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Chandigarh-Haryana News: मिड-डे मील गबन में शिक्षा विभाग के निर्देश, सीबीआई जांच में करें सहयोग
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-सीबीआई ने स्कूलों से नामांकन संख्या, ग्रांट रजिस्टर, ट्रेजरी रिकॉर्ड, इंसेंटिव, कैशबुक सहित रिकॉर्ड जब्त किया
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। वर्ष 2014 से 2016 के बीच प्रदेश के सरकारी स्कूलों में कथित दाखिला और मिड-डे मील गबन मामले को लेकर केंद्रीय जांच एजेंसी (सीबीआई) की टीम एक्शन में आ गई है। शिक्षा विभाग की तरफ से संदेह के घेरे में आने वाले, नोटिस प्राप्त करने वाले विभागीय स्टॉफ को शिक्षा निदेशालय की तरफ से बाकायदा संबंधित स्कूलों के प्रधानाचार्य, हेडमास्टर को पत्र भी जारी किया गया है। सीबीआई की टीम जून 2025 में स्कूलों में होने वाले नामांकन संख्या, ग्रांट रजिस्टर, ट्रेजरी रिकॉर्ड, इंसेंटिव, कैशबुक, वर्दी व स्टेशनरी का ब्योरा जब्त करने के बाद कर्मचारियों को पहचान कर नोटिस कर जांच में शामिल कर रही है। साल 2016 में यह मामला उजागर हुआ था। उस समय स्कूलों में 22 लाख बच्चों का नामांकन दिखाया गया था जबकि कुल संख्या 18 लाख निकली थी। आरोप है कि सरकारी योजनाओं के फंड गबन करने के लिए चार लाख बच्चों का फर्जी नामांकन दिखाया गया था। 2019 से हाईकोर्ट ने सीबीआई को मामले की जांच करने के निर्देश दिए।
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। वर्ष 2014 से 2016 के बीच प्रदेश के सरकारी स्कूलों में कथित दाखिला और मिड-डे मील गबन मामले को लेकर केंद्रीय जांच एजेंसी (सीबीआई) की टीम एक्शन में आ गई है। शिक्षा विभाग की तरफ से संदेह के घेरे में आने वाले, नोटिस प्राप्त करने वाले विभागीय स्टॉफ को शिक्षा निदेशालय की तरफ से बाकायदा संबंधित स्कूलों के प्रधानाचार्य, हेडमास्टर को पत्र भी जारी किया गया है। सीबीआई की टीम जून 2025 में स्कूलों में होने वाले नामांकन संख्या, ग्रांट रजिस्टर, ट्रेजरी रिकॉर्ड, इंसेंटिव, कैशबुक, वर्दी व स्टेशनरी का ब्योरा जब्त करने के बाद कर्मचारियों को पहचान कर नोटिस कर जांच में शामिल कर रही है। साल 2016 में यह मामला उजागर हुआ था। उस समय स्कूलों में 22 लाख बच्चों का नामांकन दिखाया गया था जबकि कुल संख्या 18 लाख निकली थी। आरोप है कि सरकारी योजनाओं के फंड गबन करने के लिए चार लाख बच्चों का फर्जी नामांकन दिखाया गया था। 2019 से हाईकोर्ट ने सीबीआई को मामले की जांच करने के निर्देश दिए।