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कॉलेजों की दुर्दशा के लिए भाजपा सरकार जिम्मेदार : अभय
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कहा-प्रदेश के 180 कॉलेजों में 2400 से अधिक पद खाली होने से पढ़ाई हो रही प्रभावित
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। इनेलो के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी अभय सिंह चौटाला ने कहा कि हरियाणा के कॉलेजों में नियमित प्रोफेसरों की भारी कमी के लिए भाजपा सरकार और हरियाणा लोक सेवा आयोग (एचपीएससी) दोनों समान रूप से जिम्मेदार हैं। उन्होंने सरकार के कॉलेजों में पीएचडी व रिसर्च स्कॉलर्स से पढ़ाने के फैसले को दोहरी नीति करार दिया है।
अभय चौटाला ने कहा कि कॉलेज शिक्षा बच्चों के भविष्य को निर्धारित करती है लेकिन प्रदेश के 180 कॉलेजों में 2400 से अधिक पद खाली होने के चलते पढ़ाई प्रभावित हो रही है। उन्होंने तंज कसा कि जिन पीएचडी और रिसर्च स्कॉलर्स को एचपीएससी असिस्टेंट प्रोफेसर के पेपर में फेल कर देती है उन्हीं को अब सरकार संविदा पर पढ़ाने के लिए भेज रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि अगर योग्यता थी तो भर्ती में क्यों फेल किया गया और यदि योग्यता नहीं थी तो कक्षाओं में पढ़ाने के लिए क्यों भेजा जा रहा है? भाजपा सरकार का एजेंडा शिक्षा सुधार नहीं बल्कि काम चलाऊ व्यवस्था और योग्य युवाओं को बेरोजगार रखना है। उन्होंने दावा किया कि सरकार बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के प्रति गंभीर नहीं है।
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। इनेलो के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी अभय सिंह चौटाला ने कहा कि हरियाणा के कॉलेजों में नियमित प्रोफेसरों की भारी कमी के लिए भाजपा सरकार और हरियाणा लोक सेवा आयोग (एचपीएससी) दोनों समान रूप से जिम्मेदार हैं। उन्होंने सरकार के कॉलेजों में पीएचडी व रिसर्च स्कॉलर्स से पढ़ाने के फैसले को दोहरी नीति करार दिया है।
अभय चौटाला ने कहा कि कॉलेज शिक्षा बच्चों के भविष्य को निर्धारित करती है लेकिन प्रदेश के 180 कॉलेजों में 2400 से अधिक पद खाली होने के चलते पढ़ाई प्रभावित हो रही है। उन्होंने तंज कसा कि जिन पीएचडी और रिसर्च स्कॉलर्स को एचपीएससी असिस्टेंट प्रोफेसर के पेपर में फेल कर देती है उन्हीं को अब सरकार संविदा पर पढ़ाने के लिए भेज रही है।
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उन्होंने आरोप लगाया कि अगर योग्यता थी तो भर्ती में क्यों फेल किया गया और यदि योग्यता नहीं थी तो कक्षाओं में पढ़ाने के लिए क्यों भेजा जा रहा है? भाजपा सरकार का एजेंडा शिक्षा सुधार नहीं बल्कि काम चलाऊ व्यवस्था और योग्य युवाओं को बेरोजगार रखना है। उन्होंने दावा किया कि सरकार बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के प्रति गंभीर नहीं है।
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