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Chandigarh-Haryana News: बच्चों से जुड़े संस्थानों में लोगों की वेरिफिकेशन की मांग पर हरियाणा सरकार को नोटिस
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-जनहित याचिका के माध्यम से हाईकोर्ट में उठाया गया पोक्सो एक्ट के सही पालन न हाेने का मुद्दा
-मोहाली निवासी एडवोकेट कुंवर पाहुल सिंह ने हाईकोर्ट में दाखिल की है जनहित याचिका
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। बच्चोंं को बाल अपराध से बचाने के लिए बनाए गए केंद्रीय कानून पोक्सो एक्ट के प्रावधानों का सही पालन न होने के चलते अपराधों की संख्या बढ़ने का हवाला देते हुए पंंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की गई है। हाईकोर्ट ने बच्चों से जुड़े संस्थानों में काम करने वालों की नियमित पुलिस वेरिफिकेशन की मांग पर यूटी प्रशासन व हरियाणा सरकार को नोटिस जारी किया है। इससे पहले कोर्ट केंद्र व पंजाब सरकार को नोटिस जारी कर चुका है।
याचिका दाखिल करते हुए मोहाली निवासी कुंवर पाहुल सिंह ने हाईकोर्ट को बताया कि बच्चों को अपराधियों का शिकार होने से बचाने के लिए पोक्सो एक्ट बनाया गया था। इस एक्ट के तहत बच्चों को इन अपराधों के प्रति जागरूक करने और उनके सिलेबस में इसे शामिल किया जाना चाहिए। इसके साथ ही स्कूला, प्ले वे आदि में जो लोग काम करते हैं उनकी नियमित पुलिस वेरिफिकेशन होनी चाहिए। साथ ही वहां काम करने वाले लोगों के बैक ग्राउंड की भी जांच की जानी चाहिए। याची ने बीते दो साल में बच्चों से हुए दुष्कर्म के मामलों को लेकर प्रकाशित समाचार को भी अपनी याचिका के साथ संलग्न किया। याची ने कहा कि यदि एक्ट का सख्ती से पालन नहीं किया गया तो इसका उद़्देश्य ही समाप्त हो जाएगा जो बच्चों को इन अपराधों से बचाना है। याची ने कहा कि यदि आपराधिक प्रवृत्ति वाले व्यक्तियों की पहचान पहले ही कर ली जाए तो बच्चों को होने वाले अपराध से बचाया जा सकता है। याची ने कहा कि अक्सर बच्चों को यौन अपराधों का शिकार बनाने वाले उनके आस-पास के ही लोग होते हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने जनहित याचिका पर यूटी प्रशासन व हरियाणा सरकार को नोटिस जारी करते हुए जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।
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-मोहाली निवासी एडवोकेट कुंवर पाहुल सिंह ने हाईकोर्ट में दाखिल की है जनहित याचिका
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। बच्चोंं को बाल अपराध से बचाने के लिए बनाए गए केंद्रीय कानून पोक्सो एक्ट के प्रावधानों का सही पालन न होने के चलते अपराधों की संख्या बढ़ने का हवाला देते हुए पंंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की गई है। हाईकोर्ट ने बच्चों से जुड़े संस्थानों में काम करने वालों की नियमित पुलिस वेरिफिकेशन की मांग पर यूटी प्रशासन व हरियाणा सरकार को नोटिस जारी किया है। इससे पहले कोर्ट केंद्र व पंजाब सरकार को नोटिस जारी कर चुका है।
याचिका दाखिल करते हुए मोहाली निवासी कुंवर पाहुल सिंह ने हाईकोर्ट को बताया कि बच्चों को अपराधियों का शिकार होने से बचाने के लिए पोक्सो एक्ट बनाया गया था। इस एक्ट के तहत बच्चों को इन अपराधों के प्रति जागरूक करने और उनके सिलेबस में इसे शामिल किया जाना चाहिए। इसके साथ ही स्कूला, प्ले वे आदि में जो लोग काम करते हैं उनकी नियमित पुलिस वेरिफिकेशन होनी चाहिए। साथ ही वहां काम करने वाले लोगों के बैक ग्राउंड की भी जांच की जानी चाहिए। याची ने बीते दो साल में बच्चों से हुए दुष्कर्म के मामलों को लेकर प्रकाशित समाचार को भी अपनी याचिका के साथ संलग्न किया। याची ने कहा कि यदि एक्ट का सख्ती से पालन नहीं किया गया तो इसका उद़्देश्य ही समाप्त हो जाएगा जो बच्चों को इन अपराधों से बचाना है। याची ने कहा कि यदि आपराधिक प्रवृत्ति वाले व्यक्तियों की पहचान पहले ही कर ली जाए तो बच्चों को होने वाले अपराध से बचाया जा सकता है। याची ने कहा कि अक्सर बच्चों को यौन अपराधों का शिकार बनाने वाले उनके आस-पास के ही लोग होते हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने जनहित याचिका पर यूटी प्रशासन व हरियाणा सरकार को नोटिस जारी करते हुए जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।
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