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Hindi News ›   Haryana ›   Chandigarh-Haryana News ›   411 fingerprint enrolment devices, 2,489 single digit scanners and 1,688 web cameras will be purchased., Haryana News

Chandigarh-Haryana News: 411 फिंगरप्रिंट एनरोलमेंट डिवाइस, 2,489 सिंगल डिजिट स्कैनर व 1,688 वेब कैमरे खरीदेंगे

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- आईसीजेएस 2.0 परियोजना के लिए 92.32 लाख रुपये जारी करने की मंजूरी
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चंडीगढ़। राज्य कार्य योजना के तहत गृह मंत्रालय की ओर से स्वीकृत इंटर ऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम 2.0 परियोजना के लिए 92.32 लाख रुपये जारी करने को मंजूरी दी गई। इस राशि से 411 फिंगरप्रिंट एनरोलमेंट डिवाइस, 2,489 सिंगल डिजिट स्कैनर और 1,688 वीडियो कॉन्फ्रेंस/वेब कैमरे खरीदे जाएंगे। इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के लिए गृह मंत्रालय ने 3.25 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि स्वीकृत कर दी है।

मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में वीरवार को अपराध और अपराधी ट्रैकिंग नेटवर्क व प्रणाली (सीसीटीएनएस) व इंटर ऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (आईसीजेएस) की 31वीं राज्य एपेक्स कमेटी की बैठक आयोजित हुई।
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हरियाणा ने डिजिटल गवर्नेंस और नागरिक-केंद्रित पुलिसिंग में उत्कृष्टता दिखाते हुए जून 2021 से अब तक (51 माह) में से 37 महीने तक राष्ट्रीय रैंकिंग में शीर्ष स्थान बनाए रखा है। गृह विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि हरसमय पोर्टल के सेवाओं को राइट टू सर्विस डैशबोर्ड पर 10 में 10 अंक मिले हैं। 28 अक्तूबर 2025 तक पोर्टल के जरिए 75.97 लाख नागरिक आवेदनों का समयबद्ध निस्तारण किया है जो राज्य के सभी विभागों में सर्वाधिक है। उन्होंने बताया कि होटल विजिटर डेटा सर्च सिस्टम, क्रिमिनल सर्च हिस्ट्री को आईआईएफ-3 (गिरफ्तारी-आत्मसमर्पण फार्म) से जोड़ना और लापता व्यक्तियों का ऑनलाइन पंजीकरण है। अब घर बैठे मात्र दो मिनट में लापता व्यक्ति की रिपोर्ट दर्ज करा सकते हैं।
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राज्य में एआई-सक्षम स्मार्ट मॉनिटरिंग सिस्टम के जरिए किसी होटल में अपराधी पृष्ठभूमि वाले व्यक्ति के ठहरने पर संबंधित थाना प्रभारी को रियल-टाइम अलर्ट भेजता है। जुलाई से लागू यह प्रणाली होटल अतिथियों के नाम, आधार नंबर और मोबाइल नंबर को पुलिस रिकॉर्ड से खुद मिलान करती है।


पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह ने बताया कि अभी 27 मोबाइल यूनिट्स संचालित हैं और 9 अक्तूबर तक 11,071 बायोमीट्रिक एनरोलमेंट्स दर्ज किए जा चुके हैं जो देश में सर्वाधिक हैं। ये यूनिट्स अपराध स्थल पर ही फॉरेंसिक साक्ष्य एकत्र करती हैं। राज्य के 391 पुलिस थाने अब देश के सशक्त और डिजिटल रूप से जुड़े पुलिस नेटवर्क का हिस्सा हैं।
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