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Hindi News ›   Haryana ›   Chandigarh-Haryana News ›   How will dengue-malaria be stopped in Haryana, out of 22 posts, 18 are not biologists, Health News, Haryana news

Chandigarh-Haryana News: हरियाणा में कैसे रुकेगा डेंगू-मलेरिया, 22 पदों में से 18 बायोलॉजिस्ट नहीं

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-इंसेक्ट कलेक्टर के भी 22 में से 20 पद हैं खाली, कई सालों से नहीं हुई भर्ती
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-स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक बोले-भर्ती प्रक्रिया जारी, पद जल्द भरे जाएंगे

अशीष वर्मा
चंडीगढ़। डेंगू-मलेरिया का सीजन शुरू होने वाला है। इन बीमारियों को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कमर भी कस ली है लेकिन स्वास्थ्य विभाग की तैयारी अधूरी है। विभाग के पास न तो पूरे बायोलॉजिस्ट हैं और न ही इंसेक्ट कलेक्टर। दोनों के अधिकतर पद खाली हैं। राज्य में बायोलॉजिस्ट के 22 पद हैं, जिनमें 18 खाली हैं। वहीं, इंसेक्ट कलेक्टर (कीट संग्राहक) के 22 में से 20 पद खाली हैं। मच्छर जनित बीमारियों को रोकने में दोनों को अहम भूमिका है।
बायोलॉजिस्ट का काम एक तरह से एडीज मच्छर के व्यवहार व वायरस के प्रति मानव प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया का अध्ययन करना है। मच्छरों का व्यवहार पता यदि पहले ही पता चल जाए तो उसी के मुताबिक डेंगू के रोकथाम रणनीति बनाई जा सकती है। डेंगू के प्रसार को भी रोका जा सकता है। बायोलॉजिस्ट ही बताता है कि जिले में डेंगू की क्या स्थिति है। डेंगू कितना और किस हद तक बढ़ सकता है। किस इलाके में किस तरह के मच्छर हैं, ताकि उसी के मुताबिक इलाके में रणनीति बनाई जा सके। इसी तरह से इंसेक्ट कलेक्टर की भूमिका अहम है। इनका काम मच्छरों को इकट्ठा कर बायोलाॅजिस्ट को देना होता है ताकि उस पर अध्ययन कर एडीज मच्छरों की तीव्रता का पता लगाया जा सके। स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों ने बताया, अब इन लोगों का काम इनके साथ काम करने वाले स्वास्थ्य कर्मी संभालते हैं। पिछले पांच से छह सालों से ये पद भरे नहीं गए हैं। स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक मनीष बंसल ने कहा, खाली पदों को भरने के लिए हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग को पत्र भेजा जा चुका है। भर्ती प्रक्रिया चल रही है। उम्मीद है जल्द ही ये पद भरे जाएंगे। उनका यह भी कहना है कि राज्य में डेंगू के केस नीचे आ रहे हैं। पिछले साल मौतें भी कम हुईं थी।
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पिछले साल मचा था हाहाकार, सदन में सरकार को देना पड़ा था जवाब

पिछले साल अक्तूबर में अचानक डेंगू के केस बढ़ गए थे। इससे पूरे राज्य में हाहाकार मच गया था। सीजन न होने के बावजूद केसों में लगातार बढ़ोतरी ने प्रदेशवासियों की नींद उड़ा दी थी। विपक्ष ने भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरा था। सरकार की ओर से सदन में जवाब दिया गया कि पिछले सालों के मुकाबले केस कम आए हैं।
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जुलाई में चलेगा विशेष अभियान

मानसून सीजन शुरू होते ही डेंगू व मलेरिया के केसों की शुरुआत हो गई है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने रोकथाम के लिए जुलाई में विशेष अभियान चलाने का फैसला किया है। इसके लिए एडवाइजरी जारी कर दी है। इसके तहत हर रविवार को सूखा दिवस यानी कूलर, टंकी, फ्रिज व गमले के पानी को खाली कर उसे सुखाएं, ताकि मच्छर के अंडे व लारवा मर जाएं। इसके अलावा फॉगिंग व अन्य अभियान चलाया जाएगा।

हरियाणा में किस साल कितने डेंगू के मरीज

साल मरीज मौतें
2019 1207 00
2020 1377 00
2021 11835 13
2022 8996 18
2023 8081 11
2024 6469 09
2025 44 00
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