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पत्रकार ने दी थी जान, डीएसपी सहित नौ पर केस दर्ज
डबवाली (सिरसा)/ब्यूरो
Updated Sun, 20 Oct 2013 09:19 PM IST
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पत्रकार सतीश मोदी आत्महत्या मामले में पंजाब पुलिस ने आठ माह बाद हरियाणा पुलिस के एक डीएसपी, चार पुलिसकर्मियों सहित नौ लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोप में मामला दर्ज किया है।
17 फरवरी 2013 को बठिंडा में रेलवे स्टेशन के पास डबवाली निवासी पत्रकार सतीश मोदी ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली थी। उनकी पेंट की जेब से तीन पन्नों का सुसाइड नोट बरामद हुआ था। इसके अतिरिक्त एक अन्य जेब से सुसाइड नोट की एक फोटो कॉपी और सात-आठ रसीद बरामद हुई थी। जिन्हें पंजाब पुलिस ने अपने कब्जे में लिया था।
मामले की जांच कर रहे कोतवाली बठिंडा के बलजिंदर सिंह ने बताया कि इस मामले में पहले सीआरपीसी की धारा 174 के तहत कार्रवाई की गई थी। मृतक के बेटे अरुण कुमार की लिखित शिकायत मिली थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सतीश मोदी की जहर से मौत होने की पुष्टि हो चुकी है।
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वहीं एफएसएल मोहाली से भी रिपोर्ट मिली है। सुसाइड नोट की लिखावट सतीश मोदी की है। रिपोर्टों और लीगल एडवाइजर की सलाह के बाद हरियाणा पुलिस के डीएसपी पूर्ण चंद पवार, इंस्पेक्टर रवि खुंड़िया, एसआई अनिल कुमार, एचसी प्रीतम सिंह, दीपक गर्ग, अशोक कुमार, नरेश कुमार, राजिंद्र और अजय के खिलाफ धारा 306 के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
क्या लिखा था सुसाइड नोट में
सुसाइड नोट में सतीश मोदी ने लिखा था कि वह आत्महत्या करने जा रहा है। इसके लिए दीपक, अशोक, नरेश पुत्र रोशन लाल, अजय, राजिंद्र पुत्र गोपी राम, एचसी प्रीतम सिंह, एसआई अनिल कुमार, एसएचओ रवि कुमार खुड़िया और डीएसपी पूर्ण चंद पवार जिम्मेदार हैं। इन लोगों ने उसके परिवार का जीवन नरक बना दिया। मेरे बच्चों को अपराधी बनाकर उनका भविष्य अंधकार में डाल दिया है। उसकी मौत के बाद ये नौ लोग उसके परिवार के खिलाफ झूठे षड्यंत्र रच सकते हैं। इन सभी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
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17 फरवरी 2013 को बठिंडा में रेलवे स्टेशन के पास डबवाली निवासी पत्रकार सतीश मोदी ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली थी। उनकी पेंट की जेब से तीन पन्नों का सुसाइड नोट बरामद हुआ था। इसके अतिरिक्त एक अन्य जेब से सुसाइड नोट की एक फोटो कॉपी और सात-आठ रसीद बरामद हुई थी। जिन्हें पंजाब पुलिस ने अपने कब्जे में लिया था।
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मामले की जांच कर रहे कोतवाली बठिंडा के बलजिंदर सिंह ने बताया कि इस मामले में पहले सीआरपीसी की धारा 174 के तहत कार्रवाई की गई थी। मृतक के बेटे अरुण कुमार की लिखित शिकायत मिली थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सतीश मोदी की जहर से मौत होने की पुष्टि हो चुकी है।
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वहीं एफएसएल मोहाली से भी रिपोर्ट मिली है। सुसाइड नोट की लिखावट सतीश मोदी की है। रिपोर्टों और लीगल एडवाइजर की सलाह के बाद हरियाणा पुलिस के डीएसपी पूर्ण चंद पवार, इंस्पेक्टर रवि खुंड़िया, एसआई अनिल कुमार, एचसी प्रीतम सिंह, दीपक गर्ग, अशोक कुमार, नरेश कुमार, राजिंद्र और अजय के खिलाफ धारा 306 के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
क्या लिखा था सुसाइड नोट में
सुसाइड नोट में सतीश मोदी ने लिखा था कि वह आत्महत्या करने जा रहा है। इसके लिए दीपक, अशोक, नरेश पुत्र रोशन लाल, अजय, राजिंद्र पुत्र गोपी राम, एचसी प्रीतम सिंह, एसआई अनिल कुमार, एसएचओ रवि कुमार खुड़िया और डीएसपी पूर्ण चंद पवार जिम्मेदार हैं। इन लोगों ने उसके परिवार का जीवन नरक बना दिया। मेरे बच्चों को अपराधी बनाकर उनका भविष्य अंधकार में डाल दिया है। उसकी मौत के बाद ये नौ लोग उसके परिवार के खिलाफ झूठे षड्यंत्र रच सकते हैं। इन सभी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।