{"_id":"682f89bfa1c251bb25001013","slug":"faridabad-karnal-dabwali-and-fatehabad-have-100-percent-conviction-rate-chandigarh-haryana-news-c-16-1-pkl1089-716991-2025-05-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandigarh-Haryana News: फरीदाबाद, करनाल, डबवाली और फतेहाबाद ने 100 फीसदी सजा दर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandigarh-Haryana News: फरीदाबाद, करनाल, डबवाली और फतेहाबाद ने 100 फीसदी सजा दर
विज्ञापन
गंभीर अपराधों में तुरंत कार्रवाई, जल्द न्याय और सजा दर बढ़ाने के निर्देश
चंडीगढ़। प्रदेश में दुष्कर्म, सामूहिक दुष्कर्म, हत्या और मादक पदार्थ तस्करी जैसे गंभीर अपराधों में तुरंत कार्रवाई, जल्द न्याय दिलाने और सजा की दर बढ़ाने की दिशा में प्रयास शुरू करने के निर्देश दिए हैं। डाॅ. मिश्रा ने बताया कि फरीदाबाद, करनाल, डबवाली और फतेहाबाद ने 100 फीसदी सजा दर हासिल की है। कुरुक्षेत्र, सिरसा और रेवाड़ी ने भी क्रमशः 75 फीसदी, 78.57 फीसदी, और 85 फीसदी सजा दर के साथ अच्छा प्रदर्शन किया है। राज्य की गृह विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा पुलिस और अभियोजन अधिकारियों के साथ 25वीं राज्य स्तरीय समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रही थीं।
बैठक में स्टेट क्राइम ब्रांच के एडीजीपी ममता सिंह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुई। आईजीपी सीआईडी मनीष चौधरी, डीआईजी स्टेट क्राइम ब्रांच हामित अख्तर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में उपस्थित थे।
डाॅ. मिश्रा ने कहा कि 61.5 फीसदी की वर्तमान सजा दर को बढ़ाने के कोशिश के निर्देश दिए हैं। राज्य ने फरवरी और मार्च 2025 के लिए इस पहल के तहत 117 नए मामलों को शामिल किया है, जबकि वर्तमान में 1,683 मामलों की सक्रिय निगरानी की जा रही है।
विज्ञापन
उन्होंने जिला पुलिस अधिकारियों और अभियोजकों को आपसी तालमेल के साथ काम करने का निर्देश देते हुए कहा कि कुछ मामलों में विशेष अभियोजकों की नियुक्ति का सुझाव दिया। ताकि अदालत में मजबूत पक्ष रखा जा सके। वहीं, गंभीर मामलों की नियमित निगरानी और किसी भी लापरवाही के लिए जवाबदेही तय करने की चेतावनी दी।
लंबित मामलों की सूची बनाने के निर्देश
डाॅ. मिश्रा ने प्रदेशभर में छह महीने से अधिक समय से लंबित गंभीर अपराधों की जिलावार सूची तैयार करने के साथ इन मामलों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। साथ ही अभियोजन टीमों को डिजिटल उपकरणों और प्रशिक्षण से लैस करने की जरूरत बताईं। इलेक्ट्रॉनिक और फॉरेंसिक साक्ष्यों को अदालत में प्रभावी ढंग से पेश किए जा सके।
विज्ञापन
चंडीगढ़। प्रदेश में दुष्कर्म, सामूहिक दुष्कर्म, हत्या और मादक पदार्थ तस्करी जैसे गंभीर अपराधों में तुरंत कार्रवाई, जल्द न्याय दिलाने और सजा की दर बढ़ाने की दिशा में प्रयास शुरू करने के निर्देश दिए हैं। डाॅ. मिश्रा ने बताया कि फरीदाबाद, करनाल, डबवाली और फतेहाबाद ने 100 फीसदी सजा दर हासिल की है। कुरुक्षेत्र, सिरसा और रेवाड़ी ने भी क्रमशः 75 फीसदी, 78.57 फीसदी, और 85 फीसदी सजा दर के साथ अच्छा प्रदर्शन किया है। राज्य की गृह विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा पुलिस और अभियोजन अधिकारियों के साथ 25वीं राज्य स्तरीय समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रही थीं।
बैठक में स्टेट क्राइम ब्रांच के एडीजीपी ममता सिंह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुई। आईजीपी सीआईडी मनीष चौधरी, डीआईजी स्टेट क्राइम ब्रांच हामित अख्तर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में उपस्थित थे।
विज्ञापन
डाॅ. मिश्रा ने कहा कि 61.5 फीसदी की वर्तमान सजा दर को बढ़ाने के कोशिश के निर्देश दिए हैं। राज्य ने फरवरी और मार्च 2025 के लिए इस पहल के तहत 117 नए मामलों को शामिल किया है, जबकि वर्तमान में 1,683 मामलों की सक्रिय निगरानी की जा रही है।
विज्ञापन
उन्होंने जिला पुलिस अधिकारियों और अभियोजकों को आपसी तालमेल के साथ काम करने का निर्देश देते हुए कहा कि कुछ मामलों में विशेष अभियोजकों की नियुक्ति का सुझाव दिया। ताकि अदालत में मजबूत पक्ष रखा जा सके। वहीं, गंभीर मामलों की नियमित निगरानी और किसी भी लापरवाही के लिए जवाबदेही तय करने की चेतावनी दी।
लंबित मामलों की सूची बनाने के निर्देश
डाॅ. मिश्रा ने प्रदेशभर में छह महीने से अधिक समय से लंबित गंभीर अपराधों की जिलावार सूची तैयार करने के साथ इन मामलों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। साथ ही अभियोजन टीमों को डिजिटल उपकरणों और प्रशिक्षण से लैस करने की जरूरत बताईं। इलेक्ट्रॉनिक और फॉरेंसिक साक्ष्यों को अदालत में प्रभावी ढंग से पेश किए जा सके।