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Chandigarh-Haryana News: 7.22 लाख लोगों की जांच में 45 हजार से अधिक टीबी मरीज मिले
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घरेलू संपर्कों के बचाव इलाज में भी बड़ी छलांग, कवरेज 31 से बढ़कर 67 फीसदी
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा में टीबी की पहचान और रोकथाम के लिए चलाए गए विस्तारित अभियान में 7.22 लाख लोगों की जांच की गई जिसमें 45,090 मरीज सामने आए। अभियान के साथ ही टीबी मरीजों के संपर्क में रहने वाले परिवार के सदस्यों को संक्रमण से बचाने के लिए दिए जाने वाले इलाज का दायरा भी दोगुने से अधिक बढ़ा है। जून में 31 प्रतिशत रहा बचाव इलाज का कवरेज अब 67 प्रतिशत से अधिक हो गया है। स्वास्थ्य विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने वीरवार को राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए जिलावार प्रगति का जायजा लिया।
24 मार्च से 14 सितंबर तक चले अभियान में 5,221 जांच शिविर लगाए गए। इनमें 3,214 शिविर ज्यादा जोखिम वाले गांवों में आयोजित किए गए। 3.66 लाख लोगों के छाती के एक्स-रे व 2.15 लाख की तेज आणविक जांच की गई। टीबी मरीजों के संपर्क में रहने वाले पात्र घरेलू सदस्यों के बचाव इलाज में खास सुधार हुआ है। 14 सितंबर तक 47,322 पात्र घरेलू संपर्कों में से 31,580 को बचाव का इलाज दिया जा चुका था। इससे कवरेज 31 प्रतिशत से बढ़कर 67 प्रतिशत हो गया। 18 जिलों ने 50 प्रतिशत से अधिक कवरेज हासिल किया और कोई जिला रेड जोन में नहीं रहा। इसमें तीन महीने तक हर सप्ताह एक खुराक देने वाली 3-एचपी उपचार पद्धति का इस्तेमाल किया जा रहा है।
हर सीएचसी और उपमंडलीय अस्पताल में होगी टीबी इकाई
टीबी की जांच और इलाज लोगों के नजदीक पहुंचाने के लिए राज्य में टीबी सेवा नेटवर्क का विस्तार किया जा रहा है। अभी हरियाणा में 23 जिला टीबी केंद्र, 168 टीबी इकाइयां और 452 टीबी जांच केंद्र हैं। इसके अलावा 46 सीबी-नैट और 248 ट्रूनेट मशीनें उपलब्ध हैं। अब सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और उपमंडलीय अस्पतालों में टीबी इकाइयां स्थापित करने की योजना है। इससे मरीजों को घर के नजदीक ही जांच, बीमारी की पहचान, इलाज और बाद की निगरानी की सुविधा मिल सकेगी।
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा में टीबी की पहचान और रोकथाम के लिए चलाए गए विस्तारित अभियान में 7.22 लाख लोगों की जांच की गई जिसमें 45,090 मरीज सामने आए। अभियान के साथ ही टीबी मरीजों के संपर्क में रहने वाले परिवार के सदस्यों को संक्रमण से बचाने के लिए दिए जाने वाले इलाज का दायरा भी दोगुने से अधिक बढ़ा है। जून में 31 प्रतिशत रहा बचाव इलाज का कवरेज अब 67 प्रतिशत से अधिक हो गया है। स्वास्थ्य विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने वीरवार को राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए जिलावार प्रगति का जायजा लिया।
24 मार्च से 14 सितंबर तक चले अभियान में 5,221 जांच शिविर लगाए गए। इनमें 3,214 शिविर ज्यादा जोखिम वाले गांवों में आयोजित किए गए। 3.66 लाख लोगों के छाती के एक्स-रे व 2.15 लाख की तेज आणविक जांच की गई। टीबी मरीजों के संपर्क में रहने वाले पात्र घरेलू सदस्यों के बचाव इलाज में खास सुधार हुआ है। 14 सितंबर तक 47,322 पात्र घरेलू संपर्कों में से 31,580 को बचाव का इलाज दिया जा चुका था। इससे कवरेज 31 प्रतिशत से बढ़कर 67 प्रतिशत हो गया। 18 जिलों ने 50 प्रतिशत से अधिक कवरेज हासिल किया और कोई जिला रेड जोन में नहीं रहा। इसमें तीन महीने तक हर सप्ताह एक खुराक देने वाली 3-एचपी उपचार पद्धति का इस्तेमाल किया जा रहा है।
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हर सीएचसी और उपमंडलीय अस्पताल में होगी टीबी इकाई
टीबी की जांच और इलाज लोगों के नजदीक पहुंचाने के लिए राज्य में टीबी सेवा नेटवर्क का विस्तार किया जा रहा है। अभी हरियाणा में 23 जिला टीबी केंद्र, 168 टीबी इकाइयां और 452 टीबी जांच केंद्र हैं। इसके अलावा 46 सीबी-नैट और 248 ट्रूनेट मशीनें उपलब्ध हैं। अब सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और उपमंडलीय अस्पतालों में टीबी इकाइयां स्थापित करने की योजना है। इससे मरीजों को घर के नजदीक ही जांच, बीमारी की पहचान, इलाज और बाद की निगरानी की सुविधा मिल सकेगी।
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