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मानसून फिर सक्रिय: नाै जिलों में हुई बारिश, कल-परसों का ऑरेंज अलर्ट
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सीजन में अब तक सामान्य से 27 फीसदी ज्यादा बरसात हो चुकी
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़/हिसार। प्रदेश में मानसून फिर से सक्रिय हो गया है। शुक्रवार को 9 जिलों में बारिश हुई। रोहतक में सबसे ज्यादा 84 एमएएम बारिश दर्ज की गई। माैसम विभाग ने पांच से नौ जुलाई तक बारिश की संभावना जताई गई है। छह व सात जुलाई को कई शहरों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इसके लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
आठ व नौ जुलाई को एक दो शहरों में भारी बारिश हो सकती है। मानसून सीजन में अब तक राज्य में 86 एमएम बारिश हो चुकी है, जो सामान्य से 27 फीसदी ज्यादा है। राज्य में मानसून ने 24 जुलाई को दस्तक दी थी लेकिन सक्रिय 28 जून को हुआ और लगातार तीन दिन अच्छी बारिश दर्ज की गई। बाद में मानसून कमजोर पड़ गया था। ब्यूरो
तापमान 40 डिग्री से कम था लेकिन हवा में नमी की मात्रा 65-70 फीसदी होने से लोग पसीने से तरबतर हो रहे थे। इससे मानसून सक्रिय होगा। राज्य में सबसे गर्म शहर सिरसा दर्ज किया गया, जहां अधिकतम तापमान 39.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।
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कुरुक्षेत्र में क्षतिग्रस्त बांध तीन बाद दुरुस्त फतेहाबाद में घग्गर का जलस्तर कम हुआ
करनाल। जीटी बेल्ट के यमुनानगर, कैथल, पानीपत और करनाल में शुक्रवार को हल्की बूंदाबांदी हुई। वहीं, कुरुक्षेत्र के नैंसी गांव में मंगलवार को मारकंडा नदी में आए उफान से क्षतिग्रस्त बांध तीन दिन बाद दुरुस्त कर दिया गया।
कुरुक्षेत्र में मारकंडा नदी में मंगलवार रात आए उफान में क्षतिग्रस्त बांध की मरम्मत नदी का जलस्तर पर घटने के बाद शुक्रवार को पूरी हो गई। नदी का बहाव शुक्रवार को 2000 क्यूसेक दर्ज किया गया। मंगलवार को इसका बहाव 11000 क्यूसेक था। बांध के टूटने से बड़ी संख्या में खेतों में पानी घुस गया था। वहीं फतेहाबाद के पहाड़ी क्षेत्र में बारिश स्थिर होने से जाखल में घग्गर में जलस्तर में गिरावट दर्ज की गई है। सिंचाई विभाग की शुक्रवार शाम की रिपोर्ट के मुताबिक यहां जलस्तर कम हुआ है। शुक्रवार को चांदपुरा साइफन पर भी पानी तेजी से कम हुआ है। 24 घंटे बाद यहां जलस्तर 3150 क्यूसेक दर्ज किया गया है। करीब पांच हजार क्यूसेक पानी कम हुआ है। संवाद
नदियों में पानी बढ़ने की निगरानी कर रहा प्रशासन
चंडीगढ़। बरसात से नदी-नहरों में जलस्तर पर बढ़ रहा है। सिंचाई विभाग का दावा है कि स्थिति नियंत्रण में है। घग्गर और मारकंडा में जिन स्थानों पर तटबंध टूटे हैं वहां प्राइवेट जमीन थीं, मिट्टी का कटाव होने से तटबंध टूटे हैं। स्थानीय टीम काम कर रही है। यमुना, चाैतंग, सरस्वती चैनल, दादूपुर अंबाला की तरफ से कुरुक्षेत्र में आने वाले डेंटल चैनल, टांगरी, मारकंडा, घग्गर को लेकर मुख्यालय स्तर से ब्योरा लिया जा रहा है।
बाढ़ से संबंधित शिकायतों कंट्रोल रूम स्थापित
सिंचाई विभाग ने मुख्यालय स्तर पर कंट्रोल रूम भी स्थापित किया है। बाढ़ से संबंधित कोई भी प्रदेश का व्यक्ति पंचकूला मुख्यालय के कंट्रोल रूम के नंबर +911722567144 पर संपर्क कर सकता है। मुख्यालय के अधिकारियों के मुताबिक, शाम छह बजे से सुबह नाै बजे तक संबंधित कंट्रोल रूम के नंबर संपर्क किया जा सकता है। फिलहाल औसतन 12-14 तक जानकारी से जुड़े काॅल आ रहे हैं।
