकती है, लेकिन उनकी उपस्थिति पर सवाल नहीं उठाया जा सकता है। प्रताप सिंह बाजवा ने अपने बयान पर कायम रहते हुए कहा कि वे इस मुद्दे पर कोई सफाई नहीं देंगे।
आम आदमी पार्टी (आप) के विधायकों ने कहा कि कांग्रेस को यह साफ करना चाहिए कि यह पार्टी का बयान है या फिर सिर्फ बाजवा का व्यक्तिगत बयान है। इस दौरान मंत्री अमन अरोड़ा और वित्तमंत्री हरपाल सिंह चीमा ने भी कांग्रेस पर हमला बोला। वित्तमंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि कांग्रेस के पास बजट पर चर्चा के लिए कोई ठोस मुद्दा नहीं है, इसलिए वे बहस से बच रहे हैं।