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Haryana: ग्रैप प्रभावित दो लाख मजदूरों को आर्थिक मदद देगी हरियाणा सरकार, श्रमिकों के खाते में डाले जाएंगे पैसे
Thu, 28 Nov 2024 07:48 AM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Thu, 28 Nov 2024 07:48 AM IST
सार
पिछले दिनों प्रदूषण के उच्च स्तर के कारण हरियाणा के एनसीआर में शामिल जिलों में ग्रैप 4 लागू कर दिया गया था। इससे मजदूरों को आर्थिक आघात पहुंचा था। अब हरियाणा सरकार उन्हें मदद देगी।
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अनिल विज
- फोटो : फाइल
विस्तार
हरियाणा सरकार उन मजदूरों को आर्थिक मदद देने की तैयारी में है, जिनकी कमाई ग्रैप-4 लागू होने से छिन गई है। कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने घोषणा करते हुए कहा कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में निर्माण गतिविधियों पर लगाए गए प्रतिबंध के कारण प्रभावित मजदूरों को सरकार की ओर साप्ताहिक निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।
एनसीआर के जिलों में करीब दो लाख पंजीकृत मजदूर हैं। इन पर करीब 65 करोड़ रुपये का खर्च आ सकता है। कैबिनेट मंत्री ने श्रम विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे इस योजना को जल्द लागू करें और मजदूरों तक सहायता पहुंचाना सुनिश्चित करें।
पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने एनसीआर के अंतर्गत आने वाले राज्यों को निर्देशित किया था कि वे उन मजदूरों की आर्थिक मदद करें, जो निर्माण कार्य रुकने से बेघर हो गए हैं। इस पर हरियाणा सरकार ने तत्काल कार्य करते हुए प्रभावित मजदूरों तक योजना पहुंचाने के लिए तैयारी कर ली है। ग्रैप-4 का फैसला पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट की ओर से दिए गए निर्देशों के तहत लिया गया था। इसके तहत सभी निर्माण गतिविधियों पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। इस प्रतिबंध के कारण बड़ी संख्या में मजदूरों की आजीविका प्रभावित हुई है।
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विज ने कहा कि मजदूरों को सरकार की ओर से साप्ताहिक निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा, जिससे उनकी रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा किया जा सके। यह भत्ता सीधे मजदूरों के बैंक खातों में डाला जाएगा।
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एनसीआर के जिलों में करीब दो लाख पंजीकृत मजदूर हैं। इन पर करीब 65 करोड़ रुपये का खर्च आ सकता है। कैबिनेट मंत्री ने श्रम विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे इस योजना को जल्द लागू करें और मजदूरों तक सहायता पहुंचाना सुनिश्चित करें।
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पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने एनसीआर के अंतर्गत आने वाले राज्यों को निर्देशित किया था कि वे उन मजदूरों की आर्थिक मदद करें, जो निर्माण कार्य रुकने से बेघर हो गए हैं। इस पर हरियाणा सरकार ने तत्काल कार्य करते हुए प्रभावित मजदूरों तक योजना पहुंचाने के लिए तैयारी कर ली है। ग्रैप-4 का फैसला पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट की ओर से दिए गए निर्देशों के तहत लिया गया था। इसके तहत सभी निर्माण गतिविधियों पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। इस प्रतिबंध के कारण बड़ी संख्या में मजदूरों की आजीविका प्रभावित हुई है।
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विज ने कहा कि मजदूरों को सरकार की ओर से साप्ताहिक निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा, जिससे उनकी रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा किया जा सके। यह भत्ता सीधे मजदूरों के बैंक खातों में डाला जाएगा।