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Hindi News ›   Haryana ›   Chandigarh-Haryana News ›   Protests against the new teacher transfer policy begin even before it is implemented.

Chandigarh-Haryana News: लागू होने से पहले ही नई शिक्षक तबादला नीति का विरोध शुरू

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- फीडर कैडर अनुभव, कपल केस, अविवाहित महिला कर्मचारियों को अंक देने समेत कई मुद्दों पर शिक्षक उठा रहे सवाल
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा सरकार की प्रस्तावित नई शिक्षक तबादला नीति का लागू होने से पहले ही शिक्षक संगठनों ने विरोध शुरू कर दिया है। विभिन्न शिक्षक व कर्मचारी संगठनों ने नीति के कई प्रावधानों पर आपत्ति जताते हुए सरकार से संशोधन की मांग उठाई है। उनका कहना है कि आपत्तियों का समाधान नहीं किया गया तो तबादला प्रक्रिया को लेकर व्यापक असंतोष पैदा हो सकता है।

शिक्षक संगठनों की सबसे बड़ी आपत्ति फीडर कैडर के अनुभव को अंक न दिए जाने पर है। उनका कहना है कि पदोन्नति से पहले वर्षों तक दी गई सेवाओं को नजरअंदाज करना शिक्षकों के अनुभव और योगदान का अनादर है। इसी तरह पदोन्नति के बाद केवल वर्तमान पद का अनुभव गिने जाने पर भी सवाल उठाए गए हैं। संगठनों का तर्क है कि 20 से 30 वर्ष की कुल सेवा देने वाले कर्मचारी अनुभव अंकों में पीछे चले जाएंगे।
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इसके अलावा कपल केस में दोनों कर्मचारियों को अंक देने की मांग उठाई गई है। तर्क है कि यदि पति-पत्नी दोनों सरकारी सेवा में हैं तो दोनों को समान लाभ मिलना चाहिए। वहीं 40 वर्ष से अधिक आयु की अविवाहित महिला कर्मचारियों को विशेष अंक नहीं दिए जाने पर भी आपत्ति दर्ज कराई गई है। शिक्षकों ने वार्षिक परीक्षा परिणामों को तबादला प्रक्रिया में वरीयता नहीं मिलने को भी बड़ी कमी बताया है। मांग है कि बेहतर शैक्षणिक परिणाम देने वाले शिक्षकों को प्रोत्साहन मिलना चाहिए।
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हरियाणा स्कूल लेक्चरर एसोसिएशन (हसला) के राज्य प्रधान सतपाल सिंधु ने कहा कि नीति का ड्राफ्ट तैयार करते समय शिक्षक संगठनों से कोई सुझाव या राय नहीं ली गई जिससे शिक्षकों को कई व्यावहारिक समस्याएं आ सकती है। हसला ने सरकार से मांग की है कि नीति लागू करते समय शिक्षकों के हितों का ध्यान रखा जाए। माध्यमिक शिक्षा निदेशक जितेंद्र दहिया के मुताबिक न्यायालय के निर्देशानुसार नीति में संशोधन किया गया है। अभी बदलाव की गुंजाइश नहीं है लेकिन भविष्य में कभी नीति में किसी तरह का बदलाव होने पर आपत्तियों पर विचार होगा।
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