प्रदूषण से स्थिति गंभीर: 24 घंटे में 11 सिगरेट के बराबर धुआं ले रहे हरियाणवी, बचाव बेहद जरूरी
हरियाणा में कई जिलों में लोग 10-10 सिगरेट तक धुआं ले रहे हैं। हालांकि, प्रदूषण के मुकाबले तंबाकू वाले सिगरेट का धुआं ज्यादा खतरनाक होता है, क्योंकि उस सिगरेट में कई अति हानिकारक केमिकल मिले होते हैं।
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हरियाणा में प्रदूषण से स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है। लोगों के साथ पेड़-पौधों और जानवरों के स्वास्थ्य पर प्रदूषण का सीधा असर पड़ रहा है। गंभीर प्रदूषण के चलते अलग-अलग जिलों में हरियाणवी साढ़े तीन से 11 सिगरेट के बराबर धुआं ले रहे हैं।
पीजीआई सामुदायिक चिकित्सा विभाग के प्रो. रविंद्र खैवाल के मुताबिक 24 घंटे में 22.5 माइक्रोग्राम प्रति मीटर क्यूब से एक सिगरेट का धुआं मानक है। इस मानक के आधार पर सामने आ रहा है कि हरियाणा में कई जिलों में लोग 10-10 सिगरेट तक धुआं ले रहे हैं। हालांकि, प्रदूषण के मुकाबले तंबाकू वाले सिगरेट का धुआं ज्यादा खतरनाक होता है, क्योंकि उस सिगरेट में कई अति हानिकारक केमिकल मिले होते हैं।
प्रदूषण के बचाव के तरीके
प्रो. रविंद्र खैवाल ने बताया कि वायु प्रदूषण से बचाव बहुत जरूरी हैं। बच्चों, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और सांस व ह्दय के मरीजों को विशेष ध्यान रखने की जरूरत होती है। किसी भी तरह की समस्या महसूस होने पर तुरंत मेडिकल जांच करवाएं। वहीं, प्रदूषण के बचने के लिए घर से बाहर निकलने पर मास्क जरुर पहनें। अपने घर के अंदर और आसपास पेड़-पौधें लगाएं, जिससे हवा शुद्ध होती है। पेड़ पौधों पर पानी की छिड़काव करें और कंट्रक्शन वर्क तत्काल बंद कर दें।निजी वाहनों का उपयोग कम करें और संभव होने पर पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करें।
सोनीपत में 11 व अंबाला के लोग साढ़े तीन सिगरेट का ले रहे धुआं
सोनीपत 11.51
अंबाला 3.71
बहादुरगढ़ 8.14
बल्लभगढ़ 10.15
भिवानी 5
चरखी-दादरी 9.77
फरीदाबाद 8.52
फतेहाबाद 5
गुरुग्राम 7.35
हिसार 7
जींद 8.30
कैथल 4.47
करनाल 4.71
कुरुक्षेत्र 4.50
मानेसर 8
नारनौल 6.43
पलवल 4
पंचकूला 4.48
पानीपत 5.67
रोहतक 6.90
सिरसा 8
यमुनानगर 5