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Bhiwani News: रेलवे में नौकरी लगवाने के नाम पर की युवक से 9 लाख रुपये की ठगी
Mon, 20 May 2024 05:07 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Mon, 20 May 2024 05:07 AM IST
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भिवानी। रेलवे में नौकरी लगवाने के नाम पर नौ लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित ने इसकी शिकायत पुलिस अधीक्षक को दी। जिस पर औद्योगिक पुलिस थाना में तीन नामजद लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज हुआ है।
पुलिस को दी शिकायत में गांव नाथुवास निवासी नरेंद्र दलाल ने बताया कि 2013 में उसकी मुलाकात तिगड़ाना निवासी प्रदीप के साथ हुई थी। उसने कहा कि उसे बिना फाॅर्म भरे ही रेलवे में नौकरी लगवा देगा। उसने उससे नौकरी लगवाने के नाम पर नौ लाख रुपये मांगे। नौकरी लगने से पहले ढाई लाख और बाकी रुपये नौकरी लगने के बाद देने के लिए कहा। इसके बाद उसने आरोपी को 14 जुलाई को 50 हजार रुपये, 16 जुलाई को 20 हजार और 17 जुलाई को तीस हजार रुपये खाता में डाले। इसके बाद 20 जुलाई को डेढ़ लाख रुपये भी खाता में डाल दिए। इसके बाद 22 जुलाई को उसके पास दस्तावेज की प्रक्रिया की एक मेल आई। उसके बाद आरोपी प्रदीप ने उसे सत्यनारायण से मिलवाया। उसे कहा कि वह मेडिकल में अनफिट हो सकता है, इसलिए लोकल मेडिकल भी करा ले। इसके बाद 22 जुलाई को मेडिकल करवाने की फिर से उसके पास ईमेल आई। उसने अपना मेडिकल टेस्ट करवा लिया।
28 जुलाई को उसे नाॅर्दन रेलवे सेंटर अस्पताल बसंत लेन आर्म बाग कनाट पैलेस नई दिल्ली बुलाया गया। वहां पर उसे राहुल का फोन आया। एक अनजान व्यक्ति ने उसका ब्लड सैंपल लिया और फिर राहुल ने पैसे मांगे। इस पर 20 अगस्त को उसने 49 हजार और 24 अगस्त को तीस हजार रुपये व 28 अगस्त को डेढ़ लाख रुपये भी दे दिए। उसके घर 28 अगस्त को ज्वाइनिंग लेटर पहुंचा। जिसके बाद 15 सितंबर को उसे डीआरएम नई दिल्ली बुलाया गया था। इसी तरह बची हुई राशि में 50 हजार रुपये 13 सितंबर को डाले गए। 14 सितंबर को फिर डेढ़ लाख रुपये दिए। इसी तरह अन्य खातों में भी उसने हजारों रुपये डाले। 15 सितंबर को वह डीआरएम नई दिल्ली में ज्वाइनिंग के लिए पहुंचा तो काफी कागजातों पर उसके हस्ताक्षर कराए गए और अगले दिन ड्यूटी पर आने के लिए बोला। जब वह अगले दिन वहां पहुंचा तो उसकी ज्वाइनिंग नहीं हुई और कोई भी फोन नहीं मिला। उसने वहां की पुलिस चौकी में पहुंचकर मामले की शिकायत दी। जिसके बाद वहां से उसे यहां शिकायत देने के लिए बोला। मामले की शिकायत पुलिस अधीक्षक को दी। इस पर पुलिस ने तीनों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर तहकीकात शुरू कर दी।
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पुलिस को दी शिकायत में गांव नाथुवास निवासी नरेंद्र दलाल ने बताया कि 2013 में उसकी मुलाकात तिगड़ाना निवासी प्रदीप के साथ हुई थी। उसने कहा कि उसे बिना फाॅर्म भरे ही रेलवे में नौकरी लगवा देगा। उसने उससे नौकरी लगवाने के नाम पर नौ लाख रुपये मांगे। नौकरी लगने से पहले ढाई लाख और बाकी रुपये नौकरी लगने के बाद देने के लिए कहा। इसके बाद उसने आरोपी को 14 जुलाई को 50 हजार रुपये, 16 जुलाई को 20 हजार और 17 जुलाई को तीस हजार रुपये खाता में डाले। इसके बाद 20 जुलाई को डेढ़ लाख रुपये भी खाता में डाल दिए। इसके बाद 22 जुलाई को उसके पास दस्तावेज की प्रक्रिया की एक मेल आई। उसके बाद आरोपी प्रदीप ने उसे सत्यनारायण से मिलवाया। उसे कहा कि वह मेडिकल में अनफिट हो सकता है, इसलिए लोकल मेडिकल भी करा ले। इसके बाद 22 जुलाई को मेडिकल करवाने की फिर से उसके पास ईमेल आई। उसने अपना मेडिकल टेस्ट करवा लिया।
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28 जुलाई को उसे नाॅर्दन रेलवे सेंटर अस्पताल बसंत लेन आर्म बाग कनाट पैलेस नई दिल्ली बुलाया गया। वहां पर उसे राहुल का फोन आया। एक अनजान व्यक्ति ने उसका ब्लड सैंपल लिया और फिर राहुल ने पैसे मांगे। इस पर 20 अगस्त को उसने 49 हजार और 24 अगस्त को तीस हजार रुपये व 28 अगस्त को डेढ़ लाख रुपये भी दे दिए। उसके घर 28 अगस्त को ज्वाइनिंग लेटर पहुंचा। जिसके बाद 15 सितंबर को उसे डीआरएम नई दिल्ली बुलाया गया था। इसी तरह बची हुई राशि में 50 हजार रुपये 13 सितंबर को डाले गए। 14 सितंबर को फिर डेढ़ लाख रुपये दिए। इसी तरह अन्य खातों में भी उसने हजारों रुपये डाले। 15 सितंबर को वह डीआरएम नई दिल्ली में ज्वाइनिंग के लिए पहुंचा तो काफी कागजातों पर उसके हस्ताक्षर कराए गए और अगले दिन ड्यूटी पर आने के लिए बोला। जब वह अगले दिन वहां पहुंचा तो उसकी ज्वाइनिंग नहीं हुई और कोई भी फोन नहीं मिला। उसने वहां की पुलिस चौकी में पहुंचकर मामले की शिकायत दी। जिसके बाद वहां से उसे यहां शिकायत देने के लिए बोला। मामले की शिकायत पुलिस अधीक्षक को दी। इस पर पुलिस ने तीनों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर तहकीकात शुरू कर दी।
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