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Chandigarh-Haryana News: पीसीए के चेयरमैन पद पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के खिलाफ जाकर नियुक्ति का आरोप, नोटिस जारी
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-हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार सहित अन्य प्रतिवादियों को जवाब दाखिल करने का दिया आदेश
-जनहित याचिका के माध्यम से हाईकोर्ट के समक्ष उठाया गया है मुद्दा
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा में पुलिस कंप्लेंट अथॉरिटी (पीसीए) के चेयरमैन पद पर नियुक्ति व इसके लिए किए प्रावधानों को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के खिलाफ बताते हुए खारिज करने की मांग करते हुए हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की गई है। याचिका पर कोर्ट ने हरियाणा सरकार सहित अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी करते हुए जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।
याचिका दाखिल करते हुए चंडीगढ़ निवासी रविंदर कुमार ने बताया कि पुलिस अधिकारियों के खिलाफ शिकायतें सुनने के लिए विभिन्न राज्यों में पुलिस कंप्लेंट अथॉरिटी का गठन किया गया है। सुप्रीम कोर्ट प्रकाश सिंह बनाम भारत सरकार मामले में यह स्पष्ट कर चुका है कि पीसीए का चेयरमैन केवल हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट का रिटायर जज ही हो सकता है। हरियाणा सरकार ने इस आदेश के खिलाफ जाकर नियमों में संशोधन कर अब पूर्व डीजीपी को भी पात्र लोगों की श्रेणी में रख दिया है। याची ने कहा कि पीसीए पुलिस अधिकारियों के खिलाफ केस सुनती है और डीजीपी पुलिस विभाग का हिस्सा रह चुके होते हैं। ऐसे में वह जिस विभाग में रह चुके हैं उसके लोगों के खिलाफ शिकायतों पर सुनवाई कर सकते हैं। याची ने हाईकोर्ट से अपील की है कि सरकार द्वारा की गई इस व्यवस्था को खारिज किया जाए। साथ ही याचिका लंबित रहते सरकार द्वारा की गई इस व्यवस्था पर रोक लगाई जाए। हाईकाेर्ट ने याचिका पर सरकार सहित अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी किया है। हालांकि फिलहाल इस व्यवस्था पर रोक लगाने से इन्कार कर दिया है।
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-जनहित याचिका के माध्यम से हाईकोर्ट के समक्ष उठाया गया है मुद्दा
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा में पुलिस कंप्लेंट अथॉरिटी (पीसीए) के चेयरमैन पद पर नियुक्ति व इसके लिए किए प्रावधानों को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के खिलाफ बताते हुए खारिज करने की मांग करते हुए हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की गई है। याचिका पर कोर्ट ने हरियाणा सरकार सहित अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी करते हुए जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।
याचिका दाखिल करते हुए चंडीगढ़ निवासी रविंदर कुमार ने बताया कि पुलिस अधिकारियों के खिलाफ शिकायतें सुनने के लिए विभिन्न राज्यों में पुलिस कंप्लेंट अथॉरिटी का गठन किया गया है। सुप्रीम कोर्ट प्रकाश सिंह बनाम भारत सरकार मामले में यह स्पष्ट कर चुका है कि पीसीए का चेयरमैन केवल हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट का रिटायर जज ही हो सकता है। हरियाणा सरकार ने इस आदेश के खिलाफ जाकर नियमों में संशोधन कर अब पूर्व डीजीपी को भी पात्र लोगों की श्रेणी में रख दिया है। याची ने कहा कि पीसीए पुलिस अधिकारियों के खिलाफ केस सुनती है और डीजीपी पुलिस विभाग का हिस्सा रह चुके होते हैं। ऐसे में वह जिस विभाग में रह चुके हैं उसके लोगों के खिलाफ शिकायतों पर सुनवाई कर सकते हैं। याची ने हाईकोर्ट से अपील की है कि सरकार द्वारा की गई इस व्यवस्था को खारिज किया जाए। साथ ही याचिका लंबित रहते सरकार द्वारा की गई इस व्यवस्था पर रोक लगाई जाए। हाईकाेर्ट ने याचिका पर सरकार सहित अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी किया है। हालांकि फिलहाल इस व्यवस्था पर रोक लगाने से इन्कार कर दिया है।
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