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Haryana: कर्मचारियों-पेंशनर्स को बड़ी राहत, मेडिकल खर्च के लिए आश्रितों की आय सीमा ढाई गुना बढ़ी
Mon, 13 Jul 2026 02:57 PM IST
Nivedita
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: Nivedita
Updated Mon, 13 Jul 2026 02:57 PM IST
सार
संशोधन वर्ष 2007 में जारी नियमों में किया गया है। पहले आश्रित की अधिकतम मासिक आय 3,500 रुपये निर्धारित थी, लेकिन समय के साथ महंगाई और बदलती आर्थिक परिस्थितियों को देखते हुए सरकार ने इसे बढ़ाने का निर्णय लिया है।
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हरियाणा के सीएम नायब सैनी
- फोटो : X @cmohry
विस्तार
हरियाणा सरकार ने अपने कर्मचारियों और पेंशनरों को बड़ी राहत देते हुए मेडिकल रीइम्बर्समेंट (चिकित्सा खर्च की प्रतिपूर्ति) के नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। सरकार ने आश्रितों की मासिक आय सीमा 3,500 रुपये से बढ़ाकर 9,000 रुपये कर दी है। यानी अब जिन आश्रितों की मासिक आय 9,000 रुपये तक है, उन्हें भी कर्मचारी या पेंशनर के आश्रित के रूप में मेडिकल रीइम्बर्समेंट का लाभ मिल सकेगा।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से 13 जुलाई 2026 को जारी आदेश में बताया गया है कि यह संशोधन वर्ष 2007 में जारी नियमों में किया गया है। पहले आश्रित की अधिकतम मासिक आय 3,500 रुपये निर्धारित थी, लेकिन समय के साथ महंगाई और बदलती आर्थिक परिस्थितियों को देखते हुए सरकार ने इसे बढ़ाने का निर्णय लिया है।
आदेश के अनुसार, इस प्रस्ताव को वित्त विभाग की मंजूरी भी मिल चुकी है। वित्त विभाग ने 26 जून 2026 को अपनी सहमति प्रदान की थी, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने इसे लागू करने के आदेश जारी कर दिए।
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यह आदेश सभी विभागाध्यक्षों, मंडलायुक्तों, उपायुक्तों व पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार सहित संबंधित अधिकारियों को भेज दिया गया है, ताकि नए प्रावधान के अनुसार कर्मचारियों और पेंशनरों को लाभ दिया जा सके।
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स्वास्थ्य विभाग की ओर से 13 जुलाई 2026 को जारी आदेश में बताया गया है कि यह संशोधन वर्ष 2007 में जारी नियमों में किया गया है। पहले आश्रित की अधिकतम मासिक आय 3,500 रुपये निर्धारित थी, लेकिन समय के साथ महंगाई और बदलती आर्थिक परिस्थितियों को देखते हुए सरकार ने इसे बढ़ाने का निर्णय लिया है।
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आदेश के अनुसार, इस प्रस्ताव को वित्त विभाग की मंजूरी भी मिल चुकी है। वित्त विभाग ने 26 जून 2026 को अपनी सहमति प्रदान की थी, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने इसे लागू करने के आदेश जारी कर दिए।
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यह आदेश सभी विभागाध्यक्षों, मंडलायुक्तों, उपायुक्तों व पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार सहित संबंधित अधिकारियों को भेज दिया गया है, ताकि नए प्रावधान के अनुसार कर्मचारियों और पेंशनरों को लाभ दिया जा सके।