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Hindi News ›   Haryana ›   Chandigarh-Haryana News ›   1.40 lakh acres of land in Haryana to be freed from waterlogging; study to be conducted in districts with high urea consumption.

Chandigarh-Haryana News: हरियाणा में 1.40 लाख एकड़ भूमि होगी सेममुक्त, ज्यादा यूरिया खपत वाले जिलों में होगा अध्ययन

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मुख्यमंत्री ने कृषि विभाग के 5 वर्षीय रोडमैप की समीक्षा की, किसानों की आय बढ़ाने के लिए आधुनिक और टिकाऊ कृषि पर फोकस


अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने इस साल 1.40 लाख एकड़ जमीन को सेम (जलभराव) की समस्या से मुक्त करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए पहली बार वैज्ञानिक योजना और सैटेलाइट के जरिए नियमित निगरानी की व्यवस्था की तैयारी की जा रही है ताकि भविष्य में यह समस्या दोबारा पैदा न हो। इसके साथ ही जिन जिलों में यूरिया की खपत अधिक है वहां मिट्टी परीक्षण की रिपोर्ट का गहराई से अध्ययन किया जाएगा। इससे यह पता लगाया जा सकेगा कि फसलों को वास्तव में नाइट्रोजन की जरूरत है या किसान आवश्यकता से अधिक यूरिया का उपयोग कर रहे हैं। इसके आधार पर किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के लिए जागरूक किया जाएगा।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शुक्रवार को हरियाणा सिविल सचिवालय में कृषि विभाग के आगामी पांच वर्षों के रोडमैप और कार्ययोजना की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि विजन-2047 के अनुरूप हरियाणा को कृषि क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाया जाए। खेती में आधुनिक तकनीक, कम लागत व बेहतर बाजार व्यवस्था के जरिए किसानों की आय बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाए। प्रदेश में 15 लाख सॉयल हेल्थ कार्ड जारी करने का लक्ष्य तय किया गया है। पहले चरण में 3.75 लाख मिट्टी के नमूने लिए जाने हैं जिनमें से अब तक 50,620 नमूने एकत्र किए जा चुके हैं।
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बैठक में प्राकृतिक और जैविक खेती को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया। 10 जिलों में जैविक और प्राकृतिक उत्पादों की बिक्री के लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी। हिसार और गुरुग्राम में अलग मंडियां स्थापित होंगी, जबकि आठ अन्य मंडियों में इनके लिए अलग स्थान निर्धारित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने पराली जलाने की घटनाओं को पूरी तरह समाप्त करने का लक्ष्य भी तय किया। उन्होंने पंजाब सीमा से लगते जिलों में रीपर सहित आधुनिक कृषि मशीनें उपलब्ध कराने और किसानों को इनके उपयोग के लिए प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए।
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अगस्त में हिसार में विशेष कृषि मेले का आयोजन भी किया जाएगा जहां नई कृषि तकनीकों, मशीनों और नवाचारों का प्रदर्शन होगा। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, कृषि विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विजयेंद्र कुमार, भविष्य विभाग की प्रधान सचिव अमनीत पी कुमार, कृषि विभाग के महानिदेशक राजनारायण कौशिक, मुख्यमंत्री के ओएसडी डॉ. राज नेहरू व ओएसडी वीरेंद्र बढ़खालसा समेत कई अधिकारी उपस्थित रहे।
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