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गुरुग्राम की 54 इमारत खतरनाक घोषित: कार्रवाई नहीं, मानवाधिकार आयोग ने निगम आयुक्त व मुख्य अभियंता को किया तलब

Wed, 02 Apr 2025 02:12 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Wed, 02 Apr 2025 02:12 PM IST
सार

10 फरवरी, 2022 को गुरुग्राम की चिंटल पैराडाइसो सोसायटी की बहुमंजिला इमारत का एक हिस्सा गिरने से दो महिलाओं की मौत हो गई थी। इस हादसे में एक व्यक्ति घायल भी हुआ। इस घटना के बाद मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो को सौंपी गई थी।

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54 buildings of Gurugram declared dangerous Human Rights Commission summons Corporation Commissioner
गुरुग्राम की 54 इमारतों को खतरनाक घोषित - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हरियाणा मानवाधिकार आयोग ने गुरुग्राम नगर निगम की निष्क्रियता पर सख्त नाराजगी जताई है। शहर की 54 इमारतों को खतरनाक घोषित किया गया है, लेकिन नगर निगम ने इन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। आयोग ने नगर निगम आयुक्त और मुख्य अभियंता को अगली सुनवाई में व्यक्तिगत रूप से पेश होकर जवाब देने का निर्देश दिया है।

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उल्लेखनीय है कि 10 फरवरी, 2022 को गुरुग्राम की चिंटल पैराडाइसो सोसायटी की बहुमंजिला इमारत का एक हिस्सा गिरने से दो महिलाओं की मौत हो गई थी। इस हादसे में एक व्यक्ति घायल भी हुआ। इस घटना के बाद मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो को सौंपी गई थी। अब तक दो चार्जशीट दायर की जा चुकी हैं, जिसमें 11 लोगों को आरोपी बनाया गया है।

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नगर निगम की लापरवाही उजागर

आयोग को सौंपी गई रिपोर्ट के अनुसार, 183 खतरनाक इमारतों की पहचान की गई थी, जिनमें से 152 इमारतों का निरीक्षण किया गया। इनमें से 80 इमारतें खतरनाक पाई गई थीं, लेकिन हाल की रिपोर्ट में यह संख्या घटकर 54 हो गई है। 15 इमारतों का अब तक निरीक्षण नहीं किया गया है। यह दर्शाता है कि नगर निगम इस गंभीर मुद्दे को गंभीरता से नहीं ले रहा है।

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20 मई को होगी सुनवाई

मानवाधिकार आयोग के प्रोटोकॉल, सूचना व जनसंपर्क अधिकारी डॉ. पुनीत अरोड़ा ने बताया, आयोग के आदेशानुसार, नगर निगम को चेतावनी दी है कि यदि इस मुद्दे पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो इसे सार्वजनिक सुरक्षा से समझौता करने के रूप में देखा जाएगा। अगली सुनवाई 20 मई को होगी। इसमें गुरुग्राम नगर निगम के आयुक्त और मुख्य अभियंता को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के आदेश दिए हैं।

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