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Chandigarh-Haryana News: सीधे धान की बिजाई 1.74 लाख एकड़ का सत्यापन
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- इस बार सीधे धान की बिजाई का 4,07,752.98 एकड़ का हुआ था पंजीकरण, 4500 रुपये प्रति एकड़ मिलेगा अनुदान अमर उजाला ब्यूरो,
चंडीगढ़। हरियाणा में सीधे धान की बिजाई (डीएसआर) करने वाले किसानों का सत्यापन हो गया है। इस बार धान की खेती के लिए मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर 4,07,752.98 एकड़ का पंजीकरण हुआ था। इसमें से 1,74,064.38 एकड़ का सत्यापन हो गया। संबंधित किसानों को नई घोषणा के अनुसार 4500 रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से उनके खातों में सीधे भुगतान होगा।
हरियाणा सरकार ने किसानों को पराली प्रबंधन के लिए काम करने के लिए कई योजनाओं का लाभ दिया है। इसके साथ ही गिरते जलस्तर को देखते हुए प्रदेश के 12 जिलों फतेहाबाद, सिरसा, हिसार, रोहतक, अंबाला, यमुना नगर, करनाल, कुरुक्षेत्र, कैथल, पानीपत, जींद और सोनीपत जिले शामिल हैं। पिछले वर्ष तक सीधे धान की रोपाई करने वाले किसानों को सत्यापन के बाद 4000 रुपये प्रति एकड़ तक अनुदान दिया जाता था। इस बार 500 रुपये प्रति एकड़ अतिरिक्त अनुदान दिया जाएगा। खरीफ-2025 के लिए इस बार 180 करोड़ रुपये के अनुदान का लक्ष्य था, लेकिन सत्यापन के क्षेत्रफल के अनुसार ही किसानों को भुगतान होगा।
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चंडीगढ़। हरियाणा में सीधे धान की बिजाई (डीएसआर) करने वाले किसानों का सत्यापन हो गया है। इस बार धान की खेती के लिए मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर 4,07,752.98 एकड़ का पंजीकरण हुआ था। इसमें से 1,74,064.38 एकड़ का सत्यापन हो गया। संबंधित किसानों को नई घोषणा के अनुसार 4500 रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से उनके खातों में सीधे भुगतान होगा।
हरियाणा सरकार ने किसानों को पराली प्रबंधन के लिए काम करने के लिए कई योजनाओं का लाभ दिया है। इसके साथ ही गिरते जलस्तर को देखते हुए प्रदेश के 12 जिलों फतेहाबाद, सिरसा, हिसार, रोहतक, अंबाला, यमुना नगर, करनाल, कुरुक्षेत्र, कैथल, पानीपत, जींद और सोनीपत जिले शामिल हैं। पिछले वर्ष तक सीधे धान की रोपाई करने वाले किसानों को सत्यापन के बाद 4000 रुपये प्रति एकड़ तक अनुदान दिया जाता था। इस बार 500 रुपये प्रति एकड़ अतिरिक्त अनुदान दिया जाएगा। खरीफ-2025 के लिए इस बार 180 करोड़ रुपये के अनुदान का लक्ष्य था, लेकिन सत्यापन के क्षेत्रफल के अनुसार ही किसानों को भुगतान होगा।
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