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Chandigarh-Haryana News: सीएम बोले- कांग्रेस शासन से कम बढ़े कलेक्टर रेट, हुड्डा बोले- अभी कितनी वृद्धि की ये बताओ

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इनेलो विधायक के ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर सीएम बोले मौजूदा सरकार में 9.69 फीसदी वृद्धि हुई
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सदन में कहा कि पहले की सरकार के मुकाबले इस बार कलेक्टर रेट में कम वृद्धि हुई है। इस पर पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि अभी कितना रेट बढ़ा है वो तो बता दो। मुख्यमंत्री इनेलो विधायक अदित्य देवीलाल व अर्जुन चौटाला के ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर जवाब दे रहे थे। विधायक रामकुमार गौतम ने एक बार फिर कलेक्टर रेट और बढ़ाने की मांग रखी।

सीएम ने बताया कि 2004 से 2014 तक कलेक्टर रेट में 25 फीसदी और मौजूदा सरकार में केवल 9.69 फीसदी की वृद्धि हुई है। स्टांप शुल्क में 2008 से अब तक पुरुषों के लिए 7 फीसदी (इसमें 2 फीसदी विकास शुल्क शामिल) और महिलाओं के लिए 5 फीसदी की दर लागू है।
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अदित्य देवीलाल ने कहा कि कलेक्टर रेट में बेतहाशा वृद्धि से जमीन खरीदना आम आदमी के लिए संभव नहीं है। गुरुग्राम का गोल्फ कोर्स रोड जहां देश के सबसे अमीर लोग रहते हैं। वहां एक फ्लैट का दाम 190 करोड़ रुपये है। वहां 10-30 फीसदी कलेक्टर रेट बढ़ाए गए हैं लेकिन फतेहाबाद जैसे किसानी क्षेत्रों में 133 फीसदी तक वृद्धि की गई है।
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इस पर सीएम ने कहा कि यह मुद्दा कलेक्टर रेट बढ़ाने का नहीं बल्कि उन लोगों का है जो स्टांप ड्यूटी चोरी करने के लिए जमीन के सौदों में ब्लैक मनी का सहारा लेते हैं। गौशाला के लिए जमीन की खरीद-फरोख्त पर पूरी तरह से शुल्क माफ कर दिया, जो 2019 में एक फीसदी की गई थी।
सीएम ने कहा कि कांग्रेस सरकार में वर्ष 2004-05 से 2013-14 तक हर साल हर जिले में 10 प्रतिशत से लेकर 300 फीसदी तक रेट बढ़ाए गए। फरीदाबाद में वर्ष 2008 में 300 फीसदी और 2011-12 में 220 फीसदी, करनाल में 2012-13 में 220 फीसदी, महेंद्रगढ़ में 2010-11 और 2011-12 में 100 फीसदी व झज्जर में 2007-08 में 109 फीसदी तक वृद्धि की गई थी। पिछली सरकारों में बिल्डरों और भू-माफिया को फायदा पहुंचाने के लिए संशोधन किए जाते थे। उन्हें लाभ पहुंचाने के लिए उस क्षेत्र में कलेक्टर रेट कम रखा जाता था जहां उनकी जमीनें होती थीं।
सीएम ने कहा कि कलेक्टर रेट की शुरुआत अंग्रेजों के शासनकाल में हुई थी। उस समय कांग्रेस भी विधायिका का हिस्सा थी। शायद कांग्रेस सदस्यों से सलाह लेकर ही कलेक्टर रेट लगाया गया होगा। इस पर विधायक आफताब अहमद ने कहा कि इसका ठीकरा भी अब आप हम पर फोड़ दो।
सीएम ने कहा कि प्रदेश के कुल 2,46,812 सेगमेंट में से 72.01 फीसदी सेगमेंट में कलेक्टर रेट में केवल 10 फीसदी की वृद्धि की गई है। जिन क्षेत्रों में रजिस्ट्री मूल्य कलेक्टर रेट से 200 फीसदी अधिक था वहां अधिकतम 50 फीसदी तक वृद्धि की गई है। इसके बावजूद अधिकांश स्थानों पर कलेक्टर रेट अब भी बाजार मूल्य से काफी कम हैं।



20 दिन में 41476 रजिस्ट्री, 722 करोड़ राजस्व
सीएम ने बताया कि एक अगस्त से नई दरें लागू हुई हैं। 20 दिनों में प्रदेशभर में 41476 रजिस्ट्रियां हुईं और उससे 722 करोड़ रुपये राजस्व प्राप्त हुआ है। जहां 10 फीसदी कलेक्टर रेट बढ़ा वहां 22959, 15 फीसदी अधिक वाले में 7959, 20 फीसदी अधिक में 5227, 30 फीसदी अधिक में 2840, 40 फीसदी अधिक में 862 और 50 फीसदी अधिक में 1007 रजिस्ट्री हुई हैं।
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