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Chandigarh-Haryana News: ड्रोन निर्माण व औद्योगिक क्षेत्रों के विस्तार की तैयारी
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- छह औद्योगिक मॉडल टाउनशिप के विस्तार का प्रस्ताव, 10 नई आईएमटी की योजना
- पुराने औद्योगिक क्षेत्रों के लिए 500 करोड़ रुपये का कोष
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा में ड्रोन निर्माण और औद्योगिक क्षेत्रों के विस्तार को लेकर प्रदेश सरकार ने अगले चरण की तैयारी शुरू कर दी है। चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार को उद्योग विभाग की समीक्षा बैठक में ड्रोन तकनीक में शोध बढ़ाने, स्टार्टअप और तकनीकी युवाओं को इससे जोड़ने के निर्देश दिए। साथ ही मौजूदा औद्योगिक मॉडल टाउनशिप (आईएमटी) के विस्तार और नई टाउनशिप विकसित करने की योजनाओं की समीक्षा की।
बैठक में उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित कुमार अग्रवाल और एचएसआईआईडीसी के प्रबंध निदेशक विनय प्रताप सिंह ने योजनाओं की जानकारी दी। मानेसर में करीब 4,000 एकड़, बावल में 3,300, रोहतक में 3,600, सोहना में 1,500, फरीदाबाद में 1,800 और खरखौदा में 3,200 एकड़ से अधिक क्षेत्र में आईएमटी विकसित हैं। विस्तार के प्रस्ताव में खरखौदा को करीब 5,800, कोसली को 5,000, बावल को 2,000, सोहना को 1,500 और फरीदाबाद-पलवल आईएमटी को करीब 9,000 एकड़ तक ले जाने की योजना है। इसके अलावा नारायणगढ़, अंबाला, जींद, मुरथल-गन्नौर और राई समेत 10 नई आईएमटी प्रस्तावित हैं।
आईएमटी में उद्योगों के लिए बिजली, पानी, सड़क, गोदाम, अस्पताल, आवास व श्रमिक छात्रावास जैसी सुविधाएं विकसित करने की योजना है। नवाचार और साझा सुविधा केंद्र भी प्रस्तावित हैं। औद्योगिक क्षेत्रों में प्रदूषित पानी के निस्तारण के लिए जीरो लिक्विड डिस्चार्ज व्यवस्था की संभावनाएं तलाशने के निर्देश दिए गए हैं।
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पुराने औद्योगिक क्षेत्रों के सुधार के लिए 500 करोड़ रुपये का सक्षम कोष बनाया गया है। इसके अलावा खरखौदा में करीब 800 एकड़ क्षेत्र में 18,000 करोड़ रुपये, सोहना में 178 एकड़ में 7,000 करोड़ रुपये और मानेसर में 37 एकड़ में 570 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्तावों की जानकारी बैठक में दी गई।
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- पुराने औद्योगिक क्षेत्रों के लिए 500 करोड़ रुपये का कोष
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा में ड्रोन निर्माण और औद्योगिक क्षेत्रों के विस्तार को लेकर प्रदेश सरकार ने अगले चरण की तैयारी शुरू कर दी है। चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार को उद्योग विभाग की समीक्षा बैठक में ड्रोन तकनीक में शोध बढ़ाने, स्टार्टअप और तकनीकी युवाओं को इससे जोड़ने के निर्देश दिए। साथ ही मौजूदा औद्योगिक मॉडल टाउनशिप (आईएमटी) के विस्तार और नई टाउनशिप विकसित करने की योजनाओं की समीक्षा की।
बैठक में उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित कुमार अग्रवाल और एचएसआईआईडीसी के प्रबंध निदेशक विनय प्रताप सिंह ने योजनाओं की जानकारी दी। मानेसर में करीब 4,000 एकड़, बावल में 3,300, रोहतक में 3,600, सोहना में 1,500, फरीदाबाद में 1,800 और खरखौदा में 3,200 एकड़ से अधिक क्षेत्र में आईएमटी विकसित हैं। विस्तार के प्रस्ताव में खरखौदा को करीब 5,800, कोसली को 5,000, बावल को 2,000, सोहना को 1,500 और फरीदाबाद-पलवल आईएमटी को करीब 9,000 एकड़ तक ले जाने की योजना है। इसके अलावा नारायणगढ़, अंबाला, जींद, मुरथल-गन्नौर और राई समेत 10 नई आईएमटी प्रस्तावित हैं।
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आईएमटी में उद्योगों के लिए बिजली, पानी, सड़क, गोदाम, अस्पताल, आवास व श्रमिक छात्रावास जैसी सुविधाएं विकसित करने की योजना है। नवाचार और साझा सुविधा केंद्र भी प्रस्तावित हैं। औद्योगिक क्षेत्रों में प्रदूषित पानी के निस्तारण के लिए जीरो लिक्विड डिस्चार्ज व्यवस्था की संभावनाएं तलाशने के निर्देश दिए गए हैं।
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पुराने औद्योगिक क्षेत्रों के सुधार के लिए 500 करोड़ रुपये का सक्षम कोष बनाया गया है। इसके अलावा खरखौदा में करीब 800 एकड़ क्षेत्र में 18,000 करोड़ रुपये, सोहना में 178 एकड़ में 7,000 करोड़ रुपये और मानेसर में 37 एकड़ में 570 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्तावों की जानकारी बैठक में दी गई।