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हुडा में फर्जीवाड़ा, अफसर से लेकर चौकीदार तक पर केस
रेवाड़ी/ब्यूरो
Updated Wed, 30 Oct 2013 11:18 PM IST
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फर्जी दस्तावेजों और धोखाधड़ी करके हुडा को लाखों रुपये की चपत लगाने के
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मामले में पुलिस ने पांच कर्मचारियों और एक डीलर पर केस दर्ज किया है।
मुख्य प्रशासक ने पुलिस को जांच के बाद इस मामले की सूचना दी थी। स्थानीय मॉडल टाउन पुलिस थाने में कार्यकारी अभियंता करतार सिंह, सेक्शन आफिसर सुरेश कुमार, उप अधीक्षक देशराज, लेखाकार सूरजभान, चौकीदार सुआ राम और डीलर कैलाश चंद के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
यह किया फर्जीवाड़ा
मुख्य प्रशासक के पत्र के अनुसार हुडा के कार्यालय से 2005 में ठेकेदार को 38.40 लाख का काम दिया गया था। इसके बाद एक बिल देकर ठेकेदार 37 लाख रुपये का भुगतान ले चुका था। हुडा के कार्यकारी अभियंता करतार सिंह और सेक्शन ऑफिसर सुरेश कुमार ने ठेकेदार से सांठ-गांठ करके सात साल बाद बढ़ी हुई कीमत का हवाला देकर 20 लाख रुपये का बिल पास करके भुगतान करवा दिया।
मुख्य प्रशासक के पत्र के अनुसार डीलर कैलाश चंद ने उप अधीक्षक देशराज के साथ मिलकर सेक्टर 19 में अपनी पत्नी व पुत्रवधु के नाम प्लाट लने के लिए फर्जीवाड़ा किया। उन्होंने असली स्टफ कार्ड असफल आवेदकों के बंडल में लगा दिए और उनकी जगह अपने रिश्तेदारों के नाम प्लाट निकलवा लिए।
वहीं, धारूहेड़ा में कुसुम के प्लाट को बेचने के बाद ट्रांसफर होने पर हुडा के नाम निर्धारित राशि जमा होनी थी। लेखाकार सूरजभान ने डीलर से सांठगांठ करके बैंक की फर्जी रसीद लगाकर 5 लाख 90 हजार रुपये की विभाग को चपत लगाई। हुडा के चौकीदार सुआ राम ने डायरी रजिस्टर में पिछली तारिख में कम्पलीशन फाइल जमा करके विभाग को आर्थिक हानि पहुंचाई।
मुख्य प्रशासक ने पुलिस को जांच के बाद इस मामले की सूचना दी थी। स्थानीय मॉडल टाउन पुलिस थाने में कार्यकारी अभियंता करतार सिंह, सेक्शन आफिसर सुरेश कुमार, उप अधीक्षक देशराज, लेखाकार सूरजभान, चौकीदार सुआ राम और डीलर कैलाश चंद के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
यह किया फर्जीवाड़ा
मुख्य प्रशासक के पत्र के अनुसार हुडा के कार्यालय से 2005 में ठेकेदार को 38.40 लाख का काम दिया गया था। इसके बाद एक बिल देकर ठेकेदार 37 लाख रुपये का भुगतान ले चुका था। हुडा के कार्यकारी अभियंता करतार सिंह और सेक्शन ऑफिसर सुरेश कुमार ने ठेकेदार से सांठ-गांठ करके सात साल बाद बढ़ी हुई कीमत का हवाला देकर 20 लाख रुपये का बिल पास करके भुगतान करवा दिया।
मुख्य प्रशासक के पत्र के अनुसार डीलर कैलाश चंद ने उप अधीक्षक देशराज के साथ मिलकर सेक्टर 19 में अपनी पत्नी व पुत्रवधु के नाम प्लाट लने के लिए फर्जीवाड़ा किया। उन्होंने असली स्टफ कार्ड असफल आवेदकों के बंडल में लगा दिए और उनकी जगह अपने रिश्तेदारों के नाम प्लाट निकलवा लिए।
वहीं, धारूहेड़ा में कुसुम के प्लाट को बेचने के बाद ट्रांसफर होने पर हुडा के नाम निर्धारित राशि जमा होनी थी। लेखाकार सूरजभान ने डीलर से सांठगांठ करके बैंक की फर्जी रसीद लगाकर 5 लाख 90 हजार रुपये की विभाग को चपत लगाई। हुडा के चौकीदार सुआ राम ने डायरी रजिस्टर में पिछली तारिख में कम्पलीशन फाइल जमा करके विभाग को आर्थिक हानि पहुंचाई।