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Hindi News ›   Haryana ›   Chandigarh-Haryana News ›   Pension not part of income, compensation to dependents of ex-Air Force personnel reduced.

Chandigarh-Haryana News: पेंशन आय का हिस्सा नहीं, पूर्व वायुसेना कर्मी के आश्रितों के मुआवजे में की कटौती

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एमएसीटी के मुआवजे के आकलन में हाईकोर्ट ने मानी गलती, बीमा कंपनी की अपील मंजूर
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चंडीगढ़। पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट ने सड़क दुर्घटना में मारे गए पूर्व वायुसेना कर्मी के परिजनों को मिलने वाली मुआवजा राशि में 55.8 लाख रुपये की कटौती की है। कोर्ट ने कहा कि दुर्घटना क्षतिपूर्ति की गणना में पेंशन को आय का हिस्सा नहीं माना जा सकता क्योंकि उसका दुर्घटना या उससे हुई मृत्यु से कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं है।



जस्टिस प्रमोद गोयल की एकल पीठ ने आईसीआईसीआई लोम्बार्ड जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड की अपील स्वीकार करते हुए कुरुक्षेत्र स्थित मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (एमएसीटी) के नौ जुलाई, 2023 के आदेश में संशोधन किया है। न्यायालय ने मुआवजा राशि को 77,24,440 से घटाकर 21,43,000 कर दिया है। मामला 2-3 अक्तूबर 2020 की रात को कुरुक्षेत्र स्थित खानपुर कोलियां के पास हुए हादसे से जुड़ा है। भारतीय वायुसेना से दो दिन पूर्व ही सेवानिवृत्त 41 साल के सतीश कुमार एम की माैत हो गई थी। सतीश अपनी मिनी बस चला रहे थे जो कथित रूप से लापरवाही से चलाई जा रही बोलेरो से टकरा गई। उनके परिवार में पत्नी, दो नाबालिग बच्चे और माता-पिता हैं।
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न्यायाधिकरण ने सतीश की आयु 40 वर्ष मानकर और उनकी मासिक पेंशन 38,544 को शामिल करते हुए 7.5 प्रतिशत ब्याज सहित 77.24 लाख का मुआवजा निर्धारित किया था। बीमा कंपनी ने इस निर्णय को चुनौती देते हुए कहा कि न्यायाधिकरण ने आयु, गुणक और भविष्य की संभावनाओं की गणना में गंभीर त्रुटि की है। कंपनी के अधिवक्ता ने दलील दी कि दस्तावेजों के अनुसार मृतक की वास्तविक आयु 41 वर्ष छह महीने थी, इसलिए सही गुणक 15 नहीं बल्कि 14 होना चाहिए। साथ ही भविष्य की संभावनाएं अधिकतम 25 प्रतिशत तक सीमित रहनी चाहिए थीं और पेंशन को अर्जित आय नहीं माना जा सकता।
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इन तर्कों को स्वीकार करते हुए जस्टिस गोयल ने कहा कि मृतक की आयु 41-45 वर्ष की श्रेणी में आती है। अतः 14 का गुणक और 25 प्रतिशत भविष्य संभावनाएं ही लागू होंगी। अदालत ने ट्रिब्यूनल की ओर से तय 12,000 मासिक काल्पनिक आय को बरकरार रखा और पुनर्गणना के बाद कुल मुआवजा 21.43 लाख तय किया जिसमें 18.9 लाख निर्भरता हानि और 2.33 लाख पारंपरिक मदों के लिए शामिल हैं। अदालत ने स्पष्ट किया कि पेंशन पारिवारिक लाभ है जिसका संबंध मृतक की सेवा अवधि से है न कि दुर्घटना से।
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