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हरियाणा के गांवों में विकास को मिलेगी रफ्तार: केंद्र सरकार ने जारी किए करोड़ों रुपये, इन जिलों में होंगे खर्च

Tue, 21 Oct 2025 08:38 PM IST
शाहिल शर्मा कुलदीप शुक्ला, चंडीगढ़
कुलदीप शुक्ला, चंडीगढ़ Published by: शाहिल शर्मा Updated Tue, 21 Oct 2025 08:38 PM IST
सार

केंद्र सरकार ने हरियाणा के ग्रामीण इलाकों को सशक्त बनाने के लिए पंचायती राज संस्थाओं के लिए करोड़ों रुपये की राशि जारी की है। इसे गांवों को विकास में खर्च किया जाएगा। 

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Centre has released Rs 195 crore for the villages of Haryana
सीएम सैनी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी - फोटो : ANI

विस्तार

केंद्र सरकार ने हरियाणा के ग्रामीण इलाकों को सशक्त बनाने के लिए पंचायती राज संस्थाओं (ग्रामीण स्थानीय निकाय) को 195.12 करोड़ की पहली किस्त जारी कर दी है। यह राशि 15वें वित्त आयोग (एक्सवी वित्त आयोग) की अनटाइड ग्रांट्स के रूप में वित्त वर्ष 2025-26 के लिए दी गई है। यह फंड हरियाणा के 18 जिला परिषदों, 134 ब्लॉक समितियों और 6,164 ग्राम पंचायतों को मिलेगा। इसी तरह गुजरात को दूसरी किस्त में 522.20 करोड़ रुपये और पहली किस्त में बकाया 13.59 करोड़ रुपये ग्रांट जारी किए गए हैं।
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पंचायती राज मंत्रालय और जल शक्ति मंत्रालय की सिफारिश पर यह राशि वित्त मंत्रालय ने जारी की है। केंद्र सरकार का उद्देश्य है कि ग्राम पंचायतें अपनी स्थानीय प्राथमिकताओं के अनुसार योजनाएं बनाएं और गांव-स्तर पर बुनियादी ढांचे, स्वच्छता और जल प्रबंधन के क्षेत्र में ठोस काम करें। इस फंड से हरियाणा के गांवों में बुनियादी सुविधाओं के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
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इन जिलों में खर्च होगी राशि

हरियाणा के अंबाला, पंचकूला, कुरुक्षेत्र, कैथल, करनाल, यमुनानगर, पानीपत, सोनीपत, रोहतक, झज्जर, भिवानी, चरखी दादरी, हिसार, फतेहाबाद, सिरसा, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी और नूंह को अनुदान जारी किया गया है। हर जिले में राशि का वितरण जनसंख्या, पंचायतों की संख्या और जरूरतों के आधार पर किया जाएगा।
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कहां खर्च होंगे 195 करोड़ 

यह अनुदान अनटाइड यानी गैर-बांधित फंड है, जिसका मतलब है कि पंचायतें इसे अपनी स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार खर्च कर सकती हैं, बशर्ते यह पैसा वेतन या प्रशासनिक खर्चों पर नहीं लगाया जाएगा। यह राशि संविधान की ग्यारहवीं अनुसूची में शामिल 29 विषयों पर खर्च की जा सकती है।

केंद्र सरकार अनटाइड और टाइड दो तरह का ग्रांट देता है। जहां अनटाइड ग्रांट पंचायतों को लचीली योजना के तहत उपयोग की अनुमति देती है, वहीं टाइड ग्रांट का उपयोग दो विशेष सेवाओं में किया जा सकता है। इनमें स्वच्छता और खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) स्थिति बनाए रखना, जिसमें कचरा और मल-प्रबंधन शामिल है। दूसरा पीने के पानी की आपूर्ति, वर्षा जल संचयन और जल पुनर्चक्रण के लिए होता है।

इन पर खर्च का प्रावधान 

- ग्रामीण सड़कें, गलियां और नालियां, पीने के पानी की आपूर्ति, वर्षा जल संचयन और दोबारा उपयोग

- स्वच्छता, कचरा प्रबंधन और शौचालय रखरखाव

- प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं और टीकाकरण

- शिक्षा, आंगनवाड़ी और स्कूल सुधार कार्य

- हरित क्षेत्र, वृक्षारोपण और तालाब पुनर्जीवन

- सामाजिक सुरक्षा, महिला सशक्तिकरण और कौशल विकास योजनाएं
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