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Chandigarh-Haryana News: अस्पतालों में अब हर मेडिकल उपकरण का बनेगा डिजिटल रिकॉर्ड
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राज्य स्वास्थ्य खरीद विशेष स्थायी खरीद समिति की बैठक में लिया गया फैसला
शवगृहों की क्षमता बढ़ेगी व पोस्टमार्टम की प्रक्रिया और अधिक सुरक्षित व प्रभावी बनेगी
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा के सरकारी अस्पतालों में अब चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता, स्थिति और उपयोग का रिकॉर्ड डिजिटल रूप में तैयार किया जाएगा। प्रदेश के सभी जिलों के स्वास्थ्य संस्थानों में स्थापित उपकरणों का सर्वेक्षण, सत्यापन और प्रमाणीकरण कर उनकी केंद्रीकृत डिजिटल सूची बनाई जाएगी। चिकित्सा उपकरणों के डिजिटलीकरण के लिए एक एजेंसी का चयन किया गया है। इस कार्य पर करीब 22.42 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है। डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होने से अधिकारियों को यह जानने में आसानी होगी कि किस स्वास्थ्य संस्थान में कौन-से उपकरण उपलब्ध हैं और उनकी स्थिति क्या है। इससे उपकरणों की मरम्मत, रखरखाव और नई खरीद की जरूरत का आकलन करने में भी सहायता मिलेगी।
यह फैसला स्वास्थ्य विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा की अध्यक्षता में हुई विशेष स्थायी खरीद समिति की बैठक में लिया गया। वहीं, अस्पतालों के लिए छह शवों की क्षमता वाले नौ शवगृह चैंबर व ऑटोप्सी टेबल खरीदी जाएंगी। इसका मकसद शवगृहों की क्षमता बढ़ाना व पोस्टमार्टम की प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित और प्रभावी बनाना है।
ब्लड बैंक और दवा जांच सुविधाएं भी होंगी मजबूत
ब्लड बैंक, स्क्रीनिंग और प्रयोगशालाओं के लिए करीब 1.09 करोड़ रुपये के उपकरण मंजूर किए गए हैं। इनमें 25 डीप फ्रीजर, 20 एलिसा रीडर विद वॉशर और 15 डिजिटल एनालिटिकल बैलेंस शामिल हैं। वहीं, खाद्य एवं औषधि प्रशासन के लिए करीब 25 लाख रुपये की दो-दो डिसॉल्यूशन और डिसइंटीग्रेशन मशीनें खरीदी जाएंगी। सरकार के अनुसार इन फैसलों से स्वास्थ्य संस्थानों में उपकरण प्रबंधन अधिक पारदर्शी बनने के साथ जांच और दवा परीक्षण की सुविधाओं को बेहतर करने में मदद मिलेगी।
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शवगृहों की क्षमता बढ़ेगी व पोस्टमार्टम की प्रक्रिया और अधिक सुरक्षित व प्रभावी बनेगी
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा के सरकारी अस्पतालों में अब चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता, स्थिति और उपयोग का रिकॉर्ड डिजिटल रूप में तैयार किया जाएगा। प्रदेश के सभी जिलों के स्वास्थ्य संस्थानों में स्थापित उपकरणों का सर्वेक्षण, सत्यापन और प्रमाणीकरण कर उनकी केंद्रीकृत डिजिटल सूची बनाई जाएगी। चिकित्सा उपकरणों के डिजिटलीकरण के लिए एक एजेंसी का चयन किया गया है। इस कार्य पर करीब 22.42 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है। डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होने से अधिकारियों को यह जानने में आसानी होगी कि किस स्वास्थ्य संस्थान में कौन-से उपकरण उपलब्ध हैं और उनकी स्थिति क्या है। इससे उपकरणों की मरम्मत, रखरखाव और नई खरीद की जरूरत का आकलन करने में भी सहायता मिलेगी।
यह फैसला स्वास्थ्य विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा की अध्यक्षता में हुई विशेष स्थायी खरीद समिति की बैठक में लिया गया। वहीं, अस्पतालों के लिए छह शवों की क्षमता वाले नौ शवगृह चैंबर व ऑटोप्सी टेबल खरीदी जाएंगी। इसका मकसद शवगृहों की क्षमता बढ़ाना व पोस्टमार्टम की प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित और प्रभावी बनाना है।
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ब्लड बैंक और दवा जांच सुविधाएं भी होंगी मजबूत
ब्लड बैंक, स्क्रीनिंग और प्रयोगशालाओं के लिए करीब 1.09 करोड़ रुपये के उपकरण मंजूर किए गए हैं। इनमें 25 डीप फ्रीजर, 20 एलिसा रीडर विद वॉशर और 15 डिजिटल एनालिटिकल बैलेंस शामिल हैं। वहीं, खाद्य एवं औषधि प्रशासन के लिए करीब 25 लाख रुपये की दो-दो डिसॉल्यूशन और डिसइंटीग्रेशन मशीनें खरीदी जाएंगी। सरकार के अनुसार इन फैसलों से स्वास्थ्य संस्थानों में उपकरण प्रबंधन अधिक पारदर्शी बनने के साथ जांच और दवा परीक्षण की सुविधाओं को बेहतर करने में मदद मिलेगी।
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