{"_id":"684ac3171586ef603e016ec4","slug":"cbi-reaching-schools-in-admission-and-mid-day-meal-embezzlement-case-news-of-investigation-haryana-news-chandigarh-haryana-news-c-16-1-pkl1089-735204-2025-06-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandigarh-Haryana News: दाखिला व मिड-डे मिल गबन मामले में स्कूलों में पहुंच रही सीबीआई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandigarh-Haryana News: दाखिला व मिड-डे मिल गबन मामले में स्कूलों में पहुंच रही सीबीआई
विज्ञापन
-साल 2014 से 2016 के बीच कथित गबन का आरोप, सीबीआई टीम स्कूलों में पहुंचकर रिकॉर्ड जब्त कर रही
-सीबीआई नामांकन संख्या, ग्रांट रजिस्टर, ट्रेजरी रिकॉर्ड, इंसेंटिव, कैशबुक सहित रिकॉर्ड मांग रही
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। साल 2014 से 2016 के बीच प्रदेश के सरकारी स्कूलों में कथित दाखिला और मिड-डे मिल गबन मामले को लेकर केंद्रीय जांच एजेंसी (सीबीआई) की टीम स्कूलों में पहुंच रही है। पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के निर्देशानुसार सीबीआई टीम की जांच में सहयोग करने को लेकर शिक्षा निदेशालय की तरफ से बाकायदा संबंधित स्कूलों के प्रधानाचार्य, हेडमास्टर व मुखिया को पत्र भी जारी किया गया है। सीबीआई की टीम एक प्रोफार्मा के तहत स्कूलों में जाकर उस अवधि में स्कूलों में होने वाले नामांकन संख्या, ग्रांट रजिस्टर, ट्रेजरी रिकॉर्ड, इंसेंटिव, कैशबुक, वर्दी व स्टेशनरी का पूरा ब्योरा जब्त कर रही है।
सीबीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इनमें सबसे ज्यादा रेवाड़ी के 10 स्कूलों को पहले चरण में जांच के लिए चिह्नित किए गए हैं। रोजाना तारीख के हिसाब के स्कूलों में जांच का शेड्यूल तैयार किया गया है। शिक्षा विभाग को मामले से संबंधित महत्वपूर्ण क्या-क्या रिकॉर्ड और प्रधानाचार्य, हेडमास्टर व मुखिया की मौके पर उपस्थिति रहने व सहयोग के लिए निर्देशित भी किया गया है। गौरतलब हो कि 2016 में यह मामला उजागर हुआ था। उस समय स्कूलों में 22 लाख बच्चों का नामांकन दिखाया गया था, जबकि कुल संख्या 18 लाख निकली थी। आरोप है कि सरकारी योजनाओं के फंड गबन करने के लिए चार लाख बच्चों का फर्जी नामांकन दिखाया गया था। पहले इस मामले की जांच हरियाणा पुलिस रही थी। जबकि, साल 2019 से हाईकोर्ट ने सीबीआई को मामले की जांच करने के निर्देश दिए।
विज्ञापन
-सीबीआई नामांकन संख्या, ग्रांट रजिस्टर, ट्रेजरी रिकॉर्ड, इंसेंटिव, कैशबुक सहित रिकॉर्ड मांग रही
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। साल 2014 से 2016 के बीच प्रदेश के सरकारी स्कूलों में कथित दाखिला और मिड-डे मिल गबन मामले को लेकर केंद्रीय जांच एजेंसी (सीबीआई) की टीम स्कूलों में पहुंच रही है। पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के निर्देशानुसार सीबीआई टीम की जांच में सहयोग करने को लेकर शिक्षा निदेशालय की तरफ से बाकायदा संबंधित स्कूलों के प्रधानाचार्य, हेडमास्टर व मुखिया को पत्र भी जारी किया गया है। सीबीआई की टीम एक प्रोफार्मा के तहत स्कूलों में जाकर उस अवधि में स्कूलों में होने वाले नामांकन संख्या, ग्रांट रजिस्टर, ट्रेजरी रिकॉर्ड, इंसेंटिव, कैशबुक, वर्दी व स्टेशनरी का पूरा ब्योरा जब्त कर रही है।
सीबीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इनमें सबसे ज्यादा रेवाड़ी के 10 स्कूलों को पहले चरण में जांच के लिए चिह्नित किए गए हैं। रोजाना तारीख के हिसाब के स्कूलों में जांच का शेड्यूल तैयार किया गया है। शिक्षा विभाग को मामले से संबंधित महत्वपूर्ण क्या-क्या रिकॉर्ड और प्रधानाचार्य, हेडमास्टर व मुखिया की मौके पर उपस्थिति रहने व सहयोग के लिए निर्देशित भी किया गया है। गौरतलब हो कि 2016 में यह मामला उजागर हुआ था। उस समय स्कूलों में 22 लाख बच्चों का नामांकन दिखाया गया था, जबकि कुल संख्या 18 लाख निकली थी। आरोप है कि सरकारी योजनाओं के फंड गबन करने के लिए चार लाख बच्चों का फर्जी नामांकन दिखाया गया था। पहले इस मामले की जांच हरियाणा पुलिस रही थी। जबकि, साल 2019 से हाईकोर्ट ने सीबीआई को मामले की जांच करने के निर्देश दिए।
विज्ञापन