कन्या भ्रूण हत्या: गिरते लिंगानुपात पर बड़ी कार्रवाई, डिप्टी सिविल सर्जन सस्पेंड, 12 को नोटिस, पांच का तबादला
हरियाणा में कम होते लिंगानुपात मामले को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने प्रदेश के 12 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
विस्तार
साल 2025 की पहली तिमाही में लिंगानुपात में आई गिरावट को हरियाणा सरकार ने गंभीरता से लिया है। हरियाणा सरकार ने हिसार के डिप्टी सिविल सर्जन व पीएनडीटी के नोडल अधिकारी डा. प्रभु दयाल को निलंबित कर दिया है। वहीं, 12 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी (एसएमओ) को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
इन इलाकों का लिंगानुपात 700 से भी नीचे दर्ज किया जा रहा था। इसके अलावा राज्य में सबसे कम लिंगानुपात वाले 5 जिलों चरखी दादरी, रेवाड़ी, रोहतक, गुरुग्राम व फरीदाबाद के पीएनडीटी नोडल अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से बदल दिया गया है।
यहां हुई कार्रवाई
हरियाणा सरकार ने नाहड़, तोशाम, दनौदा, कुंजपुरा, टाउरू, तिगांव, भट्टू कलां, अटेली,उकलाना,बड़ोपल, निसिंग व लाडवा सीएचसी के प्रभारी एसएमओ को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। यदि जवाब संतोषजनक नहीं आया तो उन्हें चार्जशीट किया जाएगा। इसके अलावा, चरखी दादरी, रेवाड़ी, रोहतक, गुरुग्राम व फरीदाबाद के पीएनडीटी नोडल अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से बदल दिया गया है। वहीं, हिसार में अवैध गर्भपात में शामिल दलाल उषा के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा सिविल सर्जन रोहतक व सोनीपत को गर्भपात के लिए मजबूर किए जाने वाले मामले में भी जांच के आदेश दिए हैं।
हरियाणा सरकार का दावा है कि राज्य में पीसी एंड पीएनडीटी अधिनियम को सख्ती से लागू किया जा रहा है। पिछले कुछ महीनों में हरियाणा में 1500 मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी (एमटीपी) केंद्रों में से 300 के पंजीकरण रद्द किए जा चुके हैं। इस सप्ताह 23 एमटीपी केंद्रों को नोटिस जारी कर उन्हें बंद करने का कारण बताओ नोटिस दिया गया है। पिछले दो महीनों में 17 ऑनलाइन एमटीपी किट विक्रेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। वहीं, सरकार ने अधिकारियों की एक एसटीएफ भी गठित की है, जो हर मंगलवार को समीक्षा व दौरा करती है। वहीं, सभी गैर-पंजीकृत आईवीएफ केंद्रों को भी बंद करने के निर्देश जारी किए गए हैं। वहीं, विषम लिंगानुपात वाले आईवीएफ केंद्रों की जांच होगी।
एक या एक से अधिक बेटियों वाली गर्भवती की हो रही है पहचान
वहीं, स्वास्थ्य विभाग एक या एक से अधिक बेटियों वाली गर्भवती महिलाओं की पहचान कर रही है। अब तक 62,000 गर्भवती महिलाओं की पहचान की गई है। साथ ही इन गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य विभाग की हेल्पलाइन नंबर 104 के माध्यम से सूचित किया जा रहा है कि कन्या भ्रूण हत्या पाप है। इसके अलावा, यह प्रस्ताव किया गया है कि आशावर्कर को उन गर्भवती महिलाओं से लिंक किया जाए, जिनके पास दो से अधिक बेटियां हैं और संबंधित आशा को बेटी के सफल प्रसव के लिए 1000 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाए।