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दूसरी शादी करने वाले को सजा: तलाक अपील लंबित रहते दोबारा ब्याह रचाया था, हाईकोर्ट ने युवक की जेल में की विदाई

Fri, 05 Dec 2025 08:15 PM IST
चण्डीगढ़-हरियाणा ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: चण्डीगढ़-हरियाणा ब्यूरो Updated Fri, 05 Dec 2025 08:15 PM IST
सार

न्यायालय ने पति की माफी को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि उसने जानबूझकर हिंदू विवाह अधिनियम का उल्लंघन किया है। कोर्ट ने कहा कि कानून के शासन की पवित्रता और इस न्यायालय द्वारा पारित आदेशों के निर्लज्ज उल्लंघन और गैर-अनुपालन को हल्के में नहीं लिया जा सकता।

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man married second time divorce appeal pending High Court bade him farewell in jail
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पहली पत्नी की तलाक आदेश के खिलाफ अपील लंबित रहते दूसरी शादी करने वाले युवक को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने सबक सिखाया है। कोर्ट ने उसे तीन महीने के साधारण कारावास और दो हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाते हुए उसकी जेल विदाई का आदेश दिया है। 
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कोर्ट ने युवक को 15 दिन के भीतर यमुनानगर के सीजेएम के समक्ष आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया। जस्टिस अलका सरीन ने न्यायालय की अवमानना अधिनियम, 1971 के तहत पहली पत्नी द्वारा दायर याचिका पर यह आदेश पारित किया।
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न्यायालय ने पति की माफी को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि उसने जानबूझकर हिंदू विवाह अधिनियम का उल्लंघन किया है। कोर्ट ने कहा कि कानून के शासन की पवित्रता और इस न्यायालय द्वारा पारित आदेशों के निर्लज्ज उल्लंघन और गैर-अनुपालन को हल्के में नहीं लिया जा सकता। पति का कृत्य और आचरण सही नहीं है, समय को पीछे नहीं लाया जा सकता और इससे जो नुकसान हुआ है उसकी भरपाई नहीं की जा सकती। प्रतिवादी-पति के आचरण ने याचिकाकर्ता-पत्नी द्वारा दायर अपील को निष्फल बना दिया है। 
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याचिकाकर्ता-पत्नी और उसकी बेटी ने किसी भी सुलह प्रक्रिया में भाग लेने का मौका भी गंवा दिया है। इस जोड़े का विवाह 2012 में हुआ था। हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 13 के तहत पति की याचिका पर पारिवारिक न्यायालय ने 2020 में उनका विवाह विच्छेद कर दिया। इसके बाद पत्नी ने निचली अदालत के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी। 13 अगस्त, 2020 को हाईकोर्ट की एक खंडपीठ ने तलाक के आदेश पर रोक लगा दी। उसने जनवरी 2021 में दूसरी शादी कर ली। इसके बाद पत्नी ने अदालत की अवमानना की याचिका दायर की। कोर्ट में पति ने स्वीकार किया कि उसने दूसरी महिला से शादी कर ली है। इस पर कोर्ट ने युवक को दूसरी शादी करने के जुर्म में कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई।
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