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Chandigarh-Haryana News: अब मोबाइल पर प्रमाण पत्र डाउनलोड करने का लिंक भेजा जा रहा
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा में प्रमाण पत्र बनवाने के लिए सरल पोर्टल पर अभी भी आवेदकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अब आवेदकों को परेशानी से बचाने के लिए एक नया विकल्प तैयार किया है। एनआईसी (राष्ट्रीय सूचना केंद्र) के अधिकारियों के मुताबिक सरल पोर्टल के बजाय सीधे प्रमाण-पत्र डाउनलोड करने के लिए अब पंजीकृत मोबाइल पर मैसेज भेजे जा रहे हैं। जिन आवेदकों से 28 मई से एक जून तक आवेदन किया है और 100 प्रतिशत प्रमाण पत्र बनने का संदेश मिल गया है तो ऐसे आवेदक डाउनलोड लिंक का उपयोग करके प्रमाण पत्र प्राप्त कर सकते हैं।
एनआईसी के निदेशक (सरल) सतपाल शर्मा के मुताबिक सरल पोर्टल पर जिन्होंने प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आवेदन किए थे, उनके पंजीकृत मोबाइल पर एक मैसेज जाता है। उस मैसेज के लिंक पर आवेदक क्लिक करेंगे तो एक कैप्चा भरने का संदेश आएगा। सही कैप्चा भरने के बाद प्रमाण पत्र की पीडीएफ सामने आ जाएगी और इस तरह से आवेदकों को उनके प्रमाण पत्र मिल सकेंगे। आवेदक साहिल ने बताया कि उन्होंने बीसी श्रेणी का प्रमाण पत्र बनवाने के लिए 3-4 चार जून को आवेदन किया था। शनिवार की रात उनके मोबाइल पर डाउनलोड लिंक के माध्यम से प्रमाण पत्र निकालने का संदेश आया तो उन्होंने रविवार को प्रमाण पत्र निकाला।
रातभर जागे आवेदक, दिन में दो घंटे फिर से मेंटीनेंस के लिए डाउन रहा सरल
रोहतक के काॅमन सर्विस सेंटर (सीएससी) संचालक विनय का कहना है कि शनिवार की रात दो बजे से रविवार सुबह साढ़े चार बजे तक आवेदन के लिए बैठे रहे, लेकिन सरल पोर्टल की गति बेहद धीमी रही। आवेदक भी साथ बैठे रहे, कुछ आवेदकों से ओटीपी देर रात तक आने की बात कही गई थी। रविवार की शाम चार बजे से शाम छह बजे तक सरल पोर्टल मेंटीनेंस के लिए बंद रहा।
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माता-पिता का मृत्यु प्रमाण पत्र मांगा जा रहा
हिसार के सीएससी संचालक सतीश कुमार ने बताया कि ओबीसी-बीसी ए के प्रमाण-पत्र बनवाने के लिए आवेदन की प्रक्रिया बेहद धीमी है। यदि आवेदन के लिए ब्योरा भरने के बाद आगे बढ़ते हैं, तो सरल पोर्टल पर चार-पांच दिनों से माता-पिता का मृत्यु प्रमाण पत्र मांगा जा रहा है। ऐसे में जिन आवेदकों के माता-पिता जीवित हैं, उन्हें दिक्कत हो रही है। उन्हें आवेदन की प्रक्रिया बार-बार दोहरानी पड़ रही है। हिसार के ऋषिनगर निवासी वीरेंद्र ने बताया कि बीसी ए का प्रमाण पत्र बनवाने के लिए पांच दिनों से लगातार आवेदन कर रहा हूं लेकिन आवेदन में माता-पिता का मृत्यु प्रमाण-पत्र मांगा जा रहा है। हिसार के चंद्रकांत का दावा है कि 29 मई से आज तक उनका प्रमाण पत्र बनने के बजाय लंबित प्रक्रिया में ही दिख रहा है।
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सीईटी के आवेदन की तिथि बढ़ाए सरकार
हिसार के चंद्रकांत व ओम प्रकाश का कहना है कि सीईटी (संयुक्त पात्रता परीक्षा)-2025 के आवेदन के लिए ईडब्ल्यूएस (आर्थिक रूप से कमजोर), ओबीसी, बीसी-ए, रिहायशी प्रमाण पत्र आदि की आवश्यकता है। लेकिन प्रमाण पत्र नहीं बन पा रहे। यदि प्रमाण-पत्र देरी से बनेंगे तो सीईटी के आवेदन से सैकड़ों आवेदक वंचित रह जाएंगे। इसलिए सरकार को सीईटी के आवेदन की तिथि बढ़ानी चाहिए।
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चंडीगढ़। हरियाणा में प्रमाण पत्र बनवाने के लिए सरल पोर्टल पर अभी भी आवेदकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अब आवेदकों को परेशानी से बचाने के लिए एक नया विकल्प तैयार किया है। एनआईसी (राष्ट्रीय सूचना केंद्र) के अधिकारियों के मुताबिक सरल पोर्टल के बजाय सीधे प्रमाण-पत्र डाउनलोड करने के लिए अब पंजीकृत मोबाइल पर मैसेज भेजे जा रहे हैं। जिन आवेदकों से 28 मई से एक जून तक आवेदन किया है और 100 प्रतिशत प्रमाण पत्र बनने का संदेश मिल गया है तो ऐसे आवेदक डाउनलोड लिंक का उपयोग करके प्रमाण पत्र प्राप्त कर सकते हैं।
एनआईसी के निदेशक (सरल) सतपाल शर्मा के मुताबिक सरल पोर्टल पर जिन्होंने प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आवेदन किए थे, उनके पंजीकृत मोबाइल पर एक मैसेज जाता है। उस मैसेज के लिंक पर आवेदक क्लिक करेंगे तो एक कैप्चा भरने का संदेश आएगा। सही कैप्चा भरने के बाद प्रमाण पत्र की पीडीएफ सामने आ जाएगी और इस तरह से आवेदकों को उनके प्रमाण पत्र मिल सकेंगे। आवेदक साहिल ने बताया कि उन्होंने बीसी श्रेणी का प्रमाण पत्र बनवाने के लिए 3-4 चार जून को आवेदन किया था। शनिवार की रात उनके मोबाइल पर डाउनलोड लिंक के माध्यम से प्रमाण पत्र निकालने का संदेश आया तो उन्होंने रविवार को प्रमाण पत्र निकाला।
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रातभर जागे आवेदक, दिन में दो घंटे फिर से मेंटीनेंस के लिए डाउन रहा सरल
रोहतक के काॅमन सर्विस सेंटर (सीएससी) संचालक विनय का कहना है कि शनिवार की रात दो बजे से रविवार सुबह साढ़े चार बजे तक आवेदन के लिए बैठे रहे, लेकिन सरल पोर्टल की गति बेहद धीमी रही। आवेदक भी साथ बैठे रहे, कुछ आवेदकों से ओटीपी देर रात तक आने की बात कही गई थी। रविवार की शाम चार बजे से शाम छह बजे तक सरल पोर्टल मेंटीनेंस के लिए बंद रहा।
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माता-पिता का मृत्यु प्रमाण पत्र मांगा जा रहा
हिसार के सीएससी संचालक सतीश कुमार ने बताया कि ओबीसी-बीसी ए के प्रमाण-पत्र बनवाने के लिए आवेदन की प्रक्रिया बेहद धीमी है। यदि आवेदन के लिए ब्योरा भरने के बाद आगे बढ़ते हैं, तो सरल पोर्टल पर चार-पांच दिनों से माता-पिता का मृत्यु प्रमाण पत्र मांगा जा रहा है। ऐसे में जिन आवेदकों के माता-पिता जीवित हैं, उन्हें दिक्कत हो रही है। उन्हें आवेदन की प्रक्रिया बार-बार दोहरानी पड़ रही है। हिसार के ऋषिनगर निवासी वीरेंद्र ने बताया कि बीसी ए का प्रमाण पत्र बनवाने के लिए पांच दिनों से लगातार आवेदन कर रहा हूं लेकिन आवेदन में माता-पिता का मृत्यु प्रमाण-पत्र मांगा जा रहा है। हिसार के चंद्रकांत का दावा है कि 29 मई से आज तक उनका प्रमाण पत्र बनने के बजाय लंबित प्रक्रिया में ही दिख रहा है।
सीईटी के आवेदन की तिथि बढ़ाए सरकार
हिसार के चंद्रकांत व ओम प्रकाश का कहना है कि सीईटी (संयुक्त पात्रता परीक्षा)-2025 के आवेदन के लिए ईडब्ल्यूएस (आर्थिक रूप से कमजोर), ओबीसी, बीसी-ए, रिहायशी प्रमाण पत्र आदि की आवश्यकता है। लेकिन प्रमाण पत्र नहीं बन पा रहे। यदि प्रमाण-पत्र देरी से बनेंगे तो सीईटी के आवेदन से सैकड़ों आवेदक वंचित रह जाएंगे। इसलिए सरकार को सीईटी के आवेदन की तिथि बढ़ानी चाहिए।