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Hindi News ›   Haryana ›   Chandigarh-Haryana News ›   Allegations of treating members of Permanent Lok Adalats like labourers, notice to Centre, Court News, Haryana News

Chandigarh-Haryana News: स्थाई लोक अदालतों के सदस्यों से मजदूरोंं जैसा बर्ताव का आरोप, केंद्र को नोटिस

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-सदस्यों को प्रति बैठक केवल 2500 रुपये दिया जाता है मानदेय
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-अवकाश लेने की स्थिति में नहीं किया जाता है किसी तरह का भुगतान
चंडीगढ़। मुख्य न्यायाधीश और न्यायमूर्ति संजीव बेरी की खंडपीठ ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्रीय विधि मंत्रालय को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। यह याचिका अधिवक्ता एचसी अरोड़ा ने दायर की है जिसमें स्थायी लोक अदालतों के सदस्यों की प्रतिकूल सेवा शर्तों पर सवाल उठाया गया है।

याचिकाकर्ता ने दलील दी कि स्थायी लोक अदालतों के सदस्यों को नियमित वेतन देने के बजाय केवल 2500 प्रति बैठक के हिसाब से मानदेय दिया जाता है। याचिकाकर्ता ने कहा कि ऐसा करना सीधे तौर पर इस पद की गरिमा के विपरीत है। उन्होंने कहा कि यदि किसी सदस्य को किसी जरूरी कार्यवश किसी कार्य दिवस पर अवकाश लेना पड़े, तो उसे उस दिन का कोई मानदेय नहीं मिलता। इस प्रकार का व्यवहार न्यायिक पद धारकों नहीं किया जा सकता है। याची ने कहा कि ऐसा करके सीधे तौर पर उनके साथ दैनिक मज़दूरों की तरह व्यवहार किया जा रहा है। अरोड़ा ने यह भी कहा कि इन सदस्यों का कार्यकाल केवल पांच वर्षों तक सीमित है जिससे कोई भी योग्य और सक्षम वकील इस पद पर नियुक्ति लेने में रुचि नहीं दिखाएगा। क्योंकि इसमें नौकरी की स्थिरता और करियर सुरक्षा का अभाव है।
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