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Chandigarh-Haryana News: रोबोट व ड्रोन आधारित तकनीक वाले फायर टेंडरों की होगी खरीद
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प्रदेश में अग्नि सुरक्षा का ऑडिट होगा, मुख्य सचिव ने कोचिंग सेंटर, पीजी, होटल-रेस्टोरेंट, औद्योगिक इकाइयों व व्यावसायिक भवनों की जांच के निर्देश दिए
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। उत्तर प्रदेश के लखनऊ में कोचिंग सेंटर में हुए हादसे के बाद हरियाणा में भी आग से निपटने के इंतजामों की जांच शुरू हो गई है। प्रदेश में अब आग बुझाने के लिए रोबोट व ड्रोन आधारित तकनीक वाले फायर टेंडरों की खरीद होगी। सभी 23 जिलों में उपायुक्त भीड़ वाले स्थानों व संवेदनशील क्षेत्रों का निरीक्षण करेंगे। निरीक्षण के दाैरान यह सुनिश्चित किया जाएगा कि आग से निपटने के लिए पर्याप्त इंतजाम हैं या नहीं। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए हैं कि कोचिंग सेंटरों, पेइंग गेस्ट (पीजी) आवास, होटल-रेस्टोरेंट, औद्योगिक इकाइयों व व्यावसायिक भवनों और अन्य भवनों की जांच करें।
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने बैठक के दौरान उपायुक्तों को सभी प्रतिष्ठानों की सूची तैयार करके विस्तृत ऑडिट के निर्देश दिए हैं। जहां भी जो खामियां हैं उनके खिलाफ तत्काल आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए कहा है। औद्योगिक इकाइयों के संचालकों, होटल मालिकों, कोचिंग सेंटर संचालकों व अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के प्रतिनिधियों के साथ विशेष बैठकें होंगी। इस अभियान को अधिक प्रभावी बनाने के लिए नगर पार्षदों और वार्ड समितियों की सक्रिय भागीदारी भी सुनिश्चित करने को कहा है। अग्निशमन विभाग को निर्देश दिए हैं कि चिह्नित सभी प्रतिष्ठानों का समय-समय पर औचक निरीक्षण किया जाए। नियमित निगरानी जारी रखी जाए।
बैठक में अग्निशमन सेवाएं विभाग के महानिदेशक शेखर विद्यार्थी ने बताया कि विभाग में अत्याधुनिक अग्निशमन उपकरणों और रोबोट एवं ड्रोन आधारित तकनीक से लैस आधुनिक फायर टेंडरों की खरीद की प्रक्रिया जारी है। इनके उपयोग से बहुमंजिला इमारतों, औद्योगिक परिसरों और अन्य दुर्गम स्थानों पर आपातकालीन स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी राहत एवं बचाव कार्य आसान होगा। विभाग आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र को और अधिक मजबूत बनाने के साथ-साथ आधुनिक अग्निशमन तकनीकों को अपनाने पर भी विशेष ध्यान दे रहा है। इससे न केवल परिचालन क्षमता में वृद्धि होगी बल्कि अग्नि दुर्घटनाओं के दौरान प्रतिक्रिया समय में भी उल्लेखनीय कमी लाई जा सकेगी।
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। उत्तर प्रदेश के लखनऊ में कोचिंग सेंटर में हुए हादसे के बाद हरियाणा में भी आग से निपटने के इंतजामों की जांच शुरू हो गई है। प्रदेश में अब आग बुझाने के लिए रोबोट व ड्रोन आधारित तकनीक वाले फायर टेंडरों की खरीद होगी। सभी 23 जिलों में उपायुक्त भीड़ वाले स्थानों व संवेदनशील क्षेत्रों का निरीक्षण करेंगे। निरीक्षण के दाैरान यह सुनिश्चित किया जाएगा कि आग से निपटने के लिए पर्याप्त इंतजाम हैं या नहीं। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए हैं कि कोचिंग सेंटरों, पेइंग गेस्ट (पीजी) आवास, होटल-रेस्टोरेंट, औद्योगिक इकाइयों व व्यावसायिक भवनों और अन्य भवनों की जांच करें।
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने बैठक के दौरान उपायुक्तों को सभी प्रतिष्ठानों की सूची तैयार करके विस्तृत ऑडिट के निर्देश दिए हैं। जहां भी जो खामियां हैं उनके खिलाफ तत्काल आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए कहा है। औद्योगिक इकाइयों के संचालकों, होटल मालिकों, कोचिंग सेंटर संचालकों व अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के प्रतिनिधियों के साथ विशेष बैठकें होंगी। इस अभियान को अधिक प्रभावी बनाने के लिए नगर पार्षदों और वार्ड समितियों की सक्रिय भागीदारी भी सुनिश्चित करने को कहा है। अग्निशमन विभाग को निर्देश दिए हैं कि चिह्नित सभी प्रतिष्ठानों का समय-समय पर औचक निरीक्षण किया जाए। नियमित निगरानी जारी रखी जाए।
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बैठक में अग्निशमन सेवाएं विभाग के महानिदेशक शेखर विद्यार्थी ने बताया कि विभाग में अत्याधुनिक अग्निशमन उपकरणों और रोबोट एवं ड्रोन आधारित तकनीक से लैस आधुनिक फायर टेंडरों की खरीद की प्रक्रिया जारी है। इनके उपयोग से बहुमंजिला इमारतों, औद्योगिक परिसरों और अन्य दुर्गम स्थानों पर आपातकालीन स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी राहत एवं बचाव कार्य आसान होगा। विभाग आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र को और अधिक मजबूत बनाने के साथ-साथ आधुनिक अग्निशमन तकनीकों को अपनाने पर भी विशेष ध्यान दे रहा है। इससे न केवल परिचालन क्षमता में वृद्धि होगी बल्कि अग्नि दुर्घटनाओं के दौरान प्रतिक्रिया समय में भी उल्लेखनीय कमी लाई जा सकेगी।
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