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Chandigarh-Haryana News: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पद की दौड़ में बड़ौली के साथ ढांडा व बेदी के नाम पर भी मंथन
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यदि कोई मंत्री प्रदेश अध्यक्ष बना तो मंत्रिमंडल में भी फेरबदल संभव
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया अब कभी भी शुरू हो सकती है
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष की दौड़ दिलचस्प हो गई है। मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली के साथ सैनी सरकार के मंत्रिमंडल के दो सदस्यों का नाम भी चर्चा में शामिल हो गया है। बताया जा रहा है कि शीर्ष नेतृत्व ने संसदीय कार्य मंत्री महिपाल ढांडा व सामाजिक न्याय मंत्री कृष्ण कुमार बेदी के नाम पर भी चर्चा की है। यदि इन दोनों में से कोई मंत्री प्रदेश अध्यक्ष बनता है तो मंत्रिमंडल में भी फेरबदल संभव है। इसके भी कयास लगाए जा रहे हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के साथ राष्ट्रीय अध्यक्ष का भी चुनाव होना है। इस चुनाव से पहले हरियाणा समेत 18 राज्यों में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव होना है। ऐसे में अब कभी भी प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव की प्रकिया शुरू हो सकती है। हालांंकि, मोहन लाल बड़ौली का कार्यकाल अभी दो साल से ज्यादा का बचा हुआ है। पार्टी के संविधान के मुताबिक जिला अध्यक्षों के चुनाव के बाद प्रदेश अध्यक्ष का भी चुनाव होना जरूरी है। हरियाणा में जिला के साथ मंडल अध्यक्ष का चुनाव हो चुका है। वहीं, राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव से पहले आधे से राज्यों के संगठन का चुनाव होना जरूरी होता है। संगठन की दृष्टि से भाजपा ने भारत को 36 राज्यों में बांट रखा है। यानी कम से 18 राज्यों में संगठन का चुनाव होना है। इस लिहाज से हरियाणा भाजपा अध्यक्ष का भी चुनाव होना तय माना जा रहा है।
बड़ौली दौड़ में सबसे आगे, लेकिन राह में रोड़े
मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली इस रेस में सबसे आगे होने के साथ सबसे मजबूत दावेदारों में से भी हैं। विधानसभा चुनाव के बाद नगर निगम के चुनाव में भाजपा की जीत दिलाने में उनकी भूमिका को दरकिनार नहीं किया जा सकता। पिछले दिनों उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्री अमित शाह, जेपी नड्डा और मनोहर लाल से भी मुलाकात की थी। इन मुलाकातों के बाद माना जा रहा था कि उनके नाम की घोषणा कर दी जाएगी लेकिन जिस कसौली रेप कांड में वह बरी हो चुके हैं, वहीं, उनकी राह में सबसे बड़ा रोड़ा बना हुआ है। पिछले दिनों रेप कांड की पीड़िता ने चंडीगढ़ में प्रेस कांफ्रेंस कर फिर से आरोप लगाए थे। इससे पार्टी असहज भी हो गई थी। इसलिए पार्टी सुरक्षित रास्ता देख किसी अन्य चेहरे पर भी दांव खेल सकती है।
ढांडा व बेदी के नाम भी हुई है चर्चा
हरियाणा मंत्रिमंडल के दो मंत्रियों महिपाल ढांडा व कृष्ण कुमार बेदी के नाम पर भी चर्चा हुई है। ढांडा पुराने भाजपाई हैं। उन्होंने 1980 के दशक में आरएसएस की युवा के शाखा के साथ अपना सफर शुरू किया था। वे युवा मोर्चा के साथ किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं। वह तीसरी बार विधायक चुन कर आए हैं और सरकार में शिक्षा मंत्री के साथ संसदीय कार्य मंत्री हैं। विधानसभा सत्र के अंदर विपक्ष के सवालों का जवाब देने में उन्हें महारत हासिल है। वहीं, दूसरा नाम कृष्ण बेदी का है। बेदी की भी पहचान कुशल संगठनकर्ता के तौर पर रही है। सरकार में वह सामाजिक न्याय मंत्री के तौर पर कार्यरत हैं। सैनिक परिवार की पृष्ठभूमि से आने वाले बेदी पूर्व सीएम मनोहर लाल के राजनीतिक सचिव रह चुके हैं।
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चौंकाने वाला फैसला ले सकती है भाजपा
भाजपा अकसर चौंकाने वाला फैसला लेती रही है। भाजपा अध्यक्ष के चुनाव में भी पार्टी यदि किसी नए नाम को लेकर भी चौकाती है तो इसमें कोई हैरानी नहीं होगी। पार्टी अकसर ऐसे नामों को चुनती रही है, जिनकी कहीं कोई चर्चा नहीं होती है।
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भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया अब कभी भी शुरू हो सकती है
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष की दौड़ दिलचस्प हो गई है। मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली के साथ सैनी सरकार के मंत्रिमंडल के दो सदस्यों का नाम भी चर्चा में शामिल हो गया है। बताया जा रहा है कि शीर्ष नेतृत्व ने संसदीय कार्य मंत्री महिपाल ढांडा व सामाजिक न्याय मंत्री कृष्ण कुमार बेदी के नाम पर भी चर्चा की है। यदि इन दोनों में से कोई मंत्री प्रदेश अध्यक्ष बनता है तो मंत्रिमंडल में भी फेरबदल संभव है। इसके भी कयास लगाए जा रहे हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के साथ राष्ट्रीय अध्यक्ष का भी चुनाव होना है। इस चुनाव से पहले हरियाणा समेत 18 राज्यों में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव होना है। ऐसे में अब कभी भी प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव की प्रकिया शुरू हो सकती है। हालांंकि, मोहन लाल बड़ौली का कार्यकाल अभी दो साल से ज्यादा का बचा हुआ है। पार्टी के संविधान के मुताबिक जिला अध्यक्षों के चुनाव के बाद प्रदेश अध्यक्ष का भी चुनाव होना जरूरी है। हरियाणा में जिला के साथ मंडल अध्यक्ष का चुनाव हो चुका है। वहीं, राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव से पहले आधे से राज्यों के संगठन का चुनाव होना जरूरी होता है। संगठन की दृष्टि से भाजपा ने भारत को 36 राज्यों में बांट रखा है। यानी कम से 18 राज्यों में संगठन का चुनाव होना है। इस लिहाज से हरियाणा भाजपा अध्यक्ष का भी चुनाव होना तय माना जा रहा है।
बड़ौली दौड़ में सबसे आगे, लेकिन राह में रोड़े
मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली इस रेस में सबसे आगे होने के साथ सबसे मजबूत दावेदारों में से भी हैं। विधानसभा चुनाव के बाद नगर निगम के चुनाव में भाजपा की जीत दिलाने में उनकी भूमिका को दरकिनार नहीं किया जा सकता। पिछले दिनों उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्री अमित शाह, जेपी नड्डा और मनोहर लाल से भी मुलाकात की थी। इन मुलाकातों के बाद माना जा रहा था कि उनके नाम की घोषणा कर दी जाएगी लेकिन जिस कसौली रेप कांड में वह बरी हो चुके हैं, वहीं, उनकी राह में सबसे बड़ा रोड़ा बना हुआ है। पिछले दिनों रेप कांड की पीड़िता ने चंडीगढ़ में प्रेस कांफ्रेंस कर फिर से आरोप लगाए थे। इससे पार्टी असहज भी हो गई थी। इसलिए पार्टी सुरक्षित रास्ता देख किसी अन्य चेहरे पर भी दांव खेल सकती है।
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ढांडा व बेदी के नाम भी हुई है चर्चा
हरियाणा मंत्रिमंडल के दो मंत्रियों महिपाल ढांडा व कृष्ण कुमार बेदी के नाम पर भी चर्चा हुई है। ढांडा पुराने भाजपाई हैं। उन्होंने 1980 के दशक में आरएसएस की युवा के शाखा के साथ अपना सफर शुरू किया था। वे युवा मोर्चा के साथ किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं। वह तीसरी बार विधायक चुन कर आए हैं और सरकार में शिक्षा मंत्री के साथ संसदीय कार्य मंत्री हैं। विधानसभा सत्र के अंदर विपक्ष के सवालों का जवाब देने में उन्हें महारत हासिल है। वहीं, दूसरा नाम कृष्ण बेदी का है। बेदी की भी पहचान कुशल संगठनकर्ता के तौर पर रही है। सरकार में वह सामाजिक न्याय मंत्री के तौर पर कार्यरत हैं। सैनिक परिवार की पृष्ठभूमि से आने वाले बेदी पूर्व सीएम मनोहर लाल के राजनीतिक सचिव रह चुके हैं।
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चौंकाने वाला फैसला ले सकती है भाजपा
भाजपा अकसर चौंकाने वाला फैसला लेती रही है। भाजपा अध्यक्ष के चुनाव में भी पार्टी यदि किसी नए नाम को लेकर भी चौकाती है तो इसमें कोई हैरानी नहीं होगी। पार्टी अकसर ऐसे नामों को चुनती रही है, जिनकी कहीं कोई चर्चा नहीं होती है।