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Haryana: शिक्षकों की मांगों को लेकर आठ नवंबर को प्रदर्शन, शिक्षा मंत्री के कार्यालय का होगा घेराव
Thu, 23 Oct 2025 12:59 PM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Thu, 23 Oct 2025 12:59 PM IST
सार
संघ की ऑनलाइन बैठक राज्य प्रधान प्रभु सिंह की अध्यक्षता में हुई, जिसमें ट्रांसफर नीति को तर्कसंगत बनाने, लंबित एसीपी लाभ देने जैसी कई मांगें उठाई गई।
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Protest (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : Adobe Stock
विस्तार
हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ (संबंध सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा एवं स्कूल टीचर फेडरेशन ऑफ इंडिया) ने शिक्षकों से जुड़ी लंबित मांगों को लेकर आंदोलन तेज करने का एलान किया है। संघ ने 7 नवंबर तक सभी जिलों में विरोध प्रदर्शन और 8 नवंबर को पानीपत में शिक्षा मंत्री के कैंप कार्यालय पर राज्यस्तरीय रोष प्रदर्शन करने की घोषणा की है।
संघ की ऑनलाइन बैठक राज्य प्रधान प्रभु सिंह की अध्यक्षता में हुई, जिसमें ट्रांसफर नीति को तर्कसंगत बनाने, लंबित एसीपी लाभ देने, कैशलेस मेडिकल सुविधा शिक्षकों व अभिभावकों को देने और 30 हजार से अधिक खाली शिक्षकीय पदों पर नियमित भर्ती की मांग उठाई गई।
बैठक में यह भी कहा गया कि चिराग योजना को तुरंत बंद किया जाए और अध्यापकों से गैर-शैक्षणिक कार्य लेना रोका जाए। संघ ने शिक्षा पर बजट बढ़ाने, पुरानी पेंशन बहाली, अतिथि व संविदा शिक्षकों के नियमितीकरण और प्राथमिक अध्यापकों का वेतनमान 39,900 से शुरू करने की भी मांग रखी। संघ ने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने शिक्षकों की मांगें नहीं मानीं, तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा।
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संघ की ऑनलाइन बैठक राज्य प्रधान प्रभु सिंह की अध्यक्षता में हुई, जिसमें ट्रांसफर नीति को तर्कसंगत बनाने, लंबित एसीपी लाभ देने, कैशलेस मेडिकल सुविधा शिक्षकों व अभिभावकों को देने और 30 हजार से अधिक खाली शिक्षकीय पदों पर नियमित भर्ती की मांग उठाई गई।
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बैठक में यह भी कहा गया कि चिराग योजना को तुरंत बंद किया जाए और अध्यापकों से गैर-शैक्षणिक कार्य लेना रोका जाए। संघ ने शिक्षा पर बजट बढ़ाने, पुरानी पेंशन बहाली, अतिथि व संविदा शिक्षकों के नियमितीकरण और प्राथमिक अध्यापकों का वेतनमान 39,900 से शुरू करने की भी मांग रखी। संघ ने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने शिक्षकों की मांगें नहीं मानीं, तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा।
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