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Haryana: अनाज भंडारण व्यवस्था पर कांग्रेस का हमला, केंद्र पर निजी कंपनियों को फायदा पहुंचाने का आरोप
Sat, 30 May 2026 03:20 PM IST
Nivedita
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: Nivedita
Updated Sat, 30 May 2026 03:20 PM IST
सार
सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि तीन कृषि कानूनों को वापस लेने के बावजूद सरकार की नीतियों में बदलाव नहीं आया और अब साइलो (आधुनिक अनाज भंडारण केंद्र) परियोजना के माध्यम से खाद्य सुरक्षा व्यवस्था पर निजी नियंत्रण बढ़ाया जा रहा है।
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रणदीप सुरजेवाला
- फोटो : अमर उजाला/फाइल
विस्तार
कांग्रेस महासचिव और सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला ने केंद्र सरकार पर देश की अनाज भंडारण व्यवस्था को निजी कंपनियों के हवाले करने का आरोप लगाया है।
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उन्होंने कहा कि तीन कृषि कानूनों को वापस लेने के बावजूद सरकार की नीतियों में बदलाव नहीं आया और अब साइलो (आधुनिक अनाज भंडारण केंद्र) परियोजना के माध्यम से खाद्य सुरक्षा व्यवस्था पर निजी नियंत्रण बढ़ाया जा रहा है।
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सुरजेवाला ने दावा किया कि वर्ष 2021 में भारतीय खाद्य निगम के माध्यम से करीब 20 हजार करोड़ रुपये की साइलो परियोजना शुरू की गई थी, जिसका उद्देश्य 60 लाख मीट्रिक टन अनाज भंडारण क्षमता विकसित करना था। उनका आरोप है कि परियोजना के अंतिम नियमों से एकाधिकार रोकने वाले प्रावधान हटा दिए गए, जिससे दो निजी कंपनियों को बड़ा लाभ मिला।
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कांग्रेस नेता के अनुसार, वर्ष 2022 से 2025 के बीच जारी ठेकों में 134 में से 110 साइलो परियोजनाओं के अनुबंध दो कंपनियों को मिले। उनका कहना है कि इससे देश की कुल भंडारण क्षमता का लगभग 78 प्रतिशत हिस्सा इन्हीं कंपनियों के नियंत्रण में आ जाएगा।
सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि इससे सार्वजनिक वितरण प्रणाली और खाद्य सुरक्षा पर असर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस नीति का विरोध करेगी और किसानों तथा आम उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए आवाज उठाती रहेगी।