{"_id":"6ad0d852de2f819041072491","slug":"hippopotamuses-arrive-at-rohtak-zoo-rajan-and-saloni-set-to-add-to-the-liveliness-chandigarh-haryana-news-c-16-1-pkl1089-1150602-2026-10-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandigarh-Haryana News: रोहतक चिड़ियाघर में आए दरियाई घोड़े, राजन-सलोनी से बढ़ेगी रौनक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandigarh-Haryana News: रोहतक चिड़ियाघर में आए दरियाई घोड़े, राजन-सलोनी से बढ़ेगी रौनक
विज्ञापन
फोटो -
- शेरों और बाघिन के बदले चंडीगढ़ से मिले दो दरियाई घोड़े और सफेद बाघ, 21 दिन तक निगरानी में रहेंगे, इसके बाद पर्यटक कर सकेंगे दीदार
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। रोहतक चिड़ियाघर में अब दरियाई घोड़ों की अठखेलियां देखने को मिलेंगी। पंजाब में जीरकपुर के छतबीर चिड़ियाघर से करीब 14 साल का नर दरियाई घोड़ा राजन और पांच साल की मादा सलोनी यहां पहुंच गए हैं। हालांकि पर्यटकों को इनके दीदार के लिए अभी इंतजार करना होगा। दोनों को 21 दिन तक निगरानी में रखा जाएगा। बाद में पशु चिकित्सकों की जांच और जरूरी औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी। इसके बाद पर्यटक इनका दीदार कर सकेंगे।
शेरों और बाघिन के बदले मिले दरियाई घोड़े
दोनों चिड़ियाघरों के बीच केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण (सीजेडए) के दिशा-निर्देशों के तहत पशु विनिमय कार्यक्रम के तहत आदान-प्रदान हुआ है। इसके तहत रोहतक चिड़ियाघर ने छतबीर चिड़ियाघर को एशियाई शेरों का एक जोड़ा और एक बाघिन दी है। बदले में छतबीर से रोहतक को दरियाई घोड़ों का जोड़ा और एक सफेद नर बाघ मिला है।
सफर में हर 35 मिनट पर पानी का छिड़काव
रोहतक और छतबीर चिड़ियाघर के पशु चिकित्सकों ने रवाना करने से पहले दोनों दरियाई घोड़ों के स्वास्थ्य जांच की। सफर के दौरान उनकी सेहत और आराम का ध्यान रखा गया। करीब हर 35 मिनट में पानी का छिड़काव किया गया ताकि उन्हें गर्मी से राहत मिलती रहे। दोनों बिना चोट के सुरक्षित रोहतक पहुंचे।
विज्ञापन
अफ्रीका के प्राकृतिक माहौल के हिसाब से तैयार बाड़ा
रोहतक चिड़ियाघर में दरियाई घोड़ों के लिए विशेष बाड़े तैयार किए गए हैं। इनमें उनकी जरूरतों और अफ्रीका के प्राकृतिक आवास को ध्यान में रखकर सुविधाएं जुटाई गई हैं। फिलहाल दोनों को अलग बाड़ों में रखकर पशु चिकित्सकों की निगरानी में देखभाल की जा रही है।
हरियाणा के प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) डॉ. नवदीप सिंह के मुताबिक 21 दिन की क्वारंटीन अवधि पूरी होने के बाद इनकी सेहत की दोबारा जांच होगी। सब कुछ ठीक रहने पर पर्यटक राजन और सलोनी को देख सकेंगे। इस बदलाव से रोहतक चिड़ियाघर में वन्यजीवों की विविधता भी बढ़ेगी।
विज्ञापन
- शेरों और बाघिन के बदले चंडीगढ़ से मिले दो दरियाई घोड़े और सफेद बाघ, 21 दिन तक निगरानी में रहेंगे, इसके बाद पर्यटक कर सकेंगे दीदार
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। रोहतक चिड़ियाघर में अब दरियाई घोड़ों की अठखेलियां देखने को मिलेंगी। पंजाब में जीरकपुर के छतबीर चिड़ियाघर से करीब 14 साल का नर दरियाई घोड़ा राजन और पांच साल की मादा सलोनी यहां पहुंच गए हैं। हालांकि पर्यटकों को इनके दीदार के लिए अभी इंतजार करना होगा। दोनों को 21 दिन तक निगरानी में रखा जाएगा। बाद में पशु चिकित्सकों की जांच और जरूरी औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी। इसके बाद पर्यटक इनका दीदार कर सकेंगे।
शेरों और बाघिन के बदले मिले दरियाई घोड़े
दोनों चिड़ियाघरों के बीच केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण (सीजेडए) के दिशा-निर्देशों के तहत पशु विनिमय कार्यक्रम के तहत आदान-प्रदान हुआ है। इसके तहत रोहतक चिड़ियाघर ने छतबीर चिड़ियाघर को एशियाई शेरों का एक जोड़ा और एक बाघिन दी है। बदले में छतबीर से रोहतक को दरियाई घोड़ों का जोड़ा और एक सफेद नर बाघ मिला है।
विज्ञापन
सफर में हर 35 मिनट पर पानी का छिड़काव
रोहतक और छतबीर चिड़ियाघर के पशु चिकित्सकों ने रवाना करने से पहले दोनों दरियाई घोड़ों के स्वास्थ्य जांच की। सफर के दौरान उनकी सेहत और आराम का ध्यान रखा गया। करीब हर 35 मिनट में पानी का छिड़काव किया गया ताकि उन्हें गर्मी से राहत मिलती रहे। दोनों बिना चोट के सुरक्षित रोहतक पहुंचे।
विज्ञापन
अफ्रीका के प्राकृतिक माहौल के हिसाब से तैयार बाड़ा
रोहतक चिड़ियाघर में दरियाई घोड़ों के लिए विशेष बाड़े तैयार किए गए हैं। इनमें उनकी जरूरतों और अफ्रीका के प्राकृतिक आवास को ध्यान में रखकर सुविधाएं जुटाई गई हैं। फिलहाल दोनों को अलग बाड़ों में रखकर पशु चिकित्सकों की निगरानी में देखभाल की जा रही है।
हरियाणा के प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) डॉ. नवदीप सिंह के मुताबिक 21 दिन की क्वारंटीन अवधि पूरी होने के बाद इनकी सेहत की दोबारा जांच होगी। सब कुछ ठीक रहने पर पर्यटक राजन और सलोनी को देख सकेंगे। इस बदलाव से रोहतक चिड़ियाघर में वन्यजीवों की विविधता भी बढ़ेगी।