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CET 2025: फर्जी पोर्टल बनाने वाले पांच आरोपी पुलिस गिरफ्त में, 77 छात्रों से ठग चुके थे 22 हजार रुपये
Fri, 06 Jun 2025 02:41 PM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Fri, 06 Jun 2025 02:41 PM IST
सार
हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग की शिकायत के बाद साइबर विशेषज्ञों ने सीईटी के आवेदन को लेकर फर्जी पोर्टल को बंद कर दिया है। वहीं फर्जी पोर्टल बनाने वाले पांच आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आ गए हैं। आरोपी क्यूआर कोड के माध्यम से ठगी कर रहे थे।
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पंचकूला पुलिस और हरियाणा चयन कर्मचारी आयोग की प्रेसवार्ता
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
सीईटी-2025 के आवेदन को लेकर फर्जी पोर्टल बनाने वाले पुलिस की गिरफ्त में आ गए हैं। पुलिस ने हरियाणा के पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। तीन गोरखपुर और एक-एक आरोपी फतेहाबाद और कुरुक्षेत्र का है। क्यूआर कोड के माध्यम से यह आरोपी ठगी कर रहे थे। अभी तक पुलिस की जांच में सामने आया है कि 77 लोगों से 22 हजार रुपये की फीस की ठगी गई है।
पंचकूला पुलिस और हरियाणा चयन कर्मचारी आयोग ने संयुक्त रूप से प्रेस वार्ता में बताया कि फर्जी पोर्टल को बंद कर दिया गया है। 4 जून को शिकायत के बाद ही फर्जी पोर्टल पर जो क्यूआर कोड था, वह भी बंद कर दिया गया था। हरियाणा चयन कर्मचारी आयोग के सदस्य भूपेंद्र चौहान ने प्रेस वार्ता में बताया आयोग ने इस मामले को गंभीरता से लिया और पुलिस को शिकायत दी। पुलिस ने भी बहुत ही तत्परता के साथ तीसरे दिन पूरे मामले का खुलासा कर दिया है। वहीं, पुलिस का यह भी कहना है इस प्रकरण में यह भी देख रहे हैं कि यह गैंग बनाकर साइबर ठगी कर रहे थे या यह पहली बार इस तरह के मामले में शामिल हुए हैं। पुलिस ने अभी अधिक जानकारी देने से इनकार कर दिया, हालांकि कहा कि जांच अभी जारी है। जांच सामने आने के बाद ही असल और अधिक जानकारी मिलेगी। आरोपियों की उम्र उम्र 25 से 40 वर्ष के बीच है।
पुलिस के मुताबिक ठगों ने 29 मई को सीईटी की फर्जी वेबसाइट बनाई थी। रजिस्ट्रेशन के दौरान ठगों ने छात्रों से कुछ जरूरी जानकारी लेकर फीस जमा करवाई और पंजीकरण दिखा दिया। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के सदस्य भूपेंद्र चौहान ने बताया कि आयोग के संज्ञान में आया कि कुछ साइबर अपराधियों ने फर्जी वेबसाइट तैयार की है। कुछ आवेदकों की शिकायतों पर संज्ञान लेकर आयोग की ओर से सेक्टर-20 स्थित साइबर थाने में शिकायत दी।
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पंचकूला पुलिस और हरियाणा चयन कर्मचारी आयोग ने संयुक्त रूप से प्रेस वार्ता में बताया कि फर्जी पोर्टल को बंद कर दिया गया है। 4 जून को शिकायत के बाद ही फर्जी पोर्टल पर जो क्यूआर कोड था, वह भी बंद कर दिया गया था। हरियाणा चयन कर्मचारी आयोग के सदस्य भूपेंद्र चौहान ने प्रेस वार्ता में बताया आयोग ने इस मामले को गंभीरता से लिया और पुलिस को शिकायत दी। पुलिस ने भी बहुत ही तत्परता के साथ तीसरे दिन पूरे मामले का खुलासा कर दिया है। वहीं, पुलिस का यह भी कहना है इस प्रकरण में यह भी देख रहे हैं कि यह गैंग बनाकर साइबर ठगी कर रहे थे या यह पहली बार इस तरह के मामले में शामिल हुए हैं। पुलिस ने अभी अधिक जानकारी देने से इनकार कर दिया, हालांकि कहा कि जांच अभी जारी है। जांच सामने आने के बाद ही असल और अधिक जानकारी मिलेगी। आरोपियों की उम्र उम्र 25 से 40 वर्ष के बीच है।
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पुलिस के मुताबिक ठगों ने 29 मई को सीईटी की फर्जी वेबसाइट बनाई थी। रजिस्ट्रेशन के दौरान ठगों ने छात्रों से कुछ जरूरी जानकारी लेकर फीस जमा करवाई और पंजीकरण दिखा दिया। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के सदस्य भूपेंद्र चौहान ने बताया कि आयोग के संज्ञान में आया कि कुछ साइबर अपराधियों ने फर्जी वेबसाइट तैयार की है। कुछ आवेदकों की शिकायतों पर संज्ञान लेकर आयोग की ओर से सेक्टर-20 स्थित साइबर थाने में शिकायत दी।
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