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Hindi News ›   Haryana ›   Chandigarh-Haryana News ›   Education Minister sought a report on the dilapidated schools of the state responsibility of district education officers will be fixed

Chandigarh-Haryana News: शिक्षा मंत्री ने प्रदेश के जर्जर स्कूलों की मांगीं रिपोर्ट, जिला शिक्षा अधिकारियों की तय होगी जिम्मेदारी

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अमर उजाला के कैसी है पाठशाला अभियान का शिक्षा मंत्री ने लिया संज्ञान
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शिक्षा मंत्री ने खामियां उजागर करने के लिए अमर उजाला का किया धन्यवाद
जर्जर स्कूलों की दशा न सुधारने में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई तय
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। आखिरकार शिक्षा विभाग ने जर्जर और मरम्मत की बाट जोह रहे स्कूल भवनों की दशा सुधरने की कवायद शुरू कर दी है। अमर उजाला के अभियान कैसी है पाठशाला पर संज्ञान लेते हुए शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने प्रदेश के सभी जर्जर स्कूलों की रिपोर्ट शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विनीत गर्ग से मांग ली है। उन्होंने इसके लिए सभी जिला शिक्षा अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने को कहा है।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सैनी सरकार में सरकारी स्कूलों की इमारतों, वहां मूलभूत सुविधाओं और पढ़ाई की स्थिति में काफी सुधार किया गया है। फिर भी कुछ कमियां रह गईं हैं जिनकी तरफ अमर उजाला ने लगातार खबरें प्रकाशित कर ध्यान दिलाया। मैं अमर उजाला का धन्यवाद करता हूं कि उसने बच्चों को आने वाली परेशानियों और उनकी सुरक्षा में खामियों को उजागर किया। अब इसे दुरुस्त करवाने की जिम्मेदारी सरकार की है।
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उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों की बेहतरी के लिए तमाम नए कदम उठाए गए हैं। फिर भी हो सकता है कि कुछ स्कूलों में भवन निर्माण की आवश्यकता हो। अधिकारियों से इसकी विस्तृत रिपोर्ट बजट के साथ मांगी गई है। सरकारी स्कूलों में कमरों की कमी के सवाल पर महिपाल ढांडा ने कहा कि प्रदेश के कई स्कूलों में भवन व कमरों के निर्माण की प्रक्रिया चल रही है। मॉडल संस्कृति स्कूलों में कमियों और खामियों पर उन्होंने कहा कि जहां भी निर्माण कार्य कराना होगा जल्द करवाया जाएगा।
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शिक्षा मंत्री होने के नाते मैं पूरे प्रदेश के स्कूलों की जिम्मेदारी मेरी


ढांडा ने कहा कि अब मैं खुद स्कूलों में जाकर स्थिति का जायजा लूंगा। शिक्षा मंत्री होने के नाते मैं पूरे प्रदेश के स्कूलों की जिम्मेदारी लेता हूं।प्रधानाचार्यों के बार-बार पत्र लिखने के बाद भी जर्जर स्कूलों की दशा न सुधारे जाने पर उन्होंने कहा कि यदि विभागीय स्तर पर लापरवाही बरती जा रही है तो कार्रवाई तय है। उन्होंने कहा कि बच्चों से जुड़े किसी भी मुद्दे पर यदि अधिकारी टाल-मटोल करते हैं तो सीधे मुझे जानकारी दी जाए।
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