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Chandigarh-Haryana News: स्वच्छ सर्वेक्षण से पहले दूसरे विभागों के अधिकारी करेंगे जांच
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- मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के सुझाव पर होगा काम
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। स्वच्छ सर्वेक्षण-2024 में पिछड़ने वाले शहरों की रैंक में सुधार के लिए शहरी स्थानीय निकाय विभाग नए प्रयोग करेगा। आगामी स्वच्छ सर्वेक्षण के लिए केंद्रीय टीमों के डेरा डालने से पहले शहरी क्षेत्रों में सफाई के हालातों की जांच करने के लिए दूसरे विभागों के अधिकारी पहुंचेंगे। अधिकारी नगर निगमों, नगर परिषदों और नगर पालिकाओं में सफाई की स्थिति को देखने के साथ ही कार्य में सुधार के लिए सुझाव भी देंगे।
हरियाणा में स्वच्छ सर्वेक्षण-2024 के परिणाम में 87 निकायों के 10 शहरों को छोड़कर शेष का परिणाम बेहतर नहीं रहा। 2023 के सर्वेक्षण में भी हरियाणा के शहर फिसड्डी साबित हुए थे। यही कारण रहा कि कुछ दिन पहले शहरी स्थानीय निकाय विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भी केंद्रीय टीम की तर्ज पर स्वच्छ सर्वेक्षण कराने का सुझाव दिया था। शहरी स्थानीय निकाय विभाग की योजना के अनुसार लोक निर्माण विभाग, सिंचाई विभाग, जनस्वास्थ्य विभाग, मार्केटिंग बोर्ड आदि के अधिकारियों को प्रदेशस्तरीय स्वच्छ सर्वेक्षण में शामिल करने का निर्णय लिया है। इसमें उपमंडल अधिकारियों से लेकर कार्यकारी अभियंता, अधीक्षण अभियंता स्तर के अधिकारी शामिल होंगे। शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल के अनुसार जुलाई में विशेष स्वच्छता अभियान चलाया गया और अब फिर से अभियान चलाया जाएगा। स्वच्छ सर्वेक्षण की तैयारियों अभी से करेंगे जिससे परिणाम और बेहतर लाए जा सकें।
2023 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने शुरू किया था प्रयोग
हरियाणा के शहरी क्षेत्रों में 2022 के बाद सफाई व्यवस्था ठीक न होने की शिकायतें बड़े पैमाने पर सामने आईं थीं। दिसंबर 2023 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने नया प्रयोग शुरू किया था। उस समय प्रदेश के सभी 87 निकायों में स्वच्छता की प्रतिस्पर्धा आयोजित कराई गई थी। उस दाैरान 100 अंकों की स्वच्छता की परीक्षा तय की गई। शहरों में सफाई व्यवस्था परखने के लिए मंत्रियों को दो से लेकर तीन जिलों का जिम्मा साैंपा गया था। निकायों के अधिकारियों को नालों से लेकर गलियों, खाली स्थानों, रिहायशी, व्यावसायिक स्थल, पार्क, शाैचालय, स्कूल, अस्पतालों आदि की सफाई कराने का कार्य साैंपा गया था।
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इसी तर्ज पर अब केंद्रीय टीमों के आने से पहले जो भी सर्वेक्षण दूसरे विभागों के अधिकारियों से कराया जाएगा उसके लिए भी 100 अंक तय किए जाएंगे। बेहतर कार्य करने वाले निकायों को सम्मानित किया जाएगा। जिन निकायों में सफाई को लेकर कार्य कराने की आवश्यकता होगी उनके लिए संबंधित अधिकारियों की टीम बिंदुवार ब्योरा देगी। बाद में उन बिंदुओं पर काम कराकर खामियों को दूर कराया जा सकेगा।
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। स्वच्छ सर्वेक्षण-2024 में पिछड़ने वाले शहरों की रैंक में सुधार के लिए शहरी स्थानीय निकाय विभाग नए प्रयोग करेगा। आगामी स्वच्छ सर्वेक्षण के लिए केंद्रीय टीमों के डेरा डालने से पहले शहरी क्षेत्रों में सफाई के हालातों की जांच करने के लिए दूसरे विभागों के अधिकारी पहुंचेंगे। अधिकारी नगर निगमों, नगर परिषदों और नगर पालिकाओं में सफाई की स्थिति को देखने के साथ ही कार्य में सुधार के लिए सुझाव भी देंगे।
हरियाणा में स्वच्छ सर्वेक्षण-2024 के परिणाम में 87 निकायों के 10 शहरों को छोड़कर शेष का परिणाम बेहतर नहीं रहा। 2023 के सर्वेक्षण में भी हरियाणा के शहर फिसड्डी साबित हुए थे। यही कारण रहा कि कुछ दिन पहले शहरी स्थानीय निकाय विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भी केंद्रीय टीम की तर्ज पर स्वच्छ सर्वेक्षण कराने का सुझाव दिया था। शहरी स्थानीय निकाय विभाग की योजना के अनुसार लोक निर्माण विभाग, सिंचाई विभाग, जनस्वास्थ्य विभाग, मार्केटिंग बोर्ड आदि के अधिकारियों को प्रदेशस्तरीय स्वच्छ सर्वेक्षण में शामिल करने का निर्णय लिया है। इसमें उपमंडल अधिकारियों से लेकर कार्यकारी अभियंता, अधीक्षण अभियंता स्तर के अधिकारी शामिल होंगे। शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल के अनुसार जुलाई में विशेष स्वच्छता अभियान चलाया गया और अब फिर से अभियान चलाया जाएगा। स्वच्छ सर्वेक्षण की तैयारियों अभी से करेंगे जिससे परिणाम और बेहतर लाए जा सकें।
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2023 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने शुरू किया था प्रयोग
हरियाणा के शहरी क्षेत्रों में 2022 के बाद सफाई व्यवस्था ठीक न होने की शिकायतें बड़े पैमाने पर सामने आईं थीं। दिसंबर 2023 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने नया प्रयोग शुरू किया था। उस समय प्रदेश के सभी 87 निकायों में स्वच्छता की प्रतिस्पर्धा आयोजित कराई गई थी। उस दाैरान 100 अंकों की स्वच्छता की परीक्षा तय की गई। शहरों में सफाई व्यवस्था परखने के लिए मंत्रियों को दो से लेकर तीन जिलों का जिम्मा साैंपा गया था। निकायों के अधिकारियों को नालों से लेकर गलियों, खाली स्थानों, रिहायशी, व्यावसायिक स्थल, पार्क, शाैचालय, स्कूल, अस्पतालों आदि की सफाई कराने का कार्य साैंपा गया था।
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इसी तर्ज पर अब केंद्रीय टीमों के आने से पहले जो भी सर्वेक्षण दूसरे विभागों के अधिकारियों से कराया जाएगा उसके लिए भी 100 अंक तय किए जाएंगे। बेहतर कार्य करने वाले निकायों को सम्मानित किया जाएगा। जिन निकायों में सफाई को लेकर कार्य कराने की आवश्यकता होगी उनके लिए संबंधित अधिकारियों की टीम बिंदुवार ब्योरा देगी। बाद में उन बिंदुओं पर काम कराकर खामियों को दूर कराया जा सकेगा।