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नई शिक्षा नीति: हरियाणा के स्कूलों में लागू हुआ त्रिभाषाई फॉर्मूला, 9वीं और 10वीं कक्षा में अब होंगे सात विषय
Mon, 07 Apr 2025 06:22 PM IST
अंकेश ठाकुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: अंकेश ठाकुर
Updated Mon, 07 Apr 2025 06:22 PM IST
सार
हरियाणा के स्कूलों में त्रिभाषाई फॉर्मूला लागू कर दिया गया है। त्रिभाषा फार्मूले को नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में लाने की मांग भी चल रही थी। इसी कारण सरकार ने इसे लागू करने का फैसला किया है।
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स्कूल।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
हरियाणा में 9वीं व 10वीं के विद्यार्थियों के पाठ्यक्रम में बड़ा बदलाव किया गया है। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी ने मान्यता प्राप्त सभी सरकारी व गैर-सरकारी स्कूलों में कक्षा 9वीं व 10वीं में त्रिभाषाई फार्मूला लागू कर दिया है। ऐसे में अब छात्रों को संस्कृत, पंजाबी और उर्दू में एक विषय पढ़ना अनिवार्य होगा। वे तीनों में से एक विषय अपनी इच्छा के अनुसार ले सकते हैं।
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इस बारे में जानकारी देते हुए बोर्ड के अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) पवन कुमार ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत अब कक्षा 9वीं व 10वीं के विद्यार्थियों को छह अनिवार्य और एक वैकल्पिक विषय सहित सात विषय पढ़ने होंगे। उन्होंने बताया कि शिक्षा बोर्ड द्वारा नई शिक्षा नीति के तहत कक्षा नौवीं व दसवीं में शैक्षिक सत्र 2025-26 व 2026-27 से त्रि-भाषाई फॉर्मूला लागू करने का फैसला लिया गया है।
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उन्होंने बताया कि कक्षा नौवीं में अध्ययनरत सभी विद्यार्थियों को पूर्व में लागू दो अनिवार्य भाषा हिंदी व अंग्रेजी के अतिरिक्त तीसरी भाषा के रूप में संस्कृत/उर्दू/पंजाबी में से किसी एक भाषा को अनिवार्य भाषा के रूप में चयन करना आवश्यक होगा। इस प्रकार अब विद्यार्थियों को छह अनिवार्य विषयों एवं एक वैकल्पिक विषय सहित कुल सात विषयों का अध्ययन करना होगा। वहीं अगले शैक्षिक सत्र 2026-27 से कक्षा दसवीं के विद्यार्थियों को भी एक अतिरिक्त अनिवार्य विषय की पढ़ाई करनी होगी।
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उन्होंने बताया कि शिक्षा बोर्ड द्वारा प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को इस संदर्भ में आधिकारिक पत्र भी जारी कर दिया गया है, जिसमें निर्देशित किया गया है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड से सम्बद्धता प्राप्त सभी सरकारी व गैर-सरकारी विद्यालयों में कक्षा 9वीं व 10वीं में क्रमश: शैक्षिक सत्र 2025-26 व 2026-27 से त्रि-भाषाई सूत्र को लागू किया जाना है। उन्होंने बताया कि इस त्रि-भाषाई सूत्र के लागू होने से परीक्षा उत्तीर्णता मानदंड में होने वाले आवश्यक बदलाव बारे बाद में सूचित कर दिया जाएगा।