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बिजली निजीकरण के फैसले को रद्द करे सरकार : दीपेंद्र
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने गुरुग्राम और नूंह में बिजली वितरण का निजी लाइसेंस देने के फैसले को तुरंत रद्द करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि बिजली कर्मचारियों की तीन दिवसीय हड़ताल से कई इलाकों में बिजली संकट गहरा गया है। सरकार कर्मचारियों और इंजीनियरों के संयुक्त मोर्चे से बातचीत कर समाधान निकाले ताकि व्यवस्था ठप होने से बच सके।
दीपेंद्र ने सवाल उठाया कि महज एक करोड़ रुपये की पूंजी और बिजली वितरण का पर्याप्त अनुभव नहीं रखने वाली इलेवन पावर कंपनी को लाइसेंस किस आधार पर दिया गया। गुरुग्राम और नूंह से बिजली निगम को सालाना करीब 9200 करोड़ रुपये का राजस्व मिलता है। दीपेंद्र ने तंज कसा कि योजना इतनी अच्छी है तो मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी इसे पहले अपने विधानसभा क्षेत्र लाडवा में लागू करके दिखाएं।
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चंडीगढ़। सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने गुरुग्राम और नूंह में बिजली वितरण का निजी लाइसेंस देने के फैसले को तुरंत रद्द करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि बिजली कर्मचारियों की तीन दिवसीय हड़ताल से कई इलाकों में बिजली संकट गहरा गया है। सरकार कर्मचारियों और इंजीनियरों के संयुक्त मोर्चे से बातचीत कर समाधान निकाले ताकि व्यवस्था ठप होने से बच सके।
दीपेंद्र ने सवाल उठाया कि महज एक करोड़ रुपये की पूंजी और बिजली वितरण का पर्याप्त अनुभव नहीं रखने वाली इलेवन पावर कंपनी को लाइसेंस किस आधार पर दिया गया। गुरुग्राम और नूंह से बिजली निगम को सालाना करीब 9200 करोड़ रुपये का राजस्व मिलता है। दीपेंद्र ने तंज कसा कि योजना इतनी अच्छी है तो मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी इसे पहले अपने विधानसभा क्षेत्र लाडवा में लागू करके दिखाएं।
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