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भ्रष्टाचार पर वार: सिंचाई विभाग के 80 अधिकारी चार्जशीट
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चार्जशीट अधिकारियों में 12 एसई, 17 एक्सईएन, 22 एसडीओ और 29 जेई शामिल, तीन चीफ इंजीनियरों के खिलाफ नाराजगी नोट जारी
निर्माणाधीन प्रोजेक्टों के 48 में से 18 सैंपल फेल मिलने पर हुई कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
सिंचाई विभाग ने भ्रष्ट व लापरवाह अफसरों पर सख्त कार्रवाई की है। कंक्रीट व पाइप के सैंपल फेल होने पर सिंचाई मंत्री श्रुति चौधरी ने विभाग के 80 अधिकारियों को चार्जशीट किया और तीन चीफ इंजीनियरों के खिलाफ नाराजगी नोट जारी किया है। सिंचाई मंत्री ने बताया कि विभाग की विजिलेंस विंग ने निर्माणाधीन प्रोजेक्टों के 48 रैंडम सैंपल लिए थे, जिनमें से 18 फेल हो गए। ये अधिकारी मुख्यालय के साथ अलग-अलग जिलों में तैनात हैं।
सिंचाई विभाग के मुताबिक जिन अफसरों पर कार्रवाई की गई है, उनमें 12 अधीक्षण अभियंता (एसई) हैं, जिन्हें हरियाणा सिविल सेवा नियमावली धारा 8 के तहत चार्जशीट किया गया। 17 अधिशासी अभियंता (एक्सईएन), 22 एसडीओ व 29 जेई को धारा सात के तहत चार्जशीट किया गया है। तीन चीफ इंजीनियर की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई है। इस संबंध में विभाग की ओर से एक आधिकारिक नोट भी जारी किया गया है।
सिंचाई विभाग की विजिलेंस टीम ने पूरे हरियाणा से निर्माणाधीन प्रोजेक्टों के 48 सैंपल लिए थे। ये सैंपल कंक्रीट व उससे बने पाइपों के लिए गए थे। 18 सैंपल फेल मिले। जांच में यह भी पाया गया कि सॉलिड कंकरीट के नमूने सभी मानकों पर फेल हुए। इससे राज्य सरकार को वित्तीय नुकसान हुआ। हैरानी की बात है कि इस नुकसान का अधिकारियों ने कोई विश्लेषण भी नहीं किया। इसे सरकार ने भ्रष्टाचार माना और कार्रवाई की गई।
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ठेकेदारों से भी होगी वसूली
जिन प्रोजेक्टों के सैंपल फेल हुए हैं, उनमें से कई ठेकेदारों को राशि भी जारी कर दी गई है। सिंचाई विभाग इन ठेकेदारों से भी वसूली करेगा। इसके लिए सिंचाई विभाग संभावनाएं तलाश रहा है।
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अधिकारियों पर कार्रवाई के लिए कमेटी गठित
अधिकारियों की लापरवाही उजागर होने के बाद सिंचाई विभाग ने चार्जशीट व नाराजगी नोट का मसौदा तैयार करने के लिए पांच अधिकारियों की कमेटी गठित की। समिति को पांच दिन के भीतर चार्जशीट व नाराजगी नोट तैयार करने के निर्देश दिए गए थे। चार्जशीट तैयार करने के बाद बुधवार को जिला वार सभी अधिकारियों को चार्जशीट कर दिया गया।
पहली बार इतने बड़े स्तर पर कार्रवाई
यह पहली बार है जब किसी विभाग में इतने बड़े स्तर पर कार्रवाई की गई हो। इससे पहले राजस्व विभाग ने 370 भ्रष्ट पटवारियों की सूची जारी की थी। पटवारियों के विरोध के बाद सरकार ने कार्रवाई से पैर पीछे खींच लिए थे। उसके बाद कानूनगो, नायब तहसीलदार और तहसीलदारों की भी सूची तैयार की गई, मगर कोई कार्रवाई नहीं की गई।
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सरकार किसी भी रूप में भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं करेगी। निर्माणाधीन प्रोजेक्टों की गुणवत्ता को लेकर शिकायत मिल रही थी। विजिलेंस को रैंडम सैंपल लेने के निर्देश दिए गए, जिनमें 18 सैंपल मानकों पर खरे नहीं उतरे। भ्रष्टाचार के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।
श्रुति चौधरी, सिंचाई मंत्री
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निर्माणाधीन प्रोजेक्टों के 48 में से 18 सैंपल फेल मिलने पर हुई कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
सिंचाई विभाग ने भ्रष्ट व लापरवाह अफसरों पर सख्त कार्रवाई की है। कंक्रीट व पाइप के सैंपल फेल होने पर सिंचाई मंत्री श्रुति चौधरी ने विभाग के 80 अधिकारियों को चार्जशीट किया और तीन चीफ इंजीनियरों के खिलाफ नाराजगी नोट जारी किया है। सिंचाई मंत्री ने बताया कि विभाग की विजिलेंस विंग ने निर्माणाधीन प्रोजेक्टों के 48 रैंडम सैंपल लिए थे, जिनमें से 18 फेल हो गए। ये अधिकारी मुख्यालय के साथ अलग-अलग जिलों में तैनात हैं।
सिंचाई विभाग के मुताबिक जिन अफसरों पर कार्रवाई की गई है, उनमें 12 अधीक्षण अभियंता (एसई) हैं, जिन्हें हरियाणा सिविल सेवा नियमावली धारा 8 के तहत चार्जशीट किया गया। 17 अधिशासी अभियंता (एक्सईएन), 22 एसडीओ व 29 जेई को धारा सात के तहत चार्जशीट किया गया है। तीन चीफ इंजीनियर की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई है। इस संबंध में विभाग की ओर से एक आधिकारिक नोट भी जारी किया गया है।
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सिंचाई विभाग की विजिलेंस टीम ने पूरे हरियाणा से निर्माणाधीन प्रोजेक्टों के 48 सैंपल लिए थे। ये सैंपल कंक्रीट व उससे बने पाइपों के लिए गए थे। 18 सैंपल फेल मिले। जांच में यह भी पाया गया कि सॉलिड कंकरीट के नमूने सभी मानकों पर फेल हुए। इससे राज्य सरकार को वित्तीय नुकसान हुआ। हैरानी की बात है कि इस नुकसान का अधिकारियों ने कोई विश्लेषण भी नहीं किया। इसे सरकार ने भ्रष्टाचार माना और कार्रवाई की गई।
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ठेकेदारों से भी होगी वसूली
जिन प्रोजेक्टों के सैंपल फेल हुए हैं, उनमें से कई ठेकेदारों को राशि भी जारी कर दी गई है। सिंचाई विभाग इन ठेकेदारों से भी वसूली करेगा। इसके लिए सिंचाई विभाग संभावनाएं तलाश रहा है।
अधिकारियों पर कार्रवाई के लिए कमेटी गठित
अधिकारियों की लापरवाही उजागर होने के बाद सिंचाई विभाग ने चार्जशीट व नाराजगी नोट का मसौदा तैयार करने के लिए पांच अधिकारियों की कमेटी गठित की। समिति को पांच दिन के भीतर चार्जशीट व नाराजगी नोट तैयार करने के निर्देश दिए गए थे। चार्जशीट तैयार करने के बाद बुधवार को जिला वार सभी अधिकारियों को चार्जशीट कर दिया गया।
पहली बार इतने बड़े स्तर पर कार्रवाई
यह पहली बार है जब किसी विभाग में इतने बड़े स्तर पर कार्रवाई की गई हो। इससे पहले राजस्व विभाग ने 370 भ्रष्ट पटवारियों की सूची जारी की थी। पटवारियों के विरोध के बाद सरकार ने कार्रवाई से पैर पीछे खींच लिए थे। उसके बाद कानूनगो, नायब तहसीलदार और तहसीलदारों की भी सूची तैयार की गई, मगर कोई कार्रवाई नहीं की गई।
सरकार किसी भी रूप में भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं करेगी। निर्माणाधीन प्रोजेक्टों की गुणवत्ता को लेकर शिकायत मिल रही थी। विजिलेंस को रैंडम सैंपल लेने के निर्देश दिए गए, जिनमें 18 सैंपल मानकों पर खरे नहीं उतरे। भ्रष्टाचार के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।
श्रुति चौधरी, सिंचाई मंत्री