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Chandigarh-Haryana News: कुर्सी पर पिता को बैठाकर भावुक हुए डीजीपी, तीन पीढ़ियों की भावनाओं का दृश्य
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा के नवनियुक्त पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अजय सिंघल के पदभार ग्रहण समारोह में वह क्षण सबको भावुक कर गया जब उन्होंने 85 वर्षीय पिता ओमप्रकाश सिंघल को ससम्मान कुर्सी पर बैठाकर उनका आशीर्वाद लिया। प्रशासनिक गरिमा के बीच यह दृश्य मानवीय संवेदनाओं, संस्कारों और पारिवारिक मूल्यों का जीवंत प्रतीक बन गया। यह दृश्य केवल एक अधिकारी के पदभार ग्रहण का नहीं था बल्कि यह संदेश था कि असली ऊंचाई वही है, जहां संस्कार, संवेदना और सम्मान साथ चलते हैं।
पिता के चरणों में नतमस्तक होते ही डीजीपी अजय सिंघल की आंखें नम हो उठीं। यह केवल एक औपचारिक पल नहीं था, बल्कि उस संस्कार का प्रतिबिंब था। इसमें सफलता से पहले श्रद्धा और विनम्रता को सर्वोच्च स्थान दिया जाता है। इस भावुक क्षण का साक्षी उनका बेटा भी बना। इससे तीन पीढ़ियां एक ही मंच पर एक-दूसरे से जुड़ी दिखाई दीं। इस दौरान अनुभव, संस्कार और उत्तरदायित्व, ये तीनों का संगम इस दृश्य को अविस्मरणीय बना गया।
समारोह कुछ पल के लिए औपचारिकता से निकलकर आत्मीयता और संवेदना का रूप ले चुका था। डीजीपी अजय सिंघल ने कहा कि जीवन में चाहे कितनी भी ऊंचाई क्यों न मिल जाए, माता-पिता का आशीर्वाद ही सबसे बड़ी ताकत होता है। पदभार ग्रहण के बाद उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों का आभार जताते हुए कहा कि वे ईमानदारी, संवेदनशीलता और कर्तव्यनिष्ठा के साथ हरियाणा की कानून-व्यवस्था को और सुदृढ़ करने का प्रयास करेंगे।
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आईआईटी दिल्ली से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक करने वाले अजय सिंघल एक सादगीपूर्ण व्यक्तित्व के लिए जाने जाते हैं। उनके पिता ओपी सिंघल मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विस में अधिकारी रहे हैं। परिवार में उनकी पत्नी शीना गृहिणी हैं और दो बेटियां व एक बेटा है। उनके एक चाचा गुजरात में फैक्टरी चलाते हैं और दूसरे चाचा गुरुग्राम में रहते हैं।
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चंडीगढ़। हरियाणा के नवनियुक्त पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अजय सिंघल के पदभार ग्रहण समारोह में वह क्षण सबको भावुक कर गया जब उन्होंने 85 वर्षीय पिता ओमप्रकाश सिंघल को ससम्मान कुर्सी पर बैठाकर उनका आशीर्वाद लिया। प्रशासनिक गरिमा के बीच यह दृश्य मानवीय संवेदनाओं, संस्कारों और पारिवारिक मूल्यों का जीवंत प्रतीक बन गया। यह दृश्य केवल एक अधिकारी के पदभार ग्रहण का नहीं था बल्कि यह संदेश था कि असली ऊंचाई वही है, जहां संस्कार, संवेदना और सम्मान साथ चलते हैं।
पिता के चरणों में नतमस्तक होते ही डीजीपी अजय सिंघल की आंखें नम हो उठीं। यह केवल एक औपचारिक पल नहीं था, बल्कि उस संस्कार का प्रतिबिंब था। इसमें सफलता से पहले श्रद्धा और विनम्रता को सर्वोच्च स्थान दिया जाता है। इस भावुक क्षण का साक्षी उनका बेटा भी बना। इससे तीन पीढ़ियां एक ही मंच पर एक-दूसरे से जुड़ी दिखाई दीं। इस दौरान अनुभव, संस्कार और उत्तरदायित्व, ये तीनों का संगम इस दृश्य को अविस्मरणीय बना गया।
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समारोह कुछ पल के लिए औपचारिकता से निकलकर आत्मीयता और संवेदना का रूप ले चुका था। डीजीपी अजय सिंघल ने कहा कि जीवन में चाहे कितनी भी ऊंचाई क्यों न मिल जाए, माता-पिता का आशीर्वाद ही सबसे बड़ी ताकत होता है। पदभार ग्रहण के बाद उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों का आभार जताते हुए कहा कि वे ईमानदारी, संवेदनशीलता और कर्तव्यनिष्ठा के साथ हरियाणा की कानून-व्यवस्था को और सुदृढ़ करने का प्रयास करेंगे।
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आईआईटी दिल्ली से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक करने वाले अजय सिंघल एक सादगीपूर्ण व्यक्तित्व के लिए जाने जाते हैं। उनके पिता ओपी सिंघल मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विस में अधिकारी रहे हैं। परिवार में उनकी पत्नी शीना गृहिणी हैं और दो बेटियां व एक बेटा है। उनके एक चाचा गुजरात में फैक्टरी चलाते हैं और दूसरे चाचा गुरुग्राम में रहते हैं।