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खेल विशेष: बॉक्सरों के गढ़ में तलवारबाजी के गुर सीख सकेंगे युवा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 19 May 2022 12:24 AM IST
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Youth will be able to learn the tricks of fencing in the stronghold of boxers
भिवानी। मुक्केबाजों के गढ़ मिनी क्यूबा यानी भिवानी में अब युवा तलवारबाजी के गुर भी सीख सकेंगे। पहली बार खेल विभाग ने जिले में तलवारबाजी का कोच नियुक्त किया है। कोच का हिसार से ट्रांसफर किया गया है। इनका लक्ष्य अब भिवानी में तलवारबाजी के खिलाड़ियों की नई पौध तैयार करना है ताकि भिवानी के खिलाड़ी तलवारबाजी में भी अपना कॅरिअर चमका सके। इसकी तैयारी स्कूल स्तर पर होगी। स्कूलों में संपर्क साध ऐसे किशोरों की तलाश की जा रही है जो एक्टिव होने के साथ-साथ तलवारबाजी में अपना कॅरिअर बनाना चाहते हैं। अब इसके लिए अंडर 10 से लेकर उच्च वर्गों के खिलाड़ियों की तलाश की जाएगी। संवाद
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स्कूल और स्टेडियम से किया जाएगा खिलाड़ियों का चयन
जिले में तलवारबाजी का फिलहाल कोई खिलाड़ी नहीं है। इसके लिए अब कोच स्कूल और स्टेडियम में खिलाड़ियों के चयन के लिए लगे हुए हैं। इसमें सबसे अधिक फोक्स ऐसी जगह पर जहां पर सबसे अधिक खिलाड़ी खेलने के लिए इच्छुक हों। अगर स्कूलों में इस खेल के प्रति अधिक खिलाड़ी इच्छुक होते हैं तो वहीं पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। हालांकि इनमें स्कूल प्रशासन को अपने स्तर पर हॉल और खेल मैदान सहित खेल उपकरण की सहायता करनी होगी। इसके अलावा अगर भीम स्टेडियम में अधिक खिलाड़ी मिलते है तो वही पर प्रशिक्षण शुरू करवाया दिया जाएगा।
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प्रशिक्षण के लिए कम से कम चाहिए 12 खिलाड़ी
तलवारबाजी के खेल में प्रशिक्षण के लिए कम से कम 12 खिलाड़ियों का वर्ग होना आवश्यक है, ताकि वे बेहतर ढंग से प्रशिक्षण ले सकें। इसके साथ ही तलवारबाजी के खेल के लिए इलेक्ट्रोनिक सामान की जरूरत होती है। इसके लिए स्कोर बोर्ड की लागत तीन से पांच लाख रुपये और खिलाड़ी की खेल सामग्री की किट में इलेक्ट्रॉनिक पोशाक, इलेक्ट्रॉनिक तलवार और मास्क (हेलमेट) महत्वपूर्ण होते हैं, जिनकी कीमत 15 से 20 हजार रुपये है। अगर जिले में खिलाड़ियों की बेहतर संख्या होती है तो खेल सामग्री और स्कोर बोर्ड खेल विभाग की ओर से उपलब्ध करवाई जाएगी। मगर खिलाड़ियों की संख्या कम होती है तो खेल किट के रुपये खिलाड़ियों को ही वहन करने पड़ेंगे। तलवार बाजी में तीन तरह के फॉर्मेट होते हैं।
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कोच संदीप ने लगाई पदकों की झड़ी
हिसार जिले के गांव सिसाय निवासी संदीप सिहाग ने वर्ष 1996 में तलवारबाजी में अपना कॅरिअर शुरू किया था। खेल में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित प्रतियोगिताओं में 30 पदक जीते, जिनमें से 14 स्वर्ण और बाकी के रजत व कांस्य पदक हैं। इसके अलावा सैफ चैंपियनशिप में गोल्ड व सिल्वर, वर्ष 2014 के कॉमनवेल्थ गेम्स में सिल्वर पदक जीता है। वे भारतीय सेना से बतौर सूबेदार सेवानिवृत्त है, जिसके बाद उन्होंने नवंबर 2021 में खेल विभाग में हिसार में बतौर तलवारबाजी प्रशिक्षक नियुक्ति प्राप्त की।
वर्जन:
हाल ही में खेल विभाग ने तलवारबाजी कोच संदीप का हिसार से भिवानी तबादला किया है। यह जिले के खिलाड़ियों के लिए काफी अच्छी खबर है। अब खिलाड़ियों को जिला केंद्र पर ही तलवारबाजी का प्रशिक्षण मिल सकेंगे, जिससे वे इस खेल में भी मेडल जीतकर देश का नाम रोशन कर सकें

जेजी बनर्जी, जिला खेल एवं युवा कार्यक्रम अधिकारी, भिवानी।
वर्जन:
फिलहाल जिले में तलवारबाजी के खिलाड़ी नहीं है। ऐसे में तलवारबाजी के लिए नए खिलाड़ी तैयार करना ही हमारा लक्ष्य है। नए खिलाड़ियों की तलाश के लिए स्कूल और खेल स्टेडियम में रोजाना समय दे रहे हैं, ताकि अच्छे खिलाड़ी और प्रशिक्षण के लिए केंद्र मिल सकें। अच्छे खिलाड़ी मिलते ही प्रशिक्षण शुरू करवा दिया जाएगा।
- संदीप सिहाग, तलवारबाजी कोच।
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