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टीबी मरीजों को निक्षय पोषण के तहत नहीं मिल रही सहायता राशि: आईएमए
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टीबी अधिकारी को लिखा पत्र, कहा-मरीजों को दिए जाते हैं एक हजार रुपये
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने आरोप लगाया है कि निक्षय पोषण योजना के तहत निजी क्षेत्रों के मरीजों को छह महीने से ज्यादा समय से सहायता नहीं मिली है, जिसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इससे पिछले कुछ सालों से टीबी के क्षेत्र में जो प्रगति की गई है, उसमें झटका मिल सकता है। आईएमए ने राज्य के स्टेट टीबी अधिकारी को पत्र लिख निजी क्षेत्र के मरीजों के लिए निक्षय पोषण योजना की राशि तुरंत जारी करने की मांग की है, ताकि टीबी मरीजों को राहत मिल सके।
आईएमए के अध्यक्ष डाॅ. महावीर पी जैन ने बताया कि सार्वजनिक और निजी दोनों क्षेत्रों के मरीजों को पहले निक्षय पोषण योजना के तहत 500 रुपये प्रति माह प्रदान किए जाते थे। नवंबर 2024 से यह राशि बढ़ाकर 1000 रुपये प्रति माह कर दी गई है। इस योजना से टीबी मरीजों को बड़ी राहत मिली थी। टीबी रोग एक वैश्विक स्वास्थ्य समस्या है और इसके कुल मामलों में से एक चौथाई भारत में ही हैं। क्षय रोग को जड़ से समाप्त करने के उद्देश्य से, विश्व स्वास्थ्य संगठन ने वर्ष 2030 तक इसके मामलों को 2018 के 10% तक कम करने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने बताया कि निजी क्षेत्र 50% से अधिक टीबी मामलों का इलाज करता है। निक्षय पोषण योजना ने इसमें अभूतपूर्व परिणाम दिखाए हैं।
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने आरोप लगाया है कि निक्षय पोषण योजना के तहत निजी क्षेत्रों के मरीजों को छह महीने से ज्यादा समय से सहायता नहीं मिली है, जिसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इससे पिछले कुछ सालों से टीबी के क्षेत्र में जो प्रगति की गई है, उसमें झटका मिल सकता है। आईएमए ने राज्य के स्टेट टीबी अधिकारी को पत्र लिख निजी क्षेत्र के मरीजों के लिए निक्षय पोषण योजना की राशि तुरंत जारी करने की मांग की है, ताकि टीबी मरीजों को राहत मिल सके।
आईएमए के अध्यक्ष डाॅ. महावीर पी जैन ने बताया कि सार्वजनिक और निजी दोनों क्षेत्रों के मरीजों को पहले निक्षय पोषण योजना के तहत 500 रुपये प्रति माह प्रदान किए जाते थे। नवंबर 2024 से यह राशि बढ़ाकर 1000 रुपये प्रति माह कर दी गई है। इस योजना से टीबी मरीजों को बड़ी राहत मिली थी। टीबी रोग एक वैश्विक स्वास्थ्य समस्या है और इसके कुल मामलों में से एक चौथाई भारत में ही हैं। क्षय रोग को जड़ से समाप्त करने के उद्देश्य से, विश्व स्वास्थ्य संगठन ने वर्ष 2030 तक इसके मामलों को 2018 के 10% तक कम करने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने बताया कि निजी क्षेत्र 50% से अधिक टीबी मामलों का इलाज करता है। निक्षय पोषण योजना ने इसमें अभूतपूर्व परिणाम दिखाए हैं।
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