हरियाणा विधानसभा: भाजपा विधायकों के बीच तकरार, कांग्रेस का वॉकआउट, हाईकोर्ट जज से आरोपों की जांच की मांग
हरियाणा विधानसभा में बुधवार को विपक्षी दल कांग्रेस ने भाजपा के दो विधायकों के बीच हुई तीखी नोकझोंक का मुद्दा उठाया और उनके द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच के लिए एक सदन समिति गठित करने की मांग की।
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विधानसभा में भाजपा विधायक की ओर से सरकार के वरिष्ठ मंत्री पर लगाए आरोपों की जांच नहीं कराने के विरोध में बुधवार को कांग्रेस विधायकों ने सदन के अंदर नारेबाजी की और फिर वॉकआउट कर गए। कांग्रेस विधायकों ने कहा कि सदन के अंदर दोनों सदस्यों ने सदन की मर्यादा तोड़ी है, इस पर निंदा प्रस्ताव लाया जाए और जो आरोप लगे हैं, उसकी जांच के लिए विधानसभा सदस्यों की कमेटी बनाई जाए।
इस पर सरकार ने दो टूक कहा कि यदि कोई लिखित शिकायत आई तो संज्ञान लिया जाएगा। वहीं, स्पीकर ने कहा कि वह 90 विधायकों के कस्टोडियन हैं। हाउस को मर्यादापूर्वक चलाने की जिम्मेदारी उनकी है। इसलिए किसी को भी नियमों व मर्यादाओं को लांघने की इजाजत नहीं है।
उल्लेखनीय है कि मंगलवार को सदन के अंदर सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा और सफीदो से भाजपा विधायक रामकुमार गौतम ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए। इसे लेकर बुधवार को भी सदन में खूब हंगामा हुआ। शून्य काल के दौरान पूर्व स्पीकर व कांग्रेस विधायक अशोक अरोड़ा ने कहा सरकार के विधायक ने अपनी ही पार्टी के मंत्री पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इसकी जांच या तो विधानसभा सदस्यों की कमेटी से करवाई जाए या फिर हाईकोर्ट की सिटिंग जज को इसकी जांच सौंपी जाए। इतना कहते ही सदन में हंगामा शुरू हो गया।
वॉकआउट पर सीट पर ही बैठे रहे टोहाना विधायक परमवीर
स्पीकर ने कहा कि व्यक्तिगत आरोपों को सदन की कार्रवाई से हटा दिया गया है। अब इस पर कोई चर्चा नहीं होगी। मगर कांग्रेस के विधायक नहीं माने और अपनी सीट पर खड़े होकर विरोध जताया। विवाद बढ़ने पर संसदीय कार्यमंत्री महिपाल ढांडा ने कहा- लिखित शिकायत आई तो सरकार संज्ञान लेगी। कांग्रेस विधायकों ने कहा जब यह विवाद सबके सामने हुआ है तो लिखित में शिकायत देने की जरूरत नहीं है। वहीं, वॉकआउट के दौरान पूर्व कृषि मंत्री व टोहाना विधायक परमवीर सिंह अपनी सीट पर ही बैठे रहे। कांग्रेस विधायक ने उनसे बाहर जाने का आग्रह भी किया, मगर वे नहीं गए।
संसदीय कार्य मंत्री बोले- विपक्ष राई का पहाड़ बना रहे हैं, कांग्रेस भड़की
विवाद के बीच संसदीय कार्य मंत्री महिपाल ढांडा ने मंगलवार को हुई घटना पर पर कहा- सदस्यों का अशोभनीय व्यवहार सही नहीं है। जो हुआ, वह दुखदायी था। इस पर आप लोग राई का पहाड़ बना रहे हैं। इतना कहते ही कांग्रेस विधायक फिर से भड़क गए। पूर्व स्पीकर व बेरी विधायक डॉ. रघुबीर सिंह कादियान ने कहा- सदन में आरोप लगना गंभीर मामला है। पूरे घटनाक्रम से राजनीतिक लोगों का कद कम हुआ है। वहीं, पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा कहा- कल की घटना के दो पहलू हैं। सिर्फ एक चर्चा हो रही है। पहला, विधानसभा को स्वत: ही संज्ञान लेना चाहिए। दूसरा, सरकार क्या कार्रवाई कर रही है। हुड्डा ने अपनी मांग फिर से दोहराने की कोशिश की, मगर स्पीकर ने उन्हें बोलने नहीं दिया।
स्पीकर बोले- वरिष्ठ सदस्यों को सोचना चाहिए, उनके आचरण का नए सदस्यों पर क्या असर पड़ेगा
विवाद बढ़ने पर स्पीकर हरविन्द्र कल्याण ने कहा कि हाउस को ठीक से चलाने की जिम्मेदारी उनकी (स्पीकर) है। किसी को भी नियमों व मर्यादाओं को लांघने की इजाजत नहीं है। जिस तरह से वरिष्ठ सदस्यों का आचरण है, उसका नए सदस्यों पर क्या असर पड़ेगा, इस बारे भी सोचना चाहिए। किसी को भी एक-दूसरे के खिलाफ व्यक्तिगत कटाक्ष नहीं करने दिया जाएगा। दोनों की ओर से इस्तेमाल किए गए मर्यादित शब्दों को कार्रवाई से हटाया जा चुका है।
शर्मा सदन में नहीं आए, गौतम सदन में बैठे
विवाद के बीच सहकारिता मंत्री डा. अरविंद शर्मा बुधवार को सदन में नहीं आए, जो चर्चा का विषय बना रहा। वहीं, सदन में सफीदो विधायक रामकुमार गौतम सदन में ही बैठे रहे। हालांकि इस दौरान उन्होंने कुछ भी नहीं बोला। बताया जा रहा है कि भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने मंगलवार को हुए घटनाक्रम को गंभीरता से लिया है। पार्टी की ओर से दोनों को कड़ा संदेश दिया गया है।