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Chandigarh-Haryana News: परमचक्र विजेता अग्निवीर को मिलेंगे दो करोड़ रुपये
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दूसरे सैनिक की तरह अग्निवीरों को भी वीरता पुरस्कार की राशि मिलेगी, हरियाणा सरकार देगी एकमुश्त राशि
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। युद्ध में वीरता का परिचय देने वाले अग्निवीरों को भी अब दूसरे सैनिकों की तरह वीरता पुरस्कार मिलने पर नकद सम्मान मिलेगा। हरियाणा सरकार परमवीर चक्र पाने वाले अग्निवीर को दो करोड़ रुपये, महावीर चक्र पाने वाले को एक करोड़, वीर चक्र पर 50 लाख, सेना पदक पर 21 लाख और वीरता पुरस्कार मिलने पर दस लाख रुपये की नकद राशि देगी। सैनिक व अर्ध सैनिक कल्याण विभाग ने एकमुश्त नकद पुरस्कार देने के नियमों को अधिसूचित कर दिया है। साथ ही स्पष्ट किया है कि एकमुश्त राशि के अतिरिक्त कोई अन्य लाभ नहीं दिया जाएगा। अगर किसी अन्य राज्य सरकार ने अग्निवीर को पुरस्कार के लिए अनुदान दिया तो उसे नकद पुरस्कार नहीं मिलेगा।
हरियाणा सरकार सैनिकों को पहले से ही वीरता राशि देती आ रही है। अब अग्निवीरों को भी इसमें शामिल किया गया है। इसके तहत, अब शांति के समय असाधारण साहस और शौर्य का प्रदर्शन करने पर अशोक चक्र विजेता अग्निवीर को एक करोड़, कीर्ति चक्र विजेता को 51 लाख, शौर्य चक्र विजेता को 31 लाख, सेना पदक विजेता को दस लाख, मेंशन इन डिस्पैच (वीरता) के लिए 7.50 लाख रुपये मिलेंगे। शांति काल के दौरान विशिष्ट कर्तव्य के लिए 1.75 लाख, राष्ट्रीय तटरक्षक मेडल पर 1.75 लाख व तटरक्षक मेडल के लिए 1.50 लाख रुपये दिए जाएंगे।
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बलिदान होने के बाद मिलने वाली राशि भी की तय, पत्नी-बच्चों व माता-पिता को मिलेगा बराबर हिस्सा
राज्य सरकार ने यह भी तय किया है कि अग्निवीर के बलिदान के बाद नकद राशि किसे और कितनी दी जाएगी। पति व पत्नी को केवल 35 फीसदी राशि मिलेगी। भले ही उसने पुनर्विवाह किया हो या नहीं। बाकी 35 फीसदी बच्चों और 30 फीसदी माता-पिता को मिलेंगे। मृतक पर आश्रित नहीं होने के बावजूद भी माता-पिता को यह राशि मिलेगी।
-अविवाहित बलिदानी अग्निवीर के मामले में माता-पिता को 50-50 फीसदी मिलेंगे।
-अगर उसकी कोई संतान नहीं है तो 50 फीसदी विधवा व बाकी 50 फीसदी माता-पिता को मिलेंगे।
-यदि माता-पिता जीवित नहीं है तो ऐसी स्थिति में 50 फीसदी विधवा व 50 फीसदी बच्चों को मिलेंगे।
-अविवाहित शहीद के माता-पिता जीवित नहीं है तो उसके भाई-बहन को राशि मिलेगी, बशर्ते वह मृतक पर आश्रित हों।
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बलिदान होने पर मिलेंगे एक करोड़
युद्ध या आतंकवादी व उग्रवादी झड़पों में कोई अग्निवीर बलिदान होता है तो राज्य सरकार उनके परिवार को एक करोड़ रुपये देगी। ढाई महीने पहले की गई इस घोषणा को भी सरकार ने अधिसूचित कर दिया है।
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। युद्ध में वीरता का परिचय देने वाले अग्निवीरों को भी अब दूसरे सैनिकों की तरह वीरता पुरस्कार मिलने पर नकद सम्मान मिलेगा। हरियाणा सरकार परमवीर चक्र पाने वाले अग्निवीर को दो करोड़ रुपये, महावीर चक्र पाने वाले को एक करोड़, वीर चक्र पर 50 लाख, सेना पदक पर 21 लाख और वीरता पुरस्कार मिलने पर दस लाख रुपये की नकद राशि देगी। सैनिक व अर्ध सैनिक कल्याण विभाग ने एकमुश्त नकद पुरस्कार देने के नियमों को अधिसूचित कर दिया है। साथ ही स्पष्ट किया है कि एकमुश्त राशि के अतिरिक्त कोई अन्य लाभ नहीं दिया जाएगा। अगर किसी अन्य राज्य सरकार ने अग्निवीर को पुरस्कार के लिए अनुदान दिया तो उसे नकद पुरस्कार नहीं मिलेगा।
हरियाणा सरकार सैनिकों को पहले से ही वीरता राशि देती आ रही है। अब अग्निवीरों को भी इसमें शामिल किया गया है। इसके तहत, अब शांति के समय असाधारण साहस और शौर्य का प्रदर्शन करने पर अशोक चक्र विजेता अग्निवीर को एक करोड़, कीर्ति चक्र विजेता को 51 लाख, शौर्य चक्र विजेता को 31 लाख, सेना पदक विजेता को दस लाख, मेंशन इन डिस्पैच (वीरता) के लिए 7.50 लाख रुपये मिलेंगे। शांति काल के दौरान विशिष्ट कर्तव्य के लिए 1.75 लाख, राष्ट्रीय तटरक्षक मेडल पर 1.75 लाख व तटरक्षक मेडल के लिए 1.50 लाख रुपये दिए जाएंगे।
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बलिदान होने के बाद मिलने वाली राशि भी की तय, पत्नी-बच्चों व माता-पिता को मिलेगा बराबर हिस्सा
राज्य सरकार ने यह भी तय किया है कि अग्निवीर के बलिदान के बाद नकद राशि किसे और कितनी दी जाएगी। पति व पत्नी को केवल 35 फीसदी राशि मिलेगी। भले ही उसने पुनर्विवाह किया हो या नहीं। बाकी 35 फीसदी बच्चों और 30 फीसदी माता-पिता को मिलेंगे। मृतक पर आश्रित नहीं होने के बावजूद भी माता-पिता को यह राशि मिलेगी।
-अविवाहित बलिदानी अग्निवीर के मामले में माता-पिता को 50-50 फीसदी मिलेंगे।
-अगर उसकी कोई संतान नहीं है तो 50 फीसदी विधवा व बाकी 50 फीसदी माता-पिता को मिलेंगे।
-यदि माता-पिता जीवित नहीं है तो ऐसी स्थिति में 50 फीसदी विधवा व 50 फीसदी बच्चों को मिलेंगे।
-अविवाहित शहीद के माता-पिता जीवित नहीं है तो उसके भाई-बहन को राशि मिलेगी, बशर्ते वह मृतक पर आश्रित हों।
बलिदान होने पर मिलेंगे एक करोड़
युद्ध या आतंकवादी व उग्रवादी झड़पों में कोई अग्निवीर बलिदान होता है तो राज्य सरकार उनके परिवार को एक करोड़ रुपये देगी। ढाई महीने पहले की गई इस घोषणा को भी सरकार ने अधिसूचित कर दिया है।