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़/हिसार। प्रदेश में मानसून फिर से सक्रिय हो गया है। शुक्रवार को 9 जिलों में बारिश हुई। रोहतक में सबसे ज्यादा 84 एमएएम बारिश दर्ज की गई। माैसम विभाग ने पांच से नौ जुलाई तक बारिश की संभावना जताई गई है। छह व सात जुलाई को कई शहरों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इसके लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
आठ व नौ जुलाई को एक दो शहरों में भारी बारिश हो सकती है। मानसून सीजन में अब तक राज्य में 86 एमएम बारिश हो चुकी है, जो सामान्य से 27 फीसदी ज्यादा है। राज्य में मानसून ने 24 जुलाई को दस्तक दी थी लेकिन सक्रिय 28 जून को हुआ और लगातार तीन दिन अच्छी बारिश दर्ज की गई। बाद में मानसून कमजोर पड़ गया था। ब्यूरो
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तापमान 40 डिग्री से कम था लेकिन हवा में नमी की मात्रा 65-70 फीसदी होने से लोग पसीने से तरबतर हो रहे थे। इससे मानसून सक्रिय होगा। राज्य में सबसे गर्म शहर सिरसा दर्ज किया गया, जहां अधिकतम तापमान 39.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।
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कुरुक्षेत्र में क्षतिग्रस्त बांध तीन बाद दुरुस्त फतेहाबाद में घग्गर का जलस्तर कम हुआ
करनाल। जीटी बेल्ट के यमुनानगर, कैथल, पानीपत और करनाल में शुक्रवार को हल्की बूंदाबांदी हुई। वहीं, कुरुक्षेत्र के नैंसी गांव में मंगलवार को मारकंडा नदी में आए उफान से क्षतिग्रस्त बांध तीन दिन बाद दुरुस्त कर दिया गया।
कुरुक्षेत्र में मारकंडा नदी में मंगलवार रात आए उफान में क्षतिग्रस्त बांध की मरम्मत नदी का जलस्तर पर घटने के बाद शुक्रवार को पूरी हो गई। नदी का बहाव शुक्रवार को 2000 क्यूसेक दर्ज किया गया। मंगलवार को इसका बहाव 11000 क्यूसेक था। बांध के टूटने से बड़ी संख्या में खेतों में पानी घुस गया था। वहीं फतेहाबाद के पहाड़ी क्षेत्र में बारिश स्थिर होने से जाखल में घग्गर में जलस्तर में गिरावट दर्ज की गई है। सिंचाई विभाग की शुक्रवार शाम की रिपोर्ट के मुताबिक यहां जलस्तर कम हुआ है। शुक्रवार को चांदपुरा साइफन पर भी पानी तेजी से कम हुआ है। 24 घंटे बाद यहां जलस्तर 3150 क्यूसेक दर्ज किया गया है। करीब पांच हजार क्यूसेक पानी कम हुआ है। संवाद
नदियों में पानी बढ़ने की निगरानी कर रहा प्रशासन
चंडीगढ़। बरसात से नदी-नहरों में जलस्तर पर बढ़ रहा है। सिंचाई विभाग का दावा है कि स्थिति नियंत्रण में है। घग्गर और मारकंडा में जिन स्थानों पर तटबंध टूटे हैं वहां प्राइवेट जमीन थीं, मिट्टी का कटाव होने से तटबंध टूटे हैं। स्थानीय टीम काम कर रही है। यमुना, चाैतंग, सरस्वती चैनल, दादूपुर अंबाला की तरफ से कुरुक्षेत्र में आने वाले डेंटल चैनल, टांगरी, मारकंडा, घग्गर को लेकर मुख्यालय स्तर से ब्योरा लिया जा रहा है।
बाढ़ से संबंधित शिकायतों कंट्रोल रूम स्थापित
सिंचाई विभाग ने मुख्यालय स्तर पर कंट्रोल रूम भी स्थापित किया है। बाढ़ से संबंधित कोई भी प्रदेश का व्यक्ति पंचकूला मुख्यालय के कंट्रोल रूम के नंबर +911722567144 पर संपर्क कर सकता है। मुख्यालय के अधिकारियों के मुताबिक, शाम छह बजे से सुबह नाै बजे तक संबंधित कंट्रोल रूम के नंबर संपर्क किया जा सकता है। फिलहाल औसतन 12-14 तक जानकारी से जुड़े काॅल आ रहे हैं